ईरान-अमेरिकी युद्ध में यूएस के कम से कम 81 अमेरिकी सैन्य विमान और ड्रोन या तो क्षतिग्रस्त हुए हैं या नष्ट हो गए हैं. इस हफ़्ते अपडेट की गई 'कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस' की रिपोर्ट के मुताबिक ये आंकड़े पेश किए गए हैं.
नष्ट हुए विमानों में वे शामिल हैं जिनके नुकसान को सेना ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है. जैसे कि ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हुए दो पायलटों को बचाने के मिशन के दौरान नष्ट हुए विमान. साथ ही दर्जनों ऐसे ड्रोन जिनके बारे में सेना ने कोई भी जानकारी देने से इनकार किया है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए 81 विमानों में 45 MQ-9 रीपर ड्रोन, 12 F-15E स्ट्राइक ईगल जेट, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (हवा में ईंधन भरने वाले विमान) और एक F-35A लाइटनिंग II फाइटर जेट शामिल थे.
यह रिपोर्ट युद्ध से हुए नुकसान की जानकारी देती है क्योंकि सेना ने उपकरणों और सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान की कोई पक्की सूची या रिपोर्ट जारी नहीं की है.
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बार बार मई में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध का हवाला देते हुए कहते हैं कि इस वॉर में 8 प्लेन गिर गए थे. अब -ईरान-अमेरिका युद्ध के बारे में ये जानकारी आई है.
मध्यावधि चुनावों से पहले हमले नहीं
इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर सैन्य हमले फिर से शुरू करने का आदेश नहीं देंगे.
इस हफ़्ते रिपब्लिकन पार्टी के लिए प्रचार करते हुए ट्रंप ने संकेत दिया था कि उन्हें भरोसा है कि चुनाव से पहले या बाद के दिनों में युद्ध का कोई नतीजा निकल सकता है, साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह ईरान के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं.
लेकिन ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका 3 नवंबर को अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा.