रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों के सामने सबसे अहम सवालों में से एक यह होता है कि सालों की मेहनत से जमा किया गया प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा कब निकालना चाहिए. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि रिटायरमेंट के बाद आपका EPF खाता कब तक ब्याज कमाता रहेगा और पैसा निकालने में देरी करने पर क्या असर पड़ सकता है. अगर आप 58 साल की उम्र में रिटायर होते हैं, तो जरूरी नहीं कि आपको उसी समय कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का पूरा पैसा निकालना पड़े.
रिटायरमेंट के बाद भी कुछ समय तक ईपीएफ खाते में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है. हालांकि, इसकी एक समय सीमा है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए पीएफ खाते से जुड़ा नियम समझाते हुए बताया है कि 58 साल की उम्र में रिटायर होने वाले कर्मचारियों के EPF पर कितने समय तक ब्याज मिलता रह सकता है. यह भी बताया है कि जमा रकम को लंबे समय तक बिना निकाले छोड़ना क्यों ठीक नहीं है.
EPFO की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी 58 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसके EPF खाते में जमा रकम पर अगले तीन साल तक ब्याज मिल सकता है. यानी 61 साल की उम्र तक खाते में जमा पात्र राशि पर ब्याज मिलने की सुविधा रहती है. इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के तुरंत बाद EPF की पूरी रकम निकालना जरूरी नहीं है. कर्मचारी अपनी जरूरत और आर्थिक स्थिति के हिसाब से कुछ समय तक पैसा खाते में छोड़ सकता है. इस दौरान खाते में जमा पात्र रकम पर ब्याज मिलता रह सकता है.
रिटायरमेंट के 3 साल बाद EPF खाते का क्या होगा?
ईपीएफओ ने बताया कि रिटायरमेंट के तीन साल बाद खाता निष्क्रिय (Inoperative) हो जाता है. EPFO की पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, खाता निष्क्रिय होने के बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है. ऐसे में रिटायरमेंट के बाद EPF की रकम को अनिश्चित समय तक खाते में छोड़ देना सही फैसला नहीं हो सकता. कर्मचारियों को खाते की स्थिति की जानकारी रखनी चाहिए और लागू नियमों के मुताबिक पैसा निकालने की योजना बनानी चाहिए.
कर्मचारियों को अपने खाते की स्थिति जांचनी चाहिए और ब्याज मिलने की अवधि को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बनानी चाहिए. कई साल तक नियमित योगदान से जमा किया गया EPF रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा का अहम हिस्सा होता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि खाते में जमा रकम पर कब तक ब्याज मिलेगा और कब निकासी करना बेहतर हो सकता है. ध्यान रहे कि निकासी से पहले अपने खाते की स्थिति और उस पर लागू नियमों की पुष्टि EPFO से जरूर कर लें.