रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस जीत रहा है. उन्होंने यूक्रेनी नेतृत्व को आतंकवादी बताया और कहा कि मॉस्को उनके साथ बातचीत नहीं कर सकता. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस युद्ध खत्म करने के उद्देश्य से बातचीत के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी एससीओ शिखर सम्मेलन पुतिन से युद्ध खत्म करने की बात की थी.
किर्गिस्तान में शिखर सम्मेलन के बाद पुतिन ने कई हफ्तों में पहली बार युद्ध को लेकर विस्तार से बात की. उन्होंने माना कि यूक्रेन के हमलों से रूस के अंदर वास्तविक नुकसान हुआ है और ड्रोन एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं. इसके बावजूद उन्होंने जोर देकर कहा कि रूसी सेना युद्ध के मैदान में आगे बढ़ रही है. पुतिन ने पत्रकारों से कहा, 'मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि दुश्मन बिखर जाएगा.' हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि ऐसा कब होगा.
युद्ध के साढ़े चार साल बाद रूस यूक्रेन के करीब पांचवें हिस्से पर कंट्रोल रखता है. अमेरिका की मध्यस्थता में हुई शांति वार्ता फरवरी में टूट गई थी, जब अमेरिका और इजरायल ईरान के साथ युद्ध में चले गए. रूस में जनमत सर्वेक्षण युद्ध से बढ़ती थकान का संकेत दे रहे हैं, जबकि प्रभावशाली आवाजों ने उसकी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव को लेकर चेतावनी दी है.
इन दबावों के बावजूद पुतिन ने मोर्चे की स्थिति का विस्तार से जिक्र करते हुए आत्मविश्वास और आक्रामक रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि रूसी सेना की बढ़त तेज हो रही है. पुतिन के मुताबिक, अगस्त में रूसी सैनिकों ने पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में 270 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा किया. उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन के सैनिकों के दो बड़े समूह घिर गए हैं. इनमें एक समूह में 4,500 से 4,800 सैनिक और दूसरे में 2,000 तक सैनिक हैं.
पुतिन ने कहा कि रूसी सैनिक स्लोवियांस्क और क्रामातोर्स्क शहरों की ओर आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मॉस्को की सेना यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले करने की तैयारी कर रही है.
यूक्रेनी ड्रोन हमलों को बताया स्टेट टेररिज्म
पुतिन ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की एयरलाइंस को दी गई यह चेतावनी कि यूक्रेनी ड्रोन रूसी हवाई क्षेत्र को प्रभावी रूप से बंद कर देंगे, 'स्टेट टेररिज्म' जैसी लगती है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो मॉस्को इसका जवाब देने का रास्ता खोज लेगा. किर्गिस्तान में शिखर सम्मेलन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने कहा कि 'आतंकवादियों' के साथ बातचीत संभव नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मॉस्को युद्ध खत्म करने के उद्देश्य से बातचीत के लिए तैयार है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों के साथ बातचीत करने की रूस की इच्छा दोहराई.
पुतिन ने कहा कि अगर कोई इस प्रक्रिया में ठोस योगदान दे सकता है तो रूस इसके पक्ष में है. उन्होंने कहा कि रूस सिर्फ यह चाहता है कि प्रक्रिया बेवजह आगे-पीछे न हो. उनके मुताबिक, अगर कोई इन वार्ताओं में कुछ सकारात्मक ला सकता है, जो फिलहाल कुछ हद तक रुकी हुई हैं, तो मॉस्को इसका विरोध नहीं करेगा.
यूक्रेनी ड्रोन हमलों से नुकसान की बात मानी
पुतिन ने माना कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों से रूस की तेल रिफाइनरियों को नुकसान हुआ है. हालांकि, उन्होंने इन हमलों के कारण पैदा हुई व्यापक ईंधन की कमी का जिक्र नहीं किया. उन्होंने कहा कि रूस ने अपनी सुविधाओं की सुरक्षा का स्तर बढ़ाया है और दावा किया कि 'हमारी केवल 10 फीसदी रिफाइनरियां ही मरम्मत के लिए बची हैं.'