दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) परिसर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब BSc नर्सिंग कॉलेज का छात्र धनंजय कुमार परीक्षा में शामिल नहीं होने देने से नाराज होकर अस्पताल परिसर से सटे एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया. देखते ही देखते पूरे अस्पताल और कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम और कॉलेज प्रशासन मौके पर पहुंच गया. छात्र को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए उसके सहपाठियों, कॉलेज अधिकारियों और नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल ने लगातार समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़ा रहा.
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करीब चार घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान छात्र ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर परीक्षा में बैठने से रोका गया है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. वह नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. भावना भारती को निलंबित करने की मांग भी कर रहा था.
आश्वासन मिलने के बाद सुरक्षित नीचे उतरा छात्र
घटना की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन और अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी लगातार छात्र से बातचीत करते रहे. उसे भरोसा दिलाया गया कि उसकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और पूरे मामले में न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाएगा.
अधिकारियों ने छात्र को यह भी आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद यदि सब कुछ सही पाया गया तो उसे परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा. इसके बाद छात्र धनंजय कुमार खुद मोबाइल टावर से सुरक्षित नीचे उतर आया.
छात्र के सुरक्षित नीचे आने के बाद कॉलेज प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली. मौके पर मौजूद लोगों ने भी पूरे घटनाक्रम के खत्म होने पर राहत महसूस की.
छात्र बोला- मानसिक रूप से किया गया प्रताड़ित
मोबाइल टावर से नीचे उतरने के बाद छात्र धनंजय कुमार ने बातचीत में आरोप लगाया कि नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल द्वारा उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था. उसने दावा किया कि जानबूझकर उसे परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया.
छात्र ने कहा कि वह अपनी गलती के लिए पहले ही लिखित रूप से माफी मांग चुका था, लेकिन इसके बावजूद उसे परीक्षा से वंचित रखा गया. उसके मुताबिक उसे अपना भविष्य अंधकारमय दिखाई देने लगा था, इसलिए उसने यह कदम उठाया. छात्र ने यह भी कहा कि उसे अब भी पूरा भरोसा नहीं है कि उसके साथ न्याय होगा.
घटनास्थल पर मौजूद बड़ी संख्या में लोग पूरे घटनाक्रम को देखते रहे. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम लगातार किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रही.
प्रिंसिपल और अधीक्षक ने क्या कहा?
नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. भावना भारती ने छात्र के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित छात्र कॉलेज के अनुशासन और नियमों का पालन नहीं करता था. उसे सुधारने और नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने के लिए कुछ सख्त कदम उठाए गए थे.
उन्होंने कैमरे पर यह भी स्वीकार किया कि छात्र को परीक्षा में शामिल होने से रोका गया था. हालांकि उनका कहना था कि यह निर्णय अनुशासन बनाए रखने और संस्थान के नियमों के तहत लिया गया था, ताकि छात्र अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से समझे.
वहीं, DMCH के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि छात्र की कई मांगें थीं, जिनमें नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल को निलंबित करने और परीक्षा में शामिल किए जाने की मांग भी शामिल थी. छात्र को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद उचित निर्णय लेते हुए परीक्षा में शामिल होने पर फैसला किया जाएगा. इसके बाद ही छात्र सुरक्षित मोबाइल टावर से नीचे उतर गया.