
मशहूर पत्रकारों मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की लिखी नई किताब 'रिजीम चेंज' चर्चा में आ गई है. इस किताब में भारत, अमेरिका और यूक्रेन युद्ध से जुड़ा एक बड़ा दावा किया गया है. किताब में लिखा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस चाहते थे कि भारत यूक्रेन की मदद के लिए अपने सैनिक भेजे. लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे हंसकर टाल दिया था.
किताब 'रिजीम चेंज' के कुछ पन्ने सामने आए हैं. इन पन्नों के मुताबिक, अमेरिका में यूक्रेन में शांति सैनिक भेजने को लेकर एक बैठक चल रही थी. बैठक में जब फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड जैसे नाटो (NATO) देशों के सैनिक भेजने का प्रस्ताव आया, तो जेडी वेंस ने इस पर चिंता जताई.
वेंस का मानना था कि नाटो सैनिकों को यूक्रेन भेजने से रूस नाराज हो सकता है और अमेरिका भी सीधे युद्ध में फंस सकता है. इसके बाद जेडी वेंस ने सुझाव दिया कि क्यों न गैर-यूरोपीय देशों से मदद ली जाए. वेंस ने इस काम के लिए सