scorecardresearch
 

किसान हो जाएं सावधान! पराली जलाने पर देना होगा 15 हजार रुपये तक का जुर्माना

पराली न जलाने वाले किसानों को हरियाणा सरकार ने 1 हजार रुपये अनुदान राशि देने फैसला किया है. हालांकि, अगर कोई किसान पराली जलाते पकड़ा गया तो 15 हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.

Advertisement
X
Stubble burning
Stubble burning

अक्टूबर-नवंबर का महीना किसानों के लिए धान की फसल की कटाई का होता है. इस वक्त पराली जलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. प्रदूषण के स्तर में भी भारी इजाफा देखा जाता है. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इस बार हरियाणा सरकार पहले से ही तैयार नजर आ रही है. करनाल जिला प्रशासन ने जिले में फसल अवशेषों की घटनाओं को शून्य स्तर तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की टीमों को फील्ड में उतार दिया है.

पराली जलाने पर देना होगा जुर्माना

अधिकारियों-कर्मचारियों की टीमें गांव दर गांव जाकर किसानों, ग्रामीणों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसानों के बारे में अवगत कराएगी. पराली जलाने वाले किसानों पर नियम अनुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा. कृषि विभाग के मुताबिक, पराली जलाने वाले किसानों को 25 सौ रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक फाइन देना होगा. विभाग द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन तरीकों के बारे में जागरूक करने के लिए होर्डिंग लगवाई जा रही है. साथ ही दीवारों पर पेंटिंग की जा रही है. 

डॉ. वजीर सिंह, उप-निदेशक बताया कि पिछले साल करनाल जिले में पराली जलाने की घटनाओं में करीब 65 प्रतिशत की कमी आई है. इस बार हमें पराली जलाने की घटनाओं को शून्य करना है. पराली जलाने की घटना पर रोक लगाने के लिए सब डिवीजन लेवल पर नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे. 

Advertisement

लोगों कों किया जा रहा जागरूक

ग्रामीण क्षेत्र में आग लगाने की घटनाओं की मॉनिटरिंग ग्राम सचिव, पटवारी और कृषि विभाग के कर्मचारी की टीम द्वारा की जाएगी. यह टीम फसल कटाई शुरू होने से पहले गांव में जाकर पंचायत, ग्राम सभा व अन्य सभाएं आयोजित करके पराली न जलाने के लिए लोगों को जागरुक भी करेगी. इसके अतिरिक्त जिन लोगों ने पिछले वर्ष पराली जलाई थी, उन लोगों के घर जाकर भी दोबारा पराली न जलाने के लिए जागरुक किया जा रहा है.

पराली न जलाने पर सरकार दे रही 1 हजार रुपये अनुदान

पराली न जलाने वाले किसानों को सरकार ने 1 हजार रुपये अनुदान राशि देने फैसला किया है. इस योजना के तहत करनाल जिला में 11 करोड़ 53 लाख रुपये की अनुदान राशि दी गई. इसके अतिरिक्त एथनॉल प्लॉट के लिए भी पराली के परचेज सेंटर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे. इच्छुक किसान इस अनुदार के लिए नजदीकी जिला कृषि विभाग पहुंचकर आवेदन भी कर सकते हैं. बता दें करनाल प्रशासन ने किसानों 1290 रुपये प्रति एमटी के रेट पर पराली परचेज करने का फैसला किया है.

 

---- समाप्त ----
रिपोर्ट: कमलदीप

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement