Advertisement

यूटिलिटी

अब आपके सेविंग अकाउंट पर बढ़ जाएगा चार्ज, इस बड़े बैंक का ऐलान

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्‍ली,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST
  • 1/7

अगर आपका भी ICICI बैंक में खाता है तो अब आपको ज्‍यादा चार्ज देना पड़ सकता है, क्‍योंकि प्राइवेट बैंक अपने कस्‍टमर्स के सेविंग अकाउंट पर और कुछ सर्विसेज के लिए चार्ज बढ़ाने जा रहा है. यह चार्ज 1 दिसंबर 2026 से लागू होंगे. 
 

  • 2/7

इस नए नियम के तहत कुछ ट्रांजेक्‍शन चार्ज भी बढ़ जाएंगे. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डेबिट पेमेंट फेल करने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. अगर आपका भी ICICI Bank में अकाउंट है तो आपको इसके बदले हुए नियम को जान लेना चाहिए. 
 

  • 3/7

किस तरह का चार्ज बढ़ेगा? 
1 दिसंबर से मंथली वैल्यू लिमिट पार करने के बाद कुछ सेविंग्स अकाउंट्स में ब्रांच और रिसाइकलर में प्रति 1000 रुपये कैश डिपॉजिट करने लगने वाला चार्ज 3.50 रुपये से बढ़कर 4 रुपये हो जाएगा. यह बदलाव कैश निकालने पर भी लागू होगा. हालांकि, तीन कैश ट्रांजेक्‍शन भी फ्री होगा. 

Advertisement
  • 4/7

लिमिट से ज्‍यादा ट्रांजेक्‍शन पर 150 रुपये का चार्ज 
एक महीने में तीन बार से ज्‍यादा कैश ट्रांजेक्‍शन करने पर हर लेनदेन पर 150 रुपये का चार्ज वसूला जाएगा. हर महीने 1 लाख रुपये तक के कैश ट्रांजेक्‍शन पर वैल्‍यू बेस्‍ड चार्ज लागू नहीं होगा, लेकिन एक बार वैल्‍यू लिमिट पार होने के बाद प्रति 1000 रुपये पर 4 रुपये या 150 रुपये में से देना होगा. 

  • 5/7

फ्री लिमिट के अंदर कोई चार्ज नहीं 
अगर मंथली ट्रांजेक्‍शन की संख्‍या और वैल्‍यू लिमिट पार कर जाती है तो नए लेनदेन पर ज्‍यादा चार्ज चुकाना होगा. लेकिन अगर आप फ्री लिमिट के अंदर हैं, तो कोई चार्ज लागू नहीं होगा. 

  • 6/7

जुर्माने में भी बदलाव 
आईसीआईसीआई बैंक इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस (ECS) और नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) के डेबिट रिटर्न के जुर्माना में भी बदलाव होगा. लेकिन, जुर्माना तभी लागू होगा, जब डेबिट रिटर्न की वजह फाइनेंशियल होगी, जैसे अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के फाइनेंशियल कारण माना जाएगा. 

Advertisement
  • 7/7

इस तरह के चार्ज फेल होने पर भी जुर्माना
इसके अलावा, फर्स्‍ट रिटर्न पर 500 रुपये का चार्ज वसूला जाएगा. दूसरे और तीसरे रिटर्न में हर बार 550 रुपये की पेनाल्‍टी लगेगी. इस जुर्माने का असर उन कस्‍टमर्स पर पड़ेगा, जिनके रेकरिंग पेमेंट्स होते हैं. सेविंग अकाउंट से लोन की ईएमआई और दूसरे ऑटोमैटि डेबिट इसके एग्‍जाम्‍प्‍ल हैं. जार्च तभी नहीं लगेगा, जब आपके अकाउंट में पर्याप्‍त बैलेंस होगा. 

Advertisement

लेटेस्ट फोटो

Advertisement