श्रीलंका में पानी की किल्लत, 72 हजार लोगों तक टैंकर से सप्लाई, अल-नीनो ने बढ़ाई मुश्किल

जहां पानी रोजमर्रा की जरूरत है, वहीं अब इसकी सप्लाई टैंकरों के भरोसे है. श्रीलंका में सूखे ने ऐसा संकट खड़ा किया है कि हजारों लोगों के लिए पानी की हर बूंद जरूरी हो गई है.

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श्रीलंका के सात जिलों में तालाब-नदियां सूख गई है, जिससे पानी की किल्लत हो रही है. (Photo: Reuters) श्रीलंका के सात जिलों में तालाब-नदियां सूख गई है, जिससे पानी की किल्लत हो रही है. (Photo: Reuters)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:09 PM IST

श्रीलंका में सूखे के कारण पानी की कमी बढ़ गई है. देश के सात जिलों में करीब 72 हजार लोगों तक सरकार टैंकरों से पानी पहुंचा रही है. इस स्थिति की एक बड़ी वजह इस साल का अल-नीनो बताया जा रहा है. सरकार ने पानी पहुंचाने के लिए 4.8 अरब श्रीलंकाई रुपये यानी करीब 14 मिलियन डॉलर का बजट रखा है. अभी सरकार ने सितंबर के तीसरे हफ्ते तक पानी पहुंचाने की योजना बनाई है.

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श्रीलंका के पर्यावरण मंत्री दम्मिका पटाबेंडी ने कहा कि पहले सरकार को उम्मीद थी कि अल-नीनो का असर नवंबर के आसपास सबसे ज्यादा होगा. अब माना जा रहा है कि इसका असर इससे पहले ही सबसे ज्यादा हो सकता है. मंत्री के मुताबिक, सितंबर के बाद साल के आखिर में होने वाली मॉनसूनी बारिश से कुछ राहत मिल सकती है. लेकिन अगले साल की शुरुआत में फिर सूखा पड़ने का खतरा है.

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हर परिवार को 2-3 दिन में 75 लीटर पानी

जिन इलाकों में सूखा है, वहां पानी पहुंचाने के लिए सरकार दूसरे इलाकों से पानी ला रही है. पानी के टैंकरों से लोगों तक सप्लाई की जा रही है. हर परिवार को दो से तीन दिन में करीब 75 लीटर पानी दिया जा रहा है. यह पानी पीने और साफ-सफाई जैसे जरूरी कामों के लिए इस्तेमाल हो रहा है.

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सरकार ने फिलहाल सितंबर के तीसरे हफ्ते तक पानी पहुंचाने की योजना बनाई है. अगर सूखे की स्थिति आगे भी रहती है तो इस योजना को बढ़ाया जा सकता है.

नारियल और सब्जियों की फसल पर असर

पानी की कमी का असर खेती पर भी पड़ रहा है. श्रीलंका में नारियल और सब्जियों की फसल को कम पानी मिलने से परेशानी हो रही है. अगर सूखा ज्यादा समय तक रहा तो फसलों को और नुकसान हो सकता है.

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अल-नीनो प्राकृतिक मौसम की स्थिति है. इससे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदल सकता है. कहीं इससे सूखा पड़ता है तो कहीं ज्यादा बारिश और बाढ़ आ सकती है. इसका असर हर जगह एक जैसा नहीं होता.

याला नेशनल पार्क में भी पहुंचाया जा रहा पानी

सूखे की वजह से श्रीलंका के जंगलों और वन्यजीवों के लिए भी पानी की कमी हो गई है. सरकार कई वन्यजीव पार्कों में पानी पहुंचा रही है. इनमें याला नेशनल पार्क भी शामिल है. याला नेशनल पार्क में श्रीलंका में पाए जाने वाले तेंदुए की खास प्रजाति बड़ी संख्या में रहती है. वन्यजीव विभाग के महानिदेशक एल. मारासिंघे ने बताया कि पार्क में पानी पहुंचाने के लिए सोलर एनर्जी से चलने वाले पंप लगाए गए हैं.

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2015-16 में भी आया था अल-नीनो

श्रीलंका में इससे पहले 2015-16 में भी अल-नीनो का असर देखा गया था. इस बार सरकार मौसम पर नजर रख रही है. सितंबर के बाद होने वाली बारिश से राहत की उम्मीद है. लेकिन अगर सूखा जारी रहा तो लोगों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को आगे भी जारी रखा जाएगा.

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