एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्या मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को बड़ा झटका लगा है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को NIA की अपील मंजूर कर ली और विशेष अदालत का 29 सितंबर 2026 का जमानत आदेश रद्द कर दिया. अब वाजे जेल से बाहर नहीं आ पाएगा. वह 2021 से जेल में है. हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को ही जमानत पर रोक लगा दी थी.
जस्टिस जी एस कुलकर्णी और डॉ नीला गोखले की बेंच ने कहा कि निचली अदालत का आदेश रद्द किया जाता है और अपील मंजूर की जाती है. यह मामला NIA की FIR नंबर RC-01/2021/NIA/MUM का है. अपील का नंबर क्रिमिनल अपील 850/2026 है (NIA बनाम सचिन वाजे एवं अन्य).
सितंबर में विशेष अदालत ने वाजे को जमानत दी थी. वह ठाणे सेंट्रल जेल से रिहा हो पाता, इससे पहले ही NIA ने उसी दिन हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती दी और अंतरिम राहत मांगी.
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NIA ने याचिका में कहा कि विशेष अदालत ने केस के तथ्यों और हालात को देखे बिना गलत और गैरकानूनी आदेश दिया, जो तथ्यों और कानून दोनों पर गलत है. एजेंसी के मुताबिक अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून 1967 की धारा 43D की सख्ती को नजरअंदाज किया. NIA ने वाजे को मुख्य आरोपी बताया, जिसकी भूमिका आतंकी अपराध में केंद्रीय है. यह भी कहा कि अदालत ने जमानत के समय न्यायिक जांच का दायरा गलत समझा.
20 जिलेटिन की छड़ों से भरी महिंद्रा स्कॉर्पियो और उद्योगपति मुकेश अंबानी व उनके परिवार के नाम धमकी भरी चिट्ठी उनके घर एंटीलिया के पास खड़ी मिली थी. NIA की जांच के मुताबिक वाजे ने साजिश रची और गाड़ी वहां खड़ी की, ताकि बड़ा संकट खड़ा हो, अपनी जांच क्षमता दिखाकर करियर बचा सके और पैसे वसूल सके. स्कॉर्पियो ठाणे के ऑटो पार्ट्स कारोबारी मनसुख हिरेन की थी, जिन्होंने गाड़ी गुम होने की शिकायत पहले की थी. बाद में वे मृत मिले.
विशेष अदालत ने कहा था कि रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं है जिससे लगे कि अंबानी या परिवार वाकई डरे थे. अदालत ने NIA की आलोचना की कि उसने अंबानी या परिवार के बयान दर्ज नहीं किए.