मुंबई से बेंगलुरु और वाराणसी से दिल्ली के बीच दो नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू होने जा रही हैं. मुंबई-बेंगलुरु सर्विस का 31 अक्टूबर और वाराणसी-नई दिल्ली सर्विस का 1 नवंबर को उद्घाटन होना है. नई ट्रेनों से यात्रियों को रात में सोकर सफर करने और अगली सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा. मुंबई-बेंगलुरु रूट पर करीब 1120 किलोमीटर का सफर 15 घंटे 45 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है. इससे मौजूदा एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले यात्रा में करीब 6 घंटे 20 मिनट की बचत होगी.
रेलवे की योजना के मुताबिक, नई वंदे भारत स्लीपर सेवाएं महाराष्ट्र-कर्नाटक और उत्तर प्रदेश-दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी. इनसे कारोबारी यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को फायदा मिलने की उम्मीद है. फिलहाल देश में हावड़ा-कामाख्या के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चल रही है. इस सेवा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी 2026 को उद्घाटन किया था. यह यात्रा करीब 14 घंटे में पूरी होती है.
मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर
प्रस्तावित मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से बेंगलुरु के सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) तक चलेगी. रास्ते में ट्रेन कल्याण, पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, रायचूर, गुंतकल और अनंतपुर में रुकेगी. इस रूट पर दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट प्रस्तावित हैं. ट्रेन का ट्रायल 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पर पूरा हो चुका है. हालांकि, नियमित परिचालन की समय-सारणी और अन्य जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
मुंबई-बेंगलुरु ट्रेन की टाइमिंग
प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन मुंबई के CSMT से रात 8:10 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे बेंगलुरु के SMVT पहुंचेगी. वापसी में यह बेंगलुरु के SMVT से शाम 7:50 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई के CSMT पहुंचेगी.
वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर
दूसरी प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलेगी. यह प्रयागराज और कानपुर होते हुए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेगी. इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच रात में सफर करने वाले यात्रियों को एक और विकल्प मिलेगा. प्रयागराज से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के पास हमसफर एक्सप्रेस, शिव गंगा एक्सप्रेस और प्रयागराज एक्सप्रेस के अलावा यह नई ट्रेन भी उपलब्ध होगी. वाराणसी आने-जाने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के साथ नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को भी इससे सुविधा मिलने की उम्मीद है.
वाराणसी-दिल्ली ट्रेन का समय
प्रस्तावित समय-सारणी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 27421 वाराणसी जंक्शन से रात 8:50 बजे रवाना होगी. यह रात 10:35 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेगी और 5 मिनट के ठहराव के बाद 10:40 बजे खुलेगी. इसके बाद ट्रेन रात 12:40 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी और अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन नंबर 27422 नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रात 9:40 बजे रवाना होगी. यह अगले दिन सुबह 4:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी. यहां 5 मिनट रुकने के बाद ट्रेन वाराणसी के लिए रवाना होगी और सुबह 6:45 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी. इस ट्रेन के शनिवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन चलने की उम्मीद है. रेलवे की ओर से अंतिम समय-सारणी की आधिकारिक घोषणा की जानी बाकी है.
वंदे भारत स्लीपर का किराया कितना होगा?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर के आधार पर तय किया गया है. वंदे भारत स्लीपर का किराया अलग-अलग श्रेणियों में 2.40 रुपये से 3.80 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर के बीच है. रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में किराये, आरक्षण और ट्रेन सेवाओं से संबंधित जानकारी दी थी.
रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, थर्ड एसी (3AC) का किराया GST के बिना 2.40 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर है. इस हिसाब से 1,000 किलोमीटर की यात्रा का सांकेतिक किराया 2,400 रुपये होगा. यह राशि GST जोड़ने से पहले की है. रेलवे का कहना है कि वह यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से विभिन्न श्रेणियों की ट्रेनें चलाता है. इनमें कम किराये वाली सेवाओं से लेकर बेहतर सुविधाओं वाली प्रीमियम ट्रेनें भी शामिल हैं.
वंदे भारत स्लीपर में RAC टिकट मिलेगा या नहीं?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (RAC) की सुविधा नहीं होगी. हालांकि, अगर कन्फर्म टिकट वाले यात्री अपना टिकट कैंसिल करते हैं, तो वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के टिकट कंफर्म हो सकते हैं. इन ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर बर्थ आरक्षित रखने का प्रावधान है. इनकी संख्या संबंधित कोच की श्रेणी के हिसाब से तय होगी. स्लीपर क्लास: प्रति कोच 6 से 7 लोअर बर्थ. थर्ड एसी (3AC): प्रति कोच 4 से 5 लोअर बर्थ. सेकंड एसी (2AC): प्रति कोच 3 से 4 लोअर बर्थ. यह संख्या ट्रेन में संबंधित श्रेणी के कोचों और उपलब्ध व्यवस्था के आधार पर तय होगी.
दिव्यांग यात्रियों के लिए भी आरक्षण
रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों और उनके सहायकों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था बताई है. इसके तहत स्लीपर क्लास में चार बर्थ आरक्षित होंगी, जिनमें दो लोअर और दो मिडिल बर्थ शामिल हैं. थर्ड एसी (3AC) और थर्ड एसी इकोनॉमी (3E) में भी चार बर्थ का प्रावधान है. आरक्षित सेकंड सिटिंग (2S) और एसी चेयर कार (CC) में संबंधित श्रेणी के दो से अधिक कोच होने पर चार सीटें आरक्षित रखने का प्रावधान है.
ट्रेन में खाने-पीने की क्या व्यवस्था होगी?
मुंबई-बेंगलुरु और वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मेन्यू को भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया जा रहा है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ट्रेनों में क्षेत्रीय व्यंजनों को शामिल किए जाने की उम्मीद है. इन नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का मकसद लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को रात में आराम से सफर करने का विकल्प देना है. मुंबई-बेंगलुरु और वाराणसी-नई दिल्ली सेवाओं के शुरू होने से वंदे भारत स्लीपर नेटवर्क का विस्तार होगा. हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा.