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सूखे रेगिस्तान में फूलों की बहार! अल-नीनो की बारिश से अटाकामा में खिले लाखों फूल

आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:22 PM IST
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चिली के अटाकामा रेगिस्तान में इन दिनों लाखों फूल खिल गए हैं. दुनिया के सबसे सूखे इलाकों में शामिल इस रेगिस्तान में हुई तेज बारिश के बाद जमीन के अंदर पड़े बीज और बल्ब सक्रिय हो गए. अल नीनो से जुड़ी इस बारिश के बाद अटाकामा के कई हिस्सों में बैंगनी और सफेद फूल दिखाई दे रहे हैं. चिली की नेशनल फॉरेस्ट कॉरपोरेशन यानी CONAF के मुताबिक, अक्टूबर में इस फूलों का नजारा अपने चरम पर पहुंच सकता है और करीब 15 हजार हेक्टेयर इलाके में फूल खिलने का अनुमान है. Photo: AFP

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अटाकामा रेगिस्तान चिली के उत्तर में है और राजधानी सैंटियागो से करीब 800 किलोमीटर दूर है. यहां आमतौर पर बारिश बहुत कम होती है. इसी वजह से यहां कई पौधों के बीज और बल्ब जमीन के अंदर लंबे समय तक पड़े रहते हैं. जब उन्हें पर्याप्त पानी मिलता है तो वे दोबारा उगने लगते हैं. इस बार कुछ इलाकों में 180 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जो वहां के लिए बेहद ज्यादा है. इस पानी का एक बड़ा हिस्सा रेत के अंदर गहराई तक पहुंचा और इससे जमीन में छिपे पौधों को बढ़ने का मौका मिला. Photo: AFP
 

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जमीन के अंदर छिपे थे लाखों बीज... अटाकामा में फूलों का यह नजारा अचानक नहीं बना है. यहां करीब 200 प्रजातियों के पौधों के बीज और बल्ब जमीन के अंदर मौजूद रहते हैं. सूखे मौसम में ये पौधे एक तरह से रुके हुए रहते हैं. जैसे ही सही मात्रा में बारिश और नमी मिलती है, ये फिर से सक्रिय हो जाते हैं. Photo: AFP

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चिली की CONAF के अनुसार, 'फ्लावरिंग डेजर्ट' में 200 से ज्यादा तरह के पौधे दिखाई दे सकते हैं. इनमें ऐसे पौधे भी शामिल हैं जो रेगिस्तान की बहुत कम नमी वाली जमीन में रहने के लिए तैयार हो चुके हैं. इनके कुछ हिस्से जमीन के अंदर सुरक्षित रहते हैं और सही मौसम आने पर ऊपर आकर फूल और पत्तियां बनाते हैं. Photo: AFP

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कुछ इलाकों में 180 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश... इस बार अटाकामा के कुछ हिस्सों में बारिश 180 मिलीमीटर से ज्यादा दर्ज की गई. CONAF के अटाकामा जैव विविधता एक्सपर्ट सीजर पिजारो ने बताया कि कुछ जगहों पर इतनी ज्यादा बारिश पहले दर्ज नहीं की गई थी. सामान्य से ज्यादा पानी जमीन में गहराई तक पहुंचा, जिससे पौधों को लंबे समय तक नमी मिली. Photo: AFP

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इसी बारिश के बाद अब रेगिस्तान में बैंगनी और सफेद फूलों के बड़े हिस्से दिखाई दे रहे हैं. इस घटना को चिली में 'फ्लावरिंग डेजर्ट' यानी 'फूलों वाला रेगिस्तान' कहा जाता है. यह घटना हर साल एक जैसी नहीं होती. इसके लिए सही समय पर पर्याप्त बारिश और मिट्टी में जरूरी नमी होना जरूरी है. Photo: AFP
 

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अक्टूबर में सबसे ज्यादा फूल दिखेंगे... CONAF के अनुमान के मुताबिक, इस साल अटाकामा में फूलों का यह नजारा अक्टूबर में सबसे ज्यादा दिखाई दे सकता है. करीब 15 हजार हेक्टेयर इलाके में फूल खिलने का अनुमान है. बारिश के बाद सिर्फ पौधे ही सक्रिय नहीं होते, बल्कि इस पूरे इलाके में कीड़े, मधुमक्खियां, पक्षी और दूसरे छोटे जीव भी ज्यादा दिखाई देने लगते हैं. Photo: AFP

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फूलों से मिलने वाला पराग इन जीवों के लिए भी जरूरी होता है. इस नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंच रहे हैं. कई लोग सड़क के किनारे रुककर फूलों की तस्वीरें ले रहे हैं. लेकिन अधिकारियों ने लोगों से पौधों को नुकसान न पहुंचाने और तय रास्तों पर ही चलने की अपील की है. Photo: AFP
 

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अल-नीनो की बारिश बनी बड़ी वजह... इस बार अटाकामा में फूल खिलने के पीछे अल नीनो से जुड़ी बारिश को बड़ी वजह माना जा रहा है. अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों की सतह का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इससे हवा और बारिश के पैटर्न में बदलाव आ सकता है. इस बार इसका असर चिली के उत्तरी हिस्से में भी देखने को मिला. Photo: AFP

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हालांकि, अल-नीनो से हुई बारिश का असर सिर्फ फूलों तक सीमित नहीं रहा. जुलाई में चिली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश से नुकसान भी हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और करीब 4 हजार घरों को नुकसान पहुंचा या वे पूरी तरह बर्बाद हो गए. यानी जिस बारिश ने अटाकामा में पौधों को जीवन दिया, उसी मौसम ने देश के कुछ हिस्सों में परेशानी भी पैदा की. Photo: AFP

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बारिश कम होने और जमीन सूखने के बाद फूलों का यह नजारा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा. लेकिन कई पौधों के बीज और जमीन के अंदर मौजूद हिस्से फिर सुरक्षित रहेंगे. अगली बार जब उन्हें सही मात्रा में बारिश मिलेगी, तो अटाकामा फिर फूलों से भर सकता है. Photo: AFP

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