अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया में ट्रॉपिकल स्टॉर्म रैचेल के असर से प्रशांत महासागर की ऊंची लहरों ने काफी नुकसान पहुंचाया. 10 और 11 अक्टूबर 2026 को समुद्र का पानी घरों, सड़कों और बीच तक पहुंच गया. कई जगह घरों के नीचे से रेत बह गई, जिससे उनकी नींव कमजोर हो गई. Photos: AFP
इसके बाद कुछ घरों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया और लोगों को वहां से जाने के लिए कहा गया. समुद्र तटों पर पार्किंग की जगहों और पैदल चलने के रास्तों को भी नुकसान पहुंचा. हालांकि, दक्षिणी कैलिफोर्निया में बड़े स्तर पर तबाही नहीं हुई. Photos: AP
समुद्र के किनारे बने घरों के लिए ऊंची लहरें बड़ा खतरा बन सकती हैं. जब लहरें तेजी से किनारे से टकराती हैं, तो अपने साथ रेत भी बहाकर ले जाती हैं. इससे घरों के नीचे की जमीन कमजोर हो जाती है. उनकी नींव को नुकसान पहुंच सकता है. ट्रॉपिकल स्टॉर्म रैचेल के दौरान भी कई जगह ऐसा ही हुआ. Photos: AFP
कैलिफोर्निया के लॉन्ग बीच पेनिनसुला में समुद्र की लहरों ने काफी नुकसान पहुंचाया. यहां लहरें सुरक्षा दीवार को पार करके घरों और सड़कों तक पहुंच गईं. अधिकारियों ने 13 पतों पर मौजूद 8 इमारतों को रेड टैग कर दिया. Photos: AP
इसका मतलब है कि इन इमारतों में रहना या जाना सुरक्षित नहीं है. कुछ जगहों पर घरों के आसपास की जमीन और लकड़ी से बने पैदल रास्ते भी टूट गए. Photos: AP
न्यूपोर्ट बीच में भी समुद्र का पानी सड़कों तक पहुंच गया. कुछ सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई. समुद्र की ऊंची लहरों और बढ़ते पानी को देखते हुए अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने पड़े. Photos: AP
ऑरेंज काउंटी के क्रिस्टल कोव स्टेट पार्क में भी समुद्र की लहरों से नुकसान हुआ. यहां समुद्र तट के कुछ हिस्से और वहां जाने वाले रास्ते प्रभावित हुए. खतरे को देखते हुए समुद्र के पास बने 26 कॉटेज में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह जाने के लिए कहा गया. पार्क के कुछ हिस्सों को भी बंद करना पड़ा. Photos: AP
सैन ओनोफ्रे स्टेट बीच पर भी समुद्र की लहरों ने सड़क और दूसरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया. नुकसान के बाद कुछ जगहों को बंद कर दिया गया, ताकि लोगों को खतरे से बचाया जा सके. Photos: AP
अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस ने 11 अक्टूबर को सैन डिएगो और ऑरेंज काउंटी के समुद्र तटीय इलाकों के लिए ऊंची लहरों और बाढ़ की चेतावनी दी थी. Photos: AP
एजेंसी के मुताबिक, लहरें 5 से 7 फीट यानी करीब 1.5 से 2.1 मीटर ऊंची हो सकती थीं. कुछ जगहों पर इनके 9 फीट यानी करीब 2.7 मीटर तक पहुंचने का भी अनुमान था. Photos: AP
जब समुद्र की ऊंची लहरें किनारे से टकराती हैं, तो पानी अपने साथ रेत बहाकर ले जाता है. इससे समुद्र तट की जमीन धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसे कोस्टल इरोजन यानी समुद्र तट का कटाव कहते हैं. अगर घरों के नीचे से रेत बह जाती है, तो उनकी नींव कमजोर हो सकती है. इससे घरों के गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है. Photos: Reuters
ट्रॉपिकल स्टॉर्म रैचेल के दौरान ऊंची लहरों और बढ़ते समुद्री पानी ने तटीय इलाकों में नुकसान बढ़ा दिया. मौसम विभाग ने लोगों को समुद्र से दूर रहने और पानी से भरी सड़कों पर गाड़ी नहीं चलाने की सलाह दी थी. इससे पता चलता है कि समुद्र के पास रहने वाले लोगों के लिए ऊंची लहरें और जमीन का कटाव कितना खतरनाक हो सकता है. Photos: Reuters
तूफान कमजोर पड़ने के बाद भी समुद्र की लहरें घरों, सड़कों और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसलिए ऐसे मौसम में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी सुननी चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए. Photos: Reuters