किसान
एक किसान कृषि से जुड़े व्यक्ति होता है, जो फसल और सब्जियां उगाते हैं. एक किसान खेती की जमीन का मालिक हो सकता है या दूसरों के स्वामित्व वाली भूमि पर मजदूर के रूप में काम कर सकता है, लेकिन अधिकांश विकसित अर्थव्यवस्थाओं में, एक किसान आमतौर पर एक खेत का मालिक होता है, जबकि खेत के कर्मचारियों को खेत में काम करने वाले या फार्महैंड के रूप में जाना जाता है (Farmer).
नीम में पाया जाने वाला प्राकृतिक तत्व कीटों की वृद्धि और प्रजनन को रोक देता है. यह सीधे तौर पर कीड़ों को मारने के बजाय उनकी भोजन प्रक्रिया को प्रभावित करता है, जिससे वे धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं.
Bihar Makhana Farming: बिहार सरकार की मखाना विकास योजना का उद्देश्य किसानों की आय दोगुनी करना और उत्पादन बढ़ाना है. योजना के तहत किसानों को 75% तक सब्सिडी, आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज और मार्केटिंग सहायता दी जाएगी. मखाना विकास योजना में माइक्रो से लेकर बड़ी यूनिट तक सब्सिडी दी जाएगी और ब्रांडिंग व एक्सपोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा.
जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच गेहूं के दाम 29.39 से घटकर 24.41 रुपये प्रति किलो हो गए, लेकिन आटे की कीमतें लगभग स्थिर हैं. इससे स्पष्ट होता है कि गेहूं के दाम कम होने के बावजूद उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली. किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं, जबकि ब्रांडेड आटा और ब्रेड महंगे दामों पर बिक रहे हैं.
ये पौधे न केवल घर को ठंडा रखते हैं बल्कि हवा की गुणवत्ता भी सुधारते हैं. इन्हें सही जगह और देखभाल के साथ रखने से घर में ताजगी बनी रहती है और गर्मी का असर कम होता है.
अगर आप अपने घर को ट्रॉपिकल लुक देना चाहते हैं तो नारियल का पेड़ एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, लेकिन इसकी सही देखभाल बेहद जरूरी है. धूप, पानी और पोषण का संतुलन बनाए बिना यह पौधा अच्छी तरह विकसित नहीं हो पाता.
गर्मियों में ताजे और केमिकल-फ्री फल पाने के लिए बाजार पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. थोड़ी सी जगह, सही मिट्टी और नियमित देखभाल के साथ आप अपने घर के बैकयार्ड या गमले में ही कई फल आसानी से उगा सकते हैं.
पश्चिम बंगाल के सिंगूर में आलू उगाने वाले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें घाटा झेलना पड़ रहा है.
बारिश होने के बाद भी अगर आपकी गार्डन की मिट्टी सूखी नजर आती है, तो इसका मतलब यह नहीं कि पानी नहीं पड़ा. इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं, जिनकी वजह से पानी जड़ों तक पहुंच ही नहीं पाता.
UP sugarcane GPS survey: उत्तर प्रदेश में 1 मई से 30 जून 2026 तक गन्ने की फसल का जीपीएस सर्वे चलेगा. जिसमें किसानों के खेतों का सही क्षेत्रफल, गन्ने की किस्म और उत्पादन का सटीक डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा. सर्वेक्षण टीम में राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और चीनी मिल कर्मचारी शामिल होंगे, जो खेत पर जाकर ऑनलाइन डाटा फीड करेंगे. नए किसानों का भी रजिस्ट्रेशन होगा.
सर्दियों में तुलसी के पौधे की देखभाल चुनौतीपूर्ण होती है. ज्यादा नमी और कम धूप से पौधे की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और फंगस लग जाता है. हल्दी एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल है, जो तुलसी के पौधे को फंगस से बचाता है और उसे मजबूत बनाता है. आइए जानते हैं हल्दी के उपाय से कैसे तुलसी के पौधे को हरा-भरा रखा जा सकता है.
सरकार का मानना है कि इससे कई विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा क्योंकि भू-अर्जन में अभी के नियम के मुताबिक किसानों को जमीन की कीमत का दुगना मुआवजा मिलता है. अब चार गुना मुआवजा मिलने से किसानों की परेशानी भी कम होगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में एक साथ खरीद से वैश्विक आपूर्ति और भी तंग हो सकती है, जिससे आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
ईरान जंग का असर अब भारत की खेती पर भी दिखने लगा है. भारत करीब 25 लाख टन यूरिया रिकॉर्ड कीमत पर इंपोर्ट करने जा रहा है, जो दो महीने पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी है. इससे सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ेगा.
बिहार सरकार ने मार्च 2026 में ओले, तूफान और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना शुरू की है. जिसके तहत 13 जिलों के हजारों किसानों को असिंचित, सिंचित और बागवानी फसलों के लिए अलग-अलग दरों पर आर्थिक सहायता दी जाएगी. प्रभावित किसान 5 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
तेज गर्मी और लू के बढ़ते असर के बीच खेतों में नमी बनाए रखना किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. ऐसे में अलग-अलग राज्यों के लिए फसलों को बचाने और नुकसान कम करने के लिए कृषि सलाह जारी की गई है.
गर्मी के मौसम में पौधों की देखभाल के दौरान अधिक पानी देने की गलतफहमी से बचना जरूरी है. विशेषज्ञ बताते हैं कि पौधों की जड़ों को ऑक्सीजन भी चाहिए होती है, इसलिए मिट्टी को लगातार गीला रखना नुकसानदायक हो सकता है.
गर्मी में खेत की जुताई किसानों के लिए सिर्फ एक काम ही नहीं बल्कि मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारने का सबसे सस्ता और असरदार तरीका है. खेत की 9-12 इंच गहरी जुताई से अगले सीजन में किसानों की फसल में 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
अपराजिता को नीले और सफेद खूबसूरत फूलों के लिए जाना जाता है. कई बार इस पौधे में पत्तियां तो खूब आती हैं, लेकिन फूल कम निकलते हैं. ऐसे में एक आसान और घरेलू उपाय काफी मददगार साबित हो सकता है.
FSSAI ने फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक केमिकल्स के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इसके तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फल मंडियों, गोदामों और थोक विक्रेताओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी.
बढ़ती गर्मी और लगातार घटते भू-जल स्तर को देखते हुए किसानों को सूझ-बूझ के साथ फसल का चयन करना चाहिए.कृषि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पानी की स्थिति के अनुसार खेती करने से न केवल नुकसान का जोखिम कम होता है, बल्कि उत्पादन भी बढ़िया हो सकता है.
पंजाब के किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से गेहूं खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर रेल रोको आंदोलन तेज किया जाएगा.