पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अंदर जारी सियासी हलचल के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को पहला झटका लगा है. दरअसल, महिला तृणमूल के लोकतांत्रिक गुट की अध्यक्ष सबीना यास्मीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब मित्रा को भेजा है. सबीना ने विधायकों के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी इस्तीफे की जानकारी दी है.
सबीना यास्मीन ने अपने इस्तीफे की वजह खराब सेहत को बताया है. उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है. फिलहाल उनके इस्तीफे को लेकर इससे ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.
सबीना यास्मीन महिला तृणमूल के उस धड़े की अध्यक्ष थीं, जिसे ऋतब्रत बनर्जी के गुट का समर्थन हासिल था. पार्टी के अंदर हाल में बदले समीकरणों के बाद सबीना ऋतब्रत गुट के साथ जुड़ी थीं. इसी गुट ने उन्हें महिला संगठन के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी.
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पार्टी के अंदर बदले समीकरणों के बीच इस्तीफा
सबीना का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के अंदर गुटों को लेकर चर्चा तेज है. उनके ऋतब्रत गुट से जुड़े होने के कारण इस फैसले को उस गुट के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, सबीना ने अपने इस्तीफे के पीछे किसी गुटीय विवाद या राजनीतिक मतभेद का जिक्र नहीं किया है. उन्होंने स्वास्थ्य को ही इसकी वजह बताया है.
उनके इस्तीफे के बाद अब महिला तृणमूल के इस धड़े में संगठन की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी, इस पर नजर रहेगी. पार्टी की ओर से नए अध्यक्ष या आगे की संगठनात्मक व्यवस्था को लेकर कोई जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
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सबीना यास्मीन का पद छोड़ना तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रहे घटनाक्रम के बीच अहम माना जा रहा है. हालांकि, केवल इस इस्तीफे के आधार पर ऋतब्रत गुट की राजनीतिक स्थिति या संगठन पर इसके असर को लेकर कोई ठोस निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी. फिलहाल यह साफ है कि महिला तृणमूल के लोकतांत्रिक गुट की अध्यक्ष ने पद छोड़ दिया है. इसके लिए उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया है.
तपस सेनगुप्ता