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बांकीपुर बना डेब्यूटेंट का अखाड़ा... अभिषेक कुमार, पीके और वीना मानवी तीनों पहली बार मैदान में

बिहार में बांकीपुर उपचुनाव काफी रोचक होता जा रहा है. नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर सीट पर संयोग है या फिर प्रयोग कि चार प्रमुख उम्मीदवारों में से तीन प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. इस तरह बांकीपुर डेब्यूटेंट उम्मीदवारों का सियासी अखाड़ा बन गया है.

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बीकांपुर से चुनावी पारी का आगाज करने वाले कैंडिडेट (Photo-ITG)
बीकांपुर से चुनावी पारी का आगाज करने वाले कैंडिडेट (Photo-ITG)

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट हमेशा से प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल रही है. इसी सीट से बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने 20 साल पहले अपनी सियासी पारी का आगाज किया था. अब उनके इस्तीफा देने के बाद बांकीपुर उपचुनाव पुराने दिग्गजों का अखाड़ा नहीं बल्कि डेब्यूटेंट' यानि पहली बार चुनाव लड़ रहे चेहरों की प्रयोगशाला बन गई है.

बांकीपुर उपचुनाव मैदान में उतरे मुख्य चार उम्मीदवारों में से तीन ऐसे हैं, जो पहली बार चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं.  जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से लेकर बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार और सामाजिक कार्यकर्ता वीना मानवी ने अपनी चुनावी पारी का आगाज बांकीपुर उपचुनाव से कर रहे हैं. 

वहीं, आरजेडी के टिकट पर किस्मत आजमा रही रेखा गुप्ता एक बार फिर से बांकीपुर सीट से चुनाव मैदान में उतरी हैं. इस तरह रेखा गुप्ता एकलौती चेहरा हैं, जो दूसरी बार चुनाव लड़ रही हैं. बांकीपुर सीट पर तीन दिग्गजों का 'इलेक्शन डेब्यू' है तो रेखा गुप्ता दूसरी बार किस्मत आजमा रही. अब देखना है कि बांकीपुर सीट पर जीत का परचम कौन फहराता है. 

प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा
देशभर में कई मुख्यमंत्रियों और पार्टियों को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) इस बार खुद पर्दे के पीछे रहकर नहीं बल्कि चुनावी अखाड़े में उतरकर किस्मत आजमा रहे हैं. बिहार में बीजेपी की सबसे मजबूत माने जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट से प्रशांत किशोर ने ताल ठोक रखी है और घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं. 

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प्रशांत किशोर 'जन सुराज' मुहिम को राजनीतिक दल में बदलने के बाद पहली बार किसी चुनावी मैदान में उतरे हैं. बांकीपुर की सीट उनकी साख की सबसे बड़ी परीक्षा है. रणनीतियों के जाल बुनने वाले पीके के लिए खुद के लिए वोट मांगना और बांकीपुर के प्रबुद्ध मतदाताओं को रिझाना अलग-अलग है. ऐसे में बांकीपुर सीट से जीतने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी होगी. 

नवीन के सियासी उत्तराधिकारी अभिषेक 
नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने अभिषेक कुमार को उतारा है. अभिषेक कुमार बांकीपुर से अपना चुनावी डेब्यू कर रहे हैं. कायस्थ समुदाय से आने वाले अभिषेक बीजेपी के साथ लंबे समय से जुड़े हुए थे, नितिन नवीन के करीबी माने जाते हैं. युवाओं के बीच पैठ और पार्टी कैडर के दम पर अभिषेक बीजेपी के वर्चस्व को बचाए रखने की जंग चल रही है. 

बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार को जेडीयू सहित एनडीए का समर्थन हासिल है. स्थानीय होने के नाते बांकीपुर के लिए पहचान के मोहताज नहीं है, लेकिन पीके के सामने उतरने से उनके लिए चुनौती काफी मुश्किल भरी हो गई है. अभिषेक कुमार बांकीपुर सीट से गुरुवार को नामांकन करेंगे, जिसमें नितिन नवीन मौजूद रहने वाले हैं. 

तेज प्रताप के भरोसे वीना मानवी
पुरुष अधिकार संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता वीना मानवी अपना पहला चुनाव बांकीपुर सीट से लड़ रही है. समाज में अपनी बेबाक छवि और सामाजिक मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहने वाली वीना मानवी ने तेज प्रताप यादव की पार्टी से किस्मत आजमा रही है. लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की नई पार्टी जनशक्ति जनता दल से चुनाव लड़ रही वीना मानवी की नजर ओबीसी से लेकर दलित और अल्पसंख्यक वोटों पर है, जिसका विश्वास जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है. 

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राखी गुप्ता की सेकेंड पारी
बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर से लेकर अभिषेक कुमार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं तो आरजेडी की राखी गुप्ता बांकीपुर के अखाड़े की इकलौती ऐसी खिलाड़ी हैं जो 'दूसरी बार' चुनावी मैदान में हैं. पटना की पूर्व मेयर रह चुकी राखी गुप्ता के पास जनता के बीच जाकर चुनाव जीतने और शहरी मतदाताओं की नब्ज समझने का पुराना अनुभव है।

राखी गुप्ता इस मुकाबले में खुद को सबसे परिपक्व और आजमाया हुआ उम्मीदवार बताकर वोटरों के बीच जा रही हैं. 2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन के खिलाफ लड़कर रेखा गुप्ता ने 46,363 वोट हासिल कर दूसरे नंबर पर रही थी. इस बार रेखा गुप्ता मुस्लिम-यादव के साथ वैश्य समुदाय के वोटों को एकजुट करने में लगी हैं, क्योंकि इस सीट पर कायस्थ के बाद वैश्य समुदाय के सबसे ज्यादा वोट है. 

बांकीपुर का मिजाज और चुनावी गणित
बांकीपुर सीट पर पटना के सबसे संभ्रांत और पढ़े-लिखे मतदाताओं की आबादी है. यहां का वोटर सिर्फ वादों पर नहीं,बल्कि उम्मीदवार की काबिलियत और विजन पर वोट करता है. एक तरफ राखी गुप्ता का पुराना प्रशासनिक अनुभव है, तो दूसरी तरफ पीके का आधुनिक विजन, अभिषेक कुमार का युवा जोश और वीना मानवी का सामाजिक तेवर है.

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बांकीपुर सीट पर कायस्थ, सवर्ण और व्यापारी वर्ग की भूमिका निर्णायक होती है. तीनों नए उम्मीदवार इसी पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि राखी गुप्ता अपने पुराने काम के भरोसे इस किले को बचाने में जुटी हैं.बांकीपुर का उपचुनाव बेहद खास क्योंकि पीके से लेकर अभिषेक और वीना तक
अपना चुनावी'डेब्यूटेंट' कर रही हैं. 

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