किसान
एक किसान कृषि से जुड़े व्यक्ति होता है, जो फसल और सब्जियां उगाते हैं. एक किसान खेती की जमीन का मालिक हो सकता है या दूसरों के स्वामित्व वाली भूमि पर मजदूर के रूप में काम कर सकता है, लेकिन अधिकांश विकसित अर्थव्यवस्थाओं में, एक किसान आमतौर पर एक खेत का मालिक होता है, जबकि खेत के कर्मचारियों को खेत में काम करने वाले या फार्महैंड के रूप में जाना जाता है (Farmer).
अगर आपकी गाय या भैंस का दूध पतला आ रहा है और उसमें मलाई कम है, तो इसका सीधा संबंध उनके खान-पान और देखभाल से होता है. सही आहार, संतुलित चारा और नियमित मैनेजमेंट से दूध की गुणवत्ता को आसानी से बेहतर किया जा सकता है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण विस्थापित हुए आदिवासी प्रदर्शकारी किसानों को पुलिस ने धरना स्थल से हटा दिया है.14 दिनों से भूख हड़ताल पर किसानों के साथ अनशन पर बैठे किसान नेता अमित भटनागर को भी हटा दिया गया है.
किचन गार्डन में अक्सर एक समय पर सब्जियों की भरमार हो जाती है और फिर कुछ हफ्तों तक ताजी सब्जियां नहीं मिलतीं लेकिन अगर सही प्लानिंग के साथ बीज बोए जाएं तो छोटे से गार्डन से भी पूरे साल लगातार ताजी सब्जियां हासिल की जा सकती हैं. Succession Gardening की मदद से फसल खत्म होते ही नई सब्जियां तैयार होने लगती हैं.
घर के गार्डन में पौधों पर लगने वाले छोटे-छोटे कीड़े जैसे एफिड्स (माहू), सफेद मक्खी और कुछ अन्य चबाने वाले कीट पौधों को कमजोर कर देते हैं. इनसे बचने के लिए बाजार के केमिकल स्प्रे की जगह आप घर पर ही गर्म मिर्च से बना प्राकृतिक स्प्रे तैयार कर सकते हैं.
फलों और सब्जियों की हाइब्रिड वैरायटी की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है. पपीते की खेती के लिए बरसात का मौसम आदर्श माना जाता है, क्योंकि नमी पौधों की शुरुआती ग्रोथ में मदद करती है. अगर आप अपने घर-बगीचे या खेत में पपीते उगाना चाहते हैं तो रेड ग्लो वैरायटी बेहतरीन ऑप्शन है. आइए जानते हैं पपीते की इस उन्नत किस्म की खासियत.
अगर आप अपने गार्डन के फूलों को घर सजाने के लिए तोड़ते हैं, तो सिर्फ तरीका ही नहीं बल्कि समय भी बेहद मायने रखता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि गलत समय पर तोड़े गए फूल जल्दी मुरझा जाते हैं, जबकि सही समय पर कटाई करने से उनकी ताजगी कई दिनों तक बनी रहती है.
मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण समुद्री रास्ते बंद होने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित है. महाराष्ट्र के नासिक जिले में अंगूर और केले के किसानों को निर्यात में भारी नुकसान हो रहा है. जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पर सैकड़ों कंटेनर फंसे हुए हैं, जिनमें जल्दी खराब होने वाले फल-सब्जियां शामिल हैं. वहीं, शिपिंग कंपनियों ने युद्ध जोखिम सरचार्ज भी लागू किया है, जिससे लागत बढ़ गई है.
किशमिश और मुनक्का दोनों ही ड्राई फ्रूट्स अंगूर से ही बनते हैं लेकिन इनमें कई महत्वपूर्ण अंतर होते हैं. किशमिश छोटे, बीज रहित अंगूरों से बनती है और इसका रंग हल्का भूरा या सुनहरा होता है जबकि मुनक्का बड़े, काले या लाल अंगूरों से बनती है. आइए जानते हैं किशमिश और मुनक्का में में क्या फर्क है और कैसे बनते हैं.
