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जंगलों में आग, हवा में जहर! इंडोनेशिया के धुएं से सिंगापुर में प्रदूषण का रिकॉर्ड

आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:11 PM IST
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इंडोनेशिया के जंगलों में लगी आग का धुआं अब दूसरे देशों तक पहुंच रहा है. इससे आसपास के देशों में हवा खराब हो रही है. बुधवार, 14 अक्टूबर को सिंगापुर के पश्चिमी इलाके में PM2.5 का स्तर 284 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया. यह इस साल का सबसे ऊंचा स्तर है. वहीं, ईस्ट तिमोर की सरकार ने 15 अक्टूबर से तीन दिन तक स्कूलों में बच्चों के आकर पढ़ने पर रोक लगा दी है. Photo: AFP

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सरकार ने यह फैसला हवा में आग के धुएं से प्रदूषण बढ़ने के कारण लिया है. इंडोनेशिया में सूखे मौसम और अल नीनो से जुड़ी स्थितियों के कारण जंगलों में आग फैल रही है. जंगलों की आग का असर सिर्फ इंडोनेशिया तक नहीं है. सिंगापुर और मलेशिया में भी हवा की हालत खराब हो रही है. इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है. Photo: AFP 

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मलेशिया के कई इलाकों में भी खराब हवा के कारण स्कूल बंद किए गए हैं. सिंगापुर में PM2.5 का स्तर एक घंटे के दौरान 284 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया. वहां की नेशनल एनवायरनमेंट एजेंसी ने इसे प्रदूषण के बहुत ऊंचे स्तर में रखा है.  PM2.5 हवा में मौजूद बहुत छोटे कण होते हैं. सांस लेते समय ये फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं. Photo: AFP

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इनसे खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के जंगलों में लगी आग के कारण सिंगापुर में PM2.5 का स्तर 471 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया था. यह वहां अब तक दर्ज किया गया सबसे ऊंचा स्तर है. इंडोनेशिया के जंगलों की आग से आसपास के देशों में भी प्रदूषण बढ़ रहा है. Photo: AFP 
 

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ईस्ट तिमोर की सरकार ने 15 अक्टूबर से तीन दिन तक स्कूलों में बच्चों के आकर पढ़ने पर रोक लगा दी है. सरकार के मुताबिक, आसपास के इलाकों और देशों में लगी आग का धुआं हवा को खराब कर रहा है. ईस्ट तिमोर ने अपने बयान में इंडोनेशिया का नाम नहीं लिया. हालांकि, दोनों देश एक ही द्वीप के अलग-अलग हिस्सों में हैं. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा इलाके में भी आग लगने की कई जगहों की जानकारी मिली है. Photo: AFP

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इंडोनेशिया में पिछले 11 सालों में जंगलों में आग लगने का यह सबसे भीषण दौर बताया जा रहा है. राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने आग बुझाने के लिए और संसाधन लगाने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, आग बुझाने के लिए 69,000 से ज्यादा कर्मियों को तैनात किया गया है. सितंबर के बीच में यह संख्या करीब 44,000 थी. Photo: Reuters

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इंडोनेशिया में जमीन के नीचे लगी आग को बुझाना भी मुश्किल हो रहा है. पीट वाली जमीन में आग अंदर ही अंदर सुलगती रहती है और दोबारा भड़क सकती है. अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश होने से आग बुझाने में मदद मिल सकती है. इंडोनेशिया की आग से फैल रहे धुएं को लेकर दूसरे देशों में भी नाराजगी बढ़ रही है. Photo: Reuters

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मलेशिया के सांसद सैयद सादिक सैयद अब्दुल रहमान ने कहा कि प्रभावित देशों को मिलकर इंडोनेशिया के सामने विरोध दर्ज कराना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि मलेशिया और सिंगापुर के बैंकों को उन कंपनियों को पैसा देना बंद करना चाहिए, जिनका जमीन जलाने से संबंध है. अगले महीने होने वाली आसियान देशों की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. Photo: AFP

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