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Gold-Silver Price Today: सोना तीन दिन में ₹3,610 सस्ता... चांदी भी ₹10,100 टूटी, देखें ताजा भाव

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:28 PM IST
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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर सोने और चांदी के भाव पर भी दिखाई दे रहा है. महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच कीमती धातुओं के दाम में गिरावट जारी है. पिछले तीन दिनों में 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹3,610 और 22 कैरेट सोने का भाव ₹3,301 घट चुका है. वहीं, चांदी भी तीन दिनों में ₹10,100 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है.

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तीन दिन में कितना सस्ता हुआ सोना?

सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है. पिछले तीन दिनों में 24 कैरेट सोने का 10 ग्राम भाव ₹3,610 नीचे आया है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹3,301 सस्ता हुआ है. शनिवार को भी दोनों कैटेगरी के भाव में ₹10 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई. 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्धता वाला होता है, जबकि 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल आमतौर पर गहने बनाने में किया जाता है. सोने की कीमतों में लगातार गिरावट से उन लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है, जो खरीदारी के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि, आगे भाव किस दिशा में जाएंगे, यह वैश्विक बाजार के संकेतों पर निर्भर करेगा.

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दिल्ली से मुंबई तक आज सोने का भाव

देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है. नीचे दिए गए भाव 10 ग्राम सोने के हैं.

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चांदी में भी लगातार तीसरे दिन गिरावट

चांदी की कीमतों में भी कमजोरी बनी हुई है. छह दिनों तक भाव स्थिर रहने के बाद चादी की कीमतों में लगातार तीन दिनों से गिरावट दर्ज की गई है. इस दौरान एक किलो चांदी ₹10,100 सस्ती हुई है. इससे पहले 15 अक्टूबर को भी चांदी के भाव में ₹5,000 की गिरावट आई थी. इस तरह पिछले 10 दिनों में चांदी हर किलो पीछे ₹15,100 सस्ती हो चुकी है. दिल्ली में शनिवार को एक किलो फिजिकल चांदी का भाव ₹2,20,000 था. मुंबई और कोलकाता में भी फिजिकल चांदी इसी भाव पर बिक रही है. वहीं, चेन्नई में एक किलो फिजिकल चांदी की कीमत ₹2,24,900 है, जो इन चार महानगरों में सबसे ज्यादा है

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क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के भाव?

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल सोने और चांदी पर दबाव डाल रहा है. ब्रेंट क्रूड का भाव 116 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. इससे यह आशंका मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है. सोने और चांदी में निवेश करने पर नियमित ब्याज नहीं मिलता. ऐसे में जब ब्याज देने वाले विकल्पों का आकर्षण बढ़ता है, तो निवेशकों की कीमती धातुओं में दिलचस्पी कम हो सकती है. इसका असर इनके भाव पर पड़ सकता है.

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कच्चे तेल की तेजी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर हमले से जुड़ी चिंताएं भी बताई जा रही हैं. इन घटनाक्रमों से वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है. महंगा तेल महंगाई के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ाता है.

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सोना-चांदी महंगे होंगे या गिरावट जारी रहेगी?

अब निवेशकों की नजर 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी. इस बैठक से ब्याज दरों को लेकर आगे के रुख के संकेत मिल सकते हैं. अगर फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेत देता है, तो सोने-चांदी पर दबाव बना रह सकता है. वहीं, ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बढ़ने पर इन धातुओं को सहारा मिल सकता है.

 

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इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया के हालात भी सोने-चांदी की अगली चाल तय करने में अहम होंगे. ऐसे में सिर्फ हालिया गिरावट देखकर निवेश का फैसला लेना सही नहीं होगा. खरीदारी या निवेश से पहले अपनी जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता और बाजार के ताजा भाव को ध्यान में रखना जरूरी है.

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