'आजादी की लड़ाई में सिर्फ नेहरू ही जेल नहीं गए थे', राहुल गांधी पर सीएम योगी का तंज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और पुरानी सरकारों पर तंज कसा. सीएम योगी ने कहा कि देश की आजादी के लिए सिर्फ जवाहरलाल नेहरू ही जेल नहीं गए थे, बल्कि महाशय मसुरियादीन पासी ने भी लंबा समय जेल में बिताया.

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CM योगी ने आजादी की लड़ाई में महाशय मसुरियादीन पासी के योगदान को याद किया. (Photo- ITGD) CM योगी ने आजादी की लड़ाई में महाशय मसुरियादीन पासी के योगदान को याद किया. (Photo- ITGD)

आशीष श्रीवास्तव

  • प्रयागराज,
  • 15 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:03 PM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पुरानी सरकारों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए सिर्फ जवाहरलाल नेहरू ही जेल नहीं गए, बल्कि स्वतंत्रता सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी ने भी बड़ा योगदान दिया.

सीएम योगी गुरुवार को प्रयागराज के तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज पहुंचे थे. वहां उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया.

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इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'मैं राहुल गांधी जी को बताना चाहता हूं कि एक बात नोट करना, देश की आजादी के लिए सिर्फ और सिर्फ नेहरू जेल नहीं गए थे. देश की आजादी के लिए महाशय मसुरियादीन पासी भी जेल गए थे.'

महाशय मसुरियादीन पासी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'वो एक-दो महीना नहीं, बल्कि 1932 से लेकर 1944 तक जेल के अंदर रहकर भारत की आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने का काम कर रहे थे.'

सीएम योगी ने आगे कहा कि महाशय मसुरियादीन जैसे महापुरुष ने सिर्फ 66-67 साल का जीवन जिया. इसमें से लगभग 9 साल उन्होंने देश की आजादी के लिए जेल के अंदर बिताए और आजादी की अलख जगाने का महान कार्य किया.

चौराहे और संस्थान का नाम बदलने का ऐलान

स्वतंत्रता संग्राम में महाशय मसुरियादीन के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके योगदान की पहले अनदेखी की गई थी. उन्होंने ऐलान किया कि जिस जगह प्रतिमा स्थापित की गई है, उस चौराहे का नाम महाशय मसुरियादीन के नाम पर रखने के लिए वो मेयर से प्रस्ताव भेजने को कहेंगे.

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इसके अलावा, राज्य सरकार शहर के एक संस्थान का नाम भी इस स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखेगी और वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करेगी. सीएम योगी ने कहा, 'वंचितों और दलितों की आवाज उठाने वाले तथा उन्हें सशक्त बनाने वाले हर महापुरुष का सम्मान होना चाहिए.' 

यह भी पढ़ें: कसारी-मसारी का नाम-ओ-निशान मिटाएगी योगी सरकार: अतीक अहमद के गढ़ को अब 'कृष्णपुरी' के रूप में मिलेगी नई पहचान!

महाशय मसुरियादीन संविधान सभा के सदस्य और फूलपुर से पूर्व सांसद रहे थे. उन्होंने अंग्रेजों के जमाने के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट का भी विरोध किया था. मुख्यमंत्री ने उनके परिवार को भरोसा दिया कि राज्य सरकार उनकी विरासत को हमेशा सुरक्षित रखेगी.

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