किसान
एक किसान कृषि से जुड़े व्यक्ति होता है, जो फसल और सब्जियां उगाते हैं. एक किसान खेती की जमीन का मालिक हो सकता है या दूसरों के स्वामित्व वाली भूमि पर मजदूर के रूप में काम कर सकता है, लेकिन अधिकांश विकसित अर्थव्यवस्थाओं में, एक किसान आमतौर पर एक खेत का मालिक होता है, जबकि खेत के कर्मचारियों को खेत में काम करने वाले या फार्महैंड के रूप में जाना जाता है (Farmer).
भोपाल में किसान आंदोलन के दूसरे दिन सड़कों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया. पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर किसान वीर सावरकर सेतु से बोर्ड ऑफिस चौराहे तक पहुंचे. लेकिन शाम तक सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, जिसमें मूंग की 60 प्रतिशत खरीद की सहमति बनी और आंदोलन खत्म हो गया.
अगर आप कम समय में खेती से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो सही फसल, सही मौसम और सही तकनीक की पहचान करना जरूरी है. आप मोटे अनाज की खेती करके कम लागत में मोटा मुनाफा भी कमा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे आप मोटे अनाज की खेती से बेहतर उत्पादन और मुनाफा पा सकते हैं.
यूपी में भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अगस्त के पहले सप्ताह से मानसून फिर सक्रिय होगा और यूपी के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. 1 जून से 29 जुलाई तक सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. हालांकि,पूर्वी यूपी में सबसे ज्यादा बारिश की कमी दर्ज की गई है.
भोपाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) मोनिका शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह प्रदर्शनकारियों की तरफ से आगे बढ़ाई जा रही बस के सामने खड़ी होकर उसे हाथों से रोकती नजर आ रही हैं.
मध्य प्रदेश में मूंग की 100 फीसदी MSP पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. भोपाल में डेरा डाले किसानों के बीच राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर खरीद सीमा बढ़ाने की मांग की है. सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने दिल्ली में किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात कर किसानों, छात्रों और युवाओं का संयुक्त मोर्चा बनाने की बात कही. CJP का आरोप है कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को सभी राज्यों में वापस नहीं लिया गया है.
मध्यप्रदेश में मूंग की 100% सरकारी खरीदी और फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' भोपाल पहुंच गई. मंडीदीप में भोपाल सीमा पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर करीब 2 हजार किसान राजधानी में घुस गए. वे मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर चुके हैं. देखें वीडियो.
बूंदी जिले के छोटे गांव पाली के कुंदन मीणा ने लॉकडाउन के दौरान खेती संभालते हुए NEET परीक्षा में 602 अंक प्राप्त कर देशभर में अपनी कैटेगरी में 65वीं रैंक हासिल की. किसान परिवार से आने वाले कुंदन ने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद पढ़ाई को प्राथमिकता दी और कोटा में कड़ी मेहनत से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता पाई. आइए जानते हैं सोने से तपकर कुंदन बनने की ये कहानी...
सरकार के लिए एक और परेशानी दिल्ली की ओर बढ़ रही है. किसानों ने दिल्ली कूच करने का ऐलान कर दिया है. सरकार ने भी किसानों को दिल्ली के बाहर रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं. पंजाब और हरियाणा के किसान महापंचायत करने दिल्ली आ रहे हैं. किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए बॉर्डर को सील कर दिया गया है. दिल्ली कूच कर रहे किसानों को हरियाणा पुलिस ने खनौरी के पास रोका है. भारत माला-जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेसवे पर किसानों का रास्ता रोकने के लिए भारी बैरिकेड लगाए गए हैं. शंभू बॉर्डर को भी सील कर दिया गया है.
ट्रेड डील के विरोध में एक तरफ किसान सड़कों पर उतरे तो दूसरी तरफ विपक्ष भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने में जुट गया है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को हरियाणा बॉर्डर पर रोके जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री दुनिया के देशों के बीच बातचीत करा सकते हैं, तो अपने किसानों से भी बात करनी चाहिए.
