हमारे आसपास ना जाने कितनी ही मशीनें मौजूद हैं. लेकिन क्या हो अगर ये मशीनें जानवरों का रूप लेने लगें. शायद इसके बाद इंसानों के लिए इन मशीनी जानवरों को अपने हिसाब से इस्तेमाल करना आसान हो जाएगा. रोबोटिक डॉग्स पहले से हमारे बीच मौजूद हैं, लेकिन इससे आगे बढ़ते हुए एक कंपनी रोबोटिक घोड़ा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है.
कावासाकी (Kawasaki) ने अपने रोबोटिक घोड़े कोर्लियो (Corleo) का डेवलपमेंट शुरू कर दिया है. ये एक चार पैरों पर चलने वाला ऑफ-रोड मोबिलिटी व्हीकल होगा, जो हाइड्रोजन पावर पर काम करेगा. वैसे चार पैरों पर चलने वाले इस रोबोट को दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनियों में से एक बना रही है.
2030 में रियाद (सऊदी अरब) में होने वाली एक्सपो में कावासाकी इसे ऑन-साइट मोबिलिटी व्हीकल के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है. वहीं कंपनी 2035 तक इसके कमर्शियलाइजेशन पर काम कर रही है. कंपनी ने पहली बार कोर्लियो का कॉन्सेप्ट 2025 में ओसाका में हुए एक्सपो में दिखाया था.
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उसी वक्त कंपनी ने एक सेफ एडवेंचर बिजनेस डेवलपमेंट टीम बनाई, जिसका काम कोर्लियो को कमर्शियलाइजेशन के लिए डेवलप करना है. साथ ही इस टीम का फोकस 2030 में रियाद में होने वाले एक्सपो में इसके इस्तेमाल पर भी है.
कोर्लियो चार पैरों पर चलने वाला एक रोबोट है, जिसके चारों पैर अलग-अलग काम करते हैं. इसके पीछे के पैरों में स्विंग आर्म मैकेनिज्म दिया गया है, जो इसे अलग-अलग मूव करने में मदद करता है. साथ ही ये शॉक्स को एब्जॉर्ब करते हैं, जिससे राइडर को पॉस्चर मेंटेन करने में मदद मिलती है.

ये व्हीकल कुछ ऐसे काम करता है जैसे रियल लाइफ में घोड़ा दौड़ता है. कोर्लियो के रियर साइड में हाइड्रोजन को स्टोर किया जाएगा. ये व्हीकल 150 सीसी के हाइड्रोजन इंजन पर काम करेगा, जो चारों पैरों के लिए बिजली पैदा करेगा. कावासाकी ने बताया है कि इसमें दिए गए हाइड्रोजन कनस्तर को बदला जा सकेगा.
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इससे फ्यूल भरने का पारंपरिक तरीका बदलेगा. यानी एक कनस्तर का हाइड्रोजन खत्म हुआ, तो आप उसकी जगह दूसरा लगा सकेंगे. कोर्लियो का कंट्रोल सिस्टम व्हीकल के पॉस्चर और मूवमेंट को मॉनिटर करेगा.
इससे मुश्किल रास्तों में व्हीकल का रिस्पॉन्स बेहतर होगा. कावासाकी इसे उन रास्तों या जगहों के लिए तैयार कर रही है, जहां मौजूदा बाइक या कार को चलाना मुश्किल होता है. यानी इसके लिए रास्ता बनाने की जरूरत नहीं होगी.