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अल-नीनो की मार! इस्तांबुल में सड़कें धंसीं, अस्पतालों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:57 PM IST
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तुर्किये के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में 14 अक्टूबर 2026 को हुई तेज बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. सड़कों पर पानी भर गया और कई जगह सड़कें धंस गईं. अस्पतालों और मेट्रो स्टेशन तक में पानी पहुंच गया. बारिश के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई और प्रशासन को स्कूल बंद करने पड़े. Photo: Getty

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इस्तांबुल में कुछ इलाकों में 12 घंटे के अंदर करीब 100 मिलीमीटर बारिश हुई. वहीं, बेयकोज के ओमेरली इलाके में करीब 194 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. दुनिया के कई हिस्सों में कहीं भारी बारिश, कहीं सूखा तो कहीं जंगलों में आग लगने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. ऐसे में अल-नीनो को लेकर भी चर्चा हो रही है, जो दुनिया के मौसम के पैटर्न को बदल सकता है. Photo: AFP

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बारिश का असर इस्तांबुल के कई इलाकों में देखने को मिला. एयूपसुल्तान और गाजियोस्मानपासा में सड़कें धंसने की खबर सामने आई. कई अंडरपास में पानी भर गया और गाड़ियां फंस गईं, जिससे ट्रैफिक पर भी असर पड़ा. बारिश के कारण दो अस्पतालों में भी पानी घुस गया. हाजियोस्मान मेट्रो स्टेशन की छत से पानी टपकने की खबर आई. वहीं, सुल्तानगाजी इलाके में एक स्कूल की दीवार गिर गई. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई. Photo: Getty
 

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बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने राहत का काम शुरू किया. इस्तांबुल की नगरपालिका के मुताबिक, पानी निकालने और दूसरी समस्याओं से निपटने के लिए 8,392 कर्मचारियों को लगाया गया. इसके अलावा 2,246 वाहन और मशीनें भी काम में लगाई गईं. Photo: AFP

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बारिश के कारण शहर में ट्रैफिक का दबाव करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गया. कई घरों, दुकानों और बेसमेंट में पानी भर गया. प्रशासन ने लोगों को बिना जरूरी काम के बाहर नहीं निकलने और निचले इलाकों में सावधान रहने की सलाह दी. Photo: Getty

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अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इससे दुनिया के कई हिस्सों में तापमान, बारिश और हवा के पैटर्न पर असर पड़ सकता है. इसके कारण कुछ इलाकों में सूखे का खतरा बढ़ सकता है, जबकि कुछ जगहों पर बारिश का तरीका बदल सकता है. दुनिया में कहीं भारी बारिश और बाढ़, कहीं सूखा और कहीं जंगलों में आग लगने की घटनाएं देखने को मिलती हैं. अल-नीनो कुछ क्षेत्रों में ऐसी स्थितियों को बढ़ा सकता है. Photo: AFP

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इस्तांबुल में हुई भारी बारिश को सीधे अल-नीनो का नतीजा बताने के लिए अभी ठोस वैज्ञानिक सबूत जरूरी हैं. इसके लिए मौसम के आंकड़ों, बारिश की वजह और उस समय की हवा की स्थिति को समझना होगा. सिर्फ एक घटना के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि इसकी वजह अल-नीनो ही है. Photo: Getty

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जब थोड़े समय में बहुत ज्यादा बारिश होती है, तो पानी को नालियों से निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिलता. शहरों में सड़कें और इमारतें ज्यादा होने से पानी जमीन में कम समा पाता है. इससे सड़कों, अंडरपास और इमारतों के निचले हिस्सों में पानी भर सकता है. Photo: Getty

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अगर सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर हो जाए या पानी वहां जमा होने लगे, तो सड़क धंसने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में बेहतर जल निकासी, समय पर मौसम की चेतावनी और सड़कों की नियमित जांच जरूरी है. इससे बाढ़ के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है. Photo: Getty

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इस्तांबुल की घटना दिखाती है कि तेज बारिश से शहरों में जनजीवन कितनी जल्दी प्रभावित हो सकता है. दुनिया में बदलते मौसम के बीच अल-नीनो पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन हर बाढ़, सूखे या जंगल की आग को इससे जोड़ने से पहले वैज्ञानिक जांच जरूरी है. Photo: Getty

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