दरभंगा के कीरतपुर स्थित प्राइमरी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग में पढ़ाई करने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर आजतक द्वारा दिखाई गई खबर का बड़ा असर हुआ है. बिहार की सम्राट चौधरी सरकार के शिक्षा विभाग ने तुरंत कदम उठाते हुए स्कूल में चलने वाली क्लास को मध्य विद्यालय गोसवा कैंपस में चलाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है.
दरअसल, आजतक ने शुक्रवार 2 अक्टूबर को बिहार के अलग-अलग 5 जिलों(दरभंगा के कीरतपुर, छपरा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बेगूसराय ) के सरकारी स्कूलों का रियलिटी चेक किया था, जहां बच्चे टूटी छतें-दरकी दीवारें और टूटे पिलर के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
जर्जर हो चुकी है बिल्डिंग
रिपोर्ट में प्राथमिक विद्यालय कीरतपुर की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से उठाया था. खबर में बताया गया था कि कीरतपुर के प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और बिल्डिंग का एक पिलर करीब चार-पांच महीने पहले जवाब दे चुका है. छत को बेंच और ईंटों के सहारे गिरने से रोकने की कोशिश की जा रही है और कभी-भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है. इस गंभीर खतरे के बीच मासूम बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है.
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CM ने रात को जारी किया आदेश
इसी के तुरंत बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दरभंगा के जर्जर स्कूल मामले में संज्ञान लेते हुए 2 अक्टूबर को ही स्कूल को शिफ्ट करने का फरमान जारी कर दिया.
शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अलीनगर ने 2 अक्टूबर को ही पत्रांक 407 के जरिए स्कूल शिफ्ट करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया. जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि प्राइमरी स्कूल कीरतपुर की बिल्डिंग जर्जर स्थिति में है, जिससे छात्र-छात्राओं के चोटिल और दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. इसी को देखते हुए 5 अक्टूबर 2026 से क्लास मध्य विद्यालय गोसवा में चलाने का निर्देश दिया गया है.
अधिकारियों ने किया स्कूल का निरीक्षण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आदेश जारी होने के बाद शनिवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कीरतपुर प्राइमरी स्कूल पहुंचकर बिल्डिंग की मौजूदा स्थिति और शिफ्टिंग की तैयारियों का जायजा लिया.
अधिकारियों के स्कूल का निरीक्षण के बाद प्राइमरी स्कूल कीरतपुर के प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी विद्यालय का निरीक्षण करने आए थे. जो भी अधिकारी निरीक्षण करने आते है, वह सिर्फ और सिर्फ आश्वासन देने के अलावा कुछ नहीं करते. साथ ही उन्होंने खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के लिए आजतक का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया.