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7 गुना तेज इलाज... ड्रोन पहुंचाएंगे ब्लड और ऑर्गन! हेल्थकेयर सिस्टम बदलेगा इलेक्ट्रिक एयर एम्बुलेंस

इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) एयरक्रॉफ्ट (The ePlane Company) और अपोलो हॉस्पिटल इंटरप्राइजेज लिमिटेड ने एक समझौता (MoU) किया है. इस साझेदारी के तहत देश में इलेक्ट्रिक एयर एम्बुलेंस और मेडिकल डिलीवरी ड्रोन सर्विस शुरू किया जाएगा.

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ePlane कंपनी वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) एयरक्रॉफ्ट डेवलप कर रही है. Photo: ITG
ePlane कंपनी वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) एयरक्रॉफ्ट डेवलप कर रही है. Photo: ITG

ePlane Electric Air Ambulance: कभी आपने सोचा है कि ट्रैफिक जाम किसी की जान भी ले सकता है. भारत में हर साल हजारों लोग सड़क हादसों के बाद सिर्फ इसलिए दम तोड़ देते हैं क्योंकि अस्पताल तक पहुंचने में देर हो जाती है. अब तस्वीर बदलने की तैयारी है. सड़क नहीं, आसमान से एम्बुलेंस आएगी. मरीज को उठाएगी और मिनटों में बड़े अस्पताल पहुंचा देगी. इतना ही नहीं, खून, दवाइयां और इंसानी अंग भी ड्रोन से उड़कर अस्पताल पहुंचेंगे. यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि भारत के हेल्थकेयर सिस्टम में आने वाला बड़ा बदलाव है, जिसकी शुरुआत 'द ईप्लेन कंपनी' और अपोलो हॉस्पिटल की नई साझेदारी से होने जा रही है.

दरअसल, चेन्नई बेस्ड इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) एयरक्रॉफ्ट बनाने वाली 'द ईप्लेन कंपनी (The ePlane Company) और अपोलो हॉस्पिटल इंटरप्राइजेज लिमिटेड ने एक समझौता (MoU) किया है. इस साझेदारी के तहत देश में इलेक्ट्रिक एयर एम्बुलेंस और मेडिकल डिलीवरी ड्रोन शुरू किया जाएगा. इससे सड़क हादसों, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दूसरी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को बहुत कम समय में बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. कंपनी का कहना है कि इससे शहरों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और तेज इलाज मिल सकेगा.

electric air ambulance
(बाएँ से दाएँ): आदित्य रेड्डी, डायरेक्टर, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप; एस. एम. कृष्णन, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Photo: ITG

 

भारत में हर साल 1.7 लाख से ज्यादा लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है. इनमें से केवल 5 में 1 मरीज ही बेहद जरूरी 'गोल्डन ऑवर' के भीतर ट्रॉमा सेंटर तक पहुंच पाता है. यही वजह है कि कई लोगों की जान समय पर इलाज नहीं मिलने से चली जाती है. इस नई साझेदारी का मकसद मरीजों को बिना देरी सीधे अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाना है. ताकि समय रहते उन्हें इलाज मिल सके और गंभीर स्थिति में जान बचाई जा सके.

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अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा कि, भारत में कई लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली जाती है क्योंकि मदद समय पर नहीं पहुंच पाती. उन्होंने कहा कि बेहतर इलाज के साथ-साथ समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है. उनके मुताबिक ePlane Company के साथ यह साझेदारी देश के हर कोने तक आधुनिक मेडिकल सुविधा पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है.

7 गुना तेज होगा मरीजों का ट्रांसफर

ePlane Company के फाउंडर और CTO प्रो. सत्य चक्रवर्ती ने कहा कि इमरजेंसी में हर मिनट की कीमत होती है. उन्होंने बताया कि कंपनी के इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट और ड्रोन हादसे की जगह से अस्पताल तक पहुंचने के समय को काफी कम कर सकते हैं. खासकर उन इलाकों में जहां बड़े अस्पताल काफी दूर हैं, यह तकनीक लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है.

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2019 में IIT मद्रास के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर प्रो. सत्य चक्रवर्ती ने ePlane कंपनी की शुरुआत की थी. Photo: eplane.ai

 

कंपनी का e200X इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट अस्पताल से अस्पताल मरीजों को ले जाने, ट्रॉमा केस, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अंग प्रत्यारोपण के लिए ऑर्गन ट्रांसपोर्ट जैसे कामों के लिए तैयार किया गया है. कंपनी का दावा है कि यह सड़क के मुकाबले मरीजों को 7 गुना तक तेजी से पहुंचा सकता है. साथ ही हेलीकॉप्टर की तुलना में इसका खर्च भी कम होगा.

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मेडिकल ड्रोन पहुंचाएंगे खून, दवाइयां और ऑर्गन

इस साझेदारी में ePlane Company की सहयोगी कंपनी Amber Wings के मेडिकल ड्रोन भी शामिल होंगे. ये ड्रोन अस्पतालों के बीच खून, ऑर्गन, वैक्सीन, दवाइयां और जांच के सैंपल पहुंचाने का काम करेंगे. जहां पहले इन चीजों को पहुंचाने में कई घंटे लग जाते थे, वहीं ड्रोन की मदद से यह काम कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा.

अपोलो हॉस्पिटल इस प्रोजेक्ट में अपने 1,066 एम्बुलेंस, अस्पताल, क्लीनिक, फार्मेसी और डायग्नोस्टिक सेंटर का नेटवर्क उपलब्ध कराएगा. दोनों कंपनियों का कहना है कि एयर एम्बुलेंस, सड़क एम्बुलेंस और मेडिकल ड्रोन को एक साथ जोड़कर एक मॉडर्न इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे शहरों और ग्रामीण इलाकों के मरीजों को तेजी से इलाज मिल सकेगा.

Air ambulance
कंपनी का दावा है कि यह सड़क के मुकाबले मरीजों को 7 गुना तक तेजी से पहुंचा सकता है. Photo: eplane.ai

 

निवेश की भी तैयारी

समझौते के तहत अपोलो हॉस्पिटल ने भविष्य में e200X एयर एम्बुलेंस और एंबर विंग्स मेडिकल ड्रोन खरीदने में भी दिलचस्पी दिखाई है. इसके अलावा अपोलो हॉस्पिटल भविष्य में द ईप्लेन कंपनी में निवेश करने की संभावना पर भी विचार कर रहा है. हालांकि इसके लिए आगे दोनों कंपनियों के बीच अलग से समझौता होगा. दोनों संस्थाएं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर जरूरी नियमों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम करेंगी, ताकि इस नई सर्विस को सुरक्षित और बेहतर ढंग से शुरू किया जा सके.

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कैसी है द ईप्लेन कंपनी?

द ईप्लेन कंपनी चेन्नई, तमिलनाडु बेस्ड एक डीप-टेक एयरोस्पेस स्टार्टअप है, जिसे 2019 में IIT मद्रास के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर प्रो. सत्य चक्रवर्ती (Prof. Satya Chakravarthy) ने शुरू किया था. यह कंपनी पूरी तरह इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) विमान डेवलप कर रही है. कंपनी का प्रमुख प्रोजेक्ट e200X है, जिसे भारत का पहला इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी प्रोटोटाइप माना जा रहा है और इसका इस्तेमाल एयर टैक्सी, एयर एम्बुलेंस तथा एयर कार्गो जैसे कई अलग-अलग कामों के लिए किया जाएगा. इसके अलावा कंपनी मेडिकल डिलीवरी ड्रोन और इलेक्ट्रिक एयर एम्बुलेंस नेटवर्क पर भी काम कर रही है.

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