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न घास, न चारा... अल-नीनो ने ऐसा सुखाया कि आधी कीमत पर बिकने लगीं गायें

आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:54 PM IST
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अल-सल्वाडोर में अल-नीनो के कारण पड़े सूखे से पशुपालन पर बुरा असर पड़ रहा है. घास और चारे की कमी के कारण गायें कमजोर हो रही हैं और किसान उन्हें कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं. पशुपालकों के संगठन के मुताबिक, देश के करीब 60 फीसदी पशुपालन क्षेत्र में सूखे का असर है. Photo: AFP

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यह संकट सेंट्रल अमेरिकन ड्राई कॉरिडोर में ज्यादा गंभीर है, जो मेक्सिको से पनामा तक फैला है. राजधानी सैन साल्वाडोर से करीब 80 किलोमीटर दूर सेंसुंटेपेक के पशु बाजार में किसान अपनी गायें बेच रहे हैं. उन्हें डर है कि चारा नहीं मिलने पर उनके मवेशी भूख से मर सकते हैं. Photo: AFP

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सूखे के कारण खेतों में घास नहीं उग पा रही है. ऐसे में किसानों को गायों को जिंदा रखने के लिए बाजार से चारा खरीदना पड़ रहा है. इसकी कीमत भी काफी बढ़ गई है, जिससे पशुपालन का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है. Photo: AFP

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एक पशुपालक के मुताबिक, करीब 1.5 टन मक्के की कीमत पहले 500 डॉलर थी, जो अब बढ़कर लगभग 900 डॉलर हो गई है. यानी किसानों को उतना ही मक्का खरीदने के लिए पहले से 400 डॉलर ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं. इस वजह से कई किसान अपने मवेशियों को बेच रहे हैं. Photo: AFP

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चारे की कमी के कारण गायों का वजन घट रहा है और उनकी बाजार कीमत भी कम हो गई है. सामान्य हालात में करीब 500 डॉलर में बिकने वाली गाय अब लगभग 250 डॉलर में बिक रही है. कमजोर गायों को खरीदने के बाद उन्हें स्वस्थ करने में भी काफी पैसा खर्च करना पड़ता है. Photo: AFP

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पशु व्यापारी मिजाअल-सल्वाडोर नोवोआ ने एक कमजोर गाय और उसके बछड़े को 900 डॉलर में बेचा. उसने बताया कि गाय को ठीक करने के लिए एक महीने तक चारा और विटामिन दिए गए, लेकिन खर्च बढ़ने के कारण उसे बेचने का फैसला करना पड़ा. अब नए खरीदार को उसे स्वस्थ करने के लिए एक से दो महीने तक खर्च करना पड़ सकता है. Photo: AFP

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सितंबर के आखिरी दिनों में सेंसुंटेपेक में कुछ बारिश हुई थी, लेकिन इससे सूखे खेतों और मक्के की फसलों को खास राहत नहीं मिली. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, अल-नीनो दिसंबर में अपने चरम पर पहुंचने से पहले और मजबूत हो सकता है. ऐसे में किसानों को डर है कि सूखा बढ़ा तो चारे की कमी और गंभीर हो जाएगी. Photo: AFP

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