देश के ज्यादातर हिस्सों में एक तरफ जहां गर्मी सता रही है तो वहीं दो राज्यों में बेसौसम बारिश किसानों को परेशान कर रही है. महाराष्ट्र और राजस्थान के कुछ इलाकों में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बारिश से खेतों में खड़ी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है.
इस अंगूर को जापान के इशिकावा में उगाया जाता है. आकार में ये अन्य अंगूरों की तुलना में 4 गुना बड़ा होता है. साथ ही ये अन्य अंगूरों की तुलना में ज्यादा मीठा और रसभरा भी होती है. ये अंगूर बेहद दुर्लभ है. इस अंगूर के एक गुच्छे की कीमत 9 लाख रुपये तक है.
बारिश का मौसम सिर्फ हरियाली बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि घर में सब्जियां उगाने के लिए भी बेहतरीन माना जाता है. नमी वाली मिट्टी और अनुकूल तापमान में कई सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं.
भारत सरकार ने पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जो एक जानलेवा हर्बिसाइड है और मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है.
किसान परिवार से आने वाले मुंढे ने UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने के बाद 21 वर्षों में 25 बार तबादला झेला है. उनके समर्थक उन्हें 'सिंघम IAS' कहते हैं, जो भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हैं. उनकी कार्रवाई से राज्य में खाद्य सुरक्षा पर नई बहस छिड़ गई है.
करेले की काशी प्रतिष्ठा वैरायटी के बीज अब बाजार में उपलब्ध है, जो बुवाई के 50-55 दिनों में ही तुड़ाई के लिए फसल तैयार कर देते हैं. नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NSC) के अनुसार, इसके 5 ग्राम हाइब्रिड बीज मात्र 45 रुपये में ऑनलाइन उपलब्ध हैं.
केंद्र सरकार ने 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 'कपास उत्पादकता मिशन' शुरू किया है, जिसके तहत गुजरात को 134.80 करोड़ रुपये का बजट मिला है. राज्य के 21 कपास उत्पादक ज़िलों में एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को मिशन में शामिल किया जाएगा. आधुनिक खेती अपनाने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 7,500 से 14,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी.
गमले की मिट्टी में रेत मिलाना हर पौधे के लिए जरूरी नहीं है. अगर आपके पौधे को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी चाहिए, तभी साफ और मोटे दानों वाली रेत का इस्तेमाल करें.
हरी-भरी पत्तियां होने के बावजूद अगर गुलाब में फूल नहीं खिल रहे हैं, तो इसकी वजह देखभाल में की गई कुछ सामान्य गलतियां हो सकती हैं. इन बातों का ख्याल रखा जाए तो पौधा भरपूर फल देता रहेगा.
भारत में कश्मीर में चेरी ब्लॉसम के पेड़ देखने को मिलते हैं. इसके अलावा उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में भी चेरी ब्लॉसम जैसे फूलों वाले पेड़ लगाए जाते हैं.
विनीता सबसे पहले कृषि विज्ञान केंद्र के तत्कालीन पी सी (प्रोग्राम को डिनटर) विनोद कुमार के 2011 के ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल हुईं. इसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह अपने साथ अन्य कई महिलाओं को मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना चुकी हैं.
खुबानी खाने के बाद इसकी गुठली को फेंकने की जरूरत नहीं है. थोड़ी सी मेहनत और सही देखभाल से आप इसी गुठली से घर में खुबानी का पौधा तैयार कर सकते हैं.
घर में उगाई गई पालक को अगर सही तरीके से तोड़ा जाए तो पौधे से कई बार पत्तियां मिल सकती हैं. जानिए कब करें कटाई और कौन-सी गलती करने से पौधा जल्दी खराब हो सकता है.