प्लेन के 'क्रैश Axe' का पहली बार हुआ गलत इस्तेमाल! स्मित मछार पर चाकू से नहीं हुआ था हमला

ओमानी को-पायलट ने चाकू नहीं, बल्कि विमान में क्रैश एक्स से कैप्टन पर हमला किया. विमानों में यह कुल्हाड़ी कानूनन रखी जाती है ताकि आग बुझाई जा सके और क्रैश की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता बनाया जा सके. पहली बार इसका दुरुपयोग हुआ है.

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इमरजेंसी में इस्तेमाल किया जाने वाला क्रैश एक्स का पहली बार हुआ गलत इस्तेमाल. (Photo: ITG) इमरजेंसी में इस्तेमाल किया जाने वाला क्रैश एक्स का पहली बार हुआ गलत इस्तेमाल. (Photo: ITG)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 01 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST

विमान सुरक्षा नियमों के बारे में आम लोगों की सोच अक्सर गलत होती है. कई लोग मानते हैं कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी हर नुकीली चीज जब्त कर लेती है, इसलिए कॉकपिट में कोई हथियार नहीं पहुंच सकता. लेकिन दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई के प्लेन में हुई घटना में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर उन्हें गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें पहुंचाईं. 

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जांच से साफ हुआ कि उन्होंने कोई चाकू या बाहरी हथियार तस्करी से नहीं लाया. बल्कि उन्होंने कॉकपिट में पहले से मौजूद फायर एक्स यानी क्रैश एक्से का इस्तेमाल किया. अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के मुताबिक यह कुल्हाड़ी फैक्टरी में ही विमान के साथ फिट की जाती है. विमानन नियमों के तहत रखना अनिवार्य है.  यह कोई विकल्प नहीं बल्कि कानून है.

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इस कुल्हाड़ी का मकसद किसी हमले के लिए नहीं बल्कि आपात स्थिति में जान बचाना है. कॉकपिट के अंदर दीवारों, छत की लाइनिंग और फर्श के पैनलों के पीछे छिपे बिजली के तारों या सर्किट में आग लगने पर सामान्य तरीके से पहुंचना मुश्किल होता है. ऐसे में क्रू सदस्य इस कुल्हाड़ी से पैनल काटकर आग बुझाने का काम करते हैं. यह विमान की संरचना के अंदर छिपी आग को नियंत्रित करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है.

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इस कुल्हाड़ी का जिक्र इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में भी किया है... देखिए वीडियो

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कुल्हाड़ी इमरजेंसी एक्जिट का औजार भी है

विमान दुर्घटना या क्रैश होने पर एयरफ्रेम मुड़-तुड़ सकता है और सामान्य निकास द्वार जाम हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में क्रू सदस्य कुल्हाड़ी से मलबा हटाकर या कमजोर हिस्सों को काटकर वैकल्पिक रास्ता बना सकते हैं. यह उपकरण विंडशील्ड तोड़ने के लिए नहीं है, जैसा कि कई लोग गलत समझते हैं. 

इसकी असली भूमिका जीवन रक्षा की है. सामान्य परिस्थितियों में यह सुरक्षित जगह पर रखा रहता है और केवल प्रशिक्षित क्रू ही इसे इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इस घटना में पहली बार इस सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल किसी को घायल करने के लिए हुआ, जिससे पूरी दुनिया हैरान है.

यह घटना विमानन सुरक्षा के मौजूदा नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. एक तरफ एयरपोर्ट पर यात्रियों से नेल कटर तक जब्त किए जाते हैं, दूसरी तरफ कॉकपिट में पहले से एक धारदार कुल्हाड़ी मौजूद रहती है. को-पायलट जैसे भरोसेमंद व्यक्ति द्वारा इसका दुरुपयोग होने से साफ है कि सिर्फ बाहरी सुरक्षा काफी नहीं. 

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क्रू सदस्यों की मानसिक स्थिति, बैकग्राउंड चेक और कॉकपिट के अंदर के उपकरणों की निगरानी को और सख्त बनाने की जरूरत है. एविएशन इंडस्ट्री को अब इस बात पर गंभीरता से सोचना होगा कि जीवन रक्षक औजार किसी आपात स्थिति का कारण न बन जाए.

यह घटना याद दिलाती है कि सुरक्षा नियम कितने भी सख्त हों, उनका दुरुपयोग संभव है. कुल्हाड़ी का असली मकसद आग बुझाना और आपात निकास है, लेकिन अब उद्योग को इसे और सुरक्षित रखने के उपाय ढूंढने होंगे.

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