पंजाब और हरियाणा के किसान महापंचायत करने के लिए दिल्ली कूच कर चुके हैं. दिल्ली किसान घाट पर महापंचायत का आयोजन रखा गया है. ‘देश बचाओ मोर्चा’ ने इस महापंचायत का आयोजन किया है. पंजाब और हरियाणा के अलावा हिमाचल, राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड, एमपी, महाराष्ट्र के किसानों के भी मौजूद रहने की खबर है. दिल्ली-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान जमा हो चुके हैं.
अमेठी में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद एंटी भूमाफिया अभियान के तहत किसान को 50 साल बाद अपनी पैतृक जमीन का कब्जा मिला. पहली बार पत्नी के साथ खेत में धान की रोपाई कर परिवार ने खुशी जताई. साथ ही उन्होंने प्रशासन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मिली कार्रवाई के लिए आभार जताया.
Succulent पौधे कम पानी में भी आसानी से बढ़ जाते हैं, लेकिन ज्यादा पानी इनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है. अगर आपका पौधा मुरझा रहा है तो उसे बार-बार पानी देने के बजाय सही कारण पहचानना जरूरी है, ताकि वह फिर से स्वस्थ होकर बढ़ सके.
संसद सत्र के बीच अब किसान संगठनों ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दिल्ली के किसान घाट पर मंगलवार को किसान संगठनों ने महापंचायत बुलाई है. जिसमें पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान शामिल होंगे. किसान संगठनों ने ये महापंचायत भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुलाई है. देखें बाला के शंभू बॉर्डर से आजतक की रिपोर्ट.
पौधों की धीमी ग्रोथ या बार-बार मुरझाना हमेशा पानी या खाद की कमी की वजह से नहीं होता. कई बार गमले में जगह खत्म होने के कारण जड़ें दबने लगती हैं और पौधे का विकास रुक जाता है. ऐसे में सही समय पर गमला बदलना पौधे की सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है.
गर्मी और बदलते मौसम के कारण गेंदा (Marigold) के पौधे अक्सर मुरझाने लगते हैं और उनमें फूलों की संख्या भी कम हो जाती है लेकिन कुछ आसान उपायों से सूखते हुए पौधे को फिर से हरा-भरा बनाया जा सकता है और सीजन खत्म होने तक इसमें दोबारा ढेर सारे फूल खिलाए जा सकते हैं.
पंजाब के हजारों किसान 21 जुलाई को दिल्ली कूच के लिए शंभू बॉर्डर पर जुटे हैं। यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका एफटीए के विरोध में हो रहा है। किसान इसे खेती और डेयरी के लिए नुकसानदायक बता रहे हैं.
अगर आपको पौधे लगाने का शौक है लेकिन रोजाना उनकी देखभाल के लिए समय नहीं मिल पाता, तो ऐसे कई पौधे हैं जो कम पानी, कम रोशनी और कम मेहनत में भी लंबे समय तक हरे-भरे रहते हैं.
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से भारी मलबा और पानी खेतों में घुस गया. मटर, गोभी समेत नकदी फसलों को बड़ा नुकसान हुआ. एक कार भी क्षतिग्रस्त हुई, जबकि प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी. लोगों और पर्यटकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें और पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें.
अगर आपकी गाय या भैंस का दूध पतला आ रहा है और उसमें मलाई कम है, तो इसका सीधा संबंध उनके खान-पान और देखभाल से होता है. सही आहार, संतुलित चारा और नियमित मैनेजमेंट से दूध की गुणवत्ता को आसानी से बेहतर किया जा सकता है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण विस्थापित हुए आदिवासी प्रदर्शकारी किसानों को पुलिस ने धरना स्थल से हटा दिया है.14 दिनों से भूख हड़ताल पर किसानों के साथ अनशन पर बैठे किसान नेता अमित भटनागर को भी हटा दिया गया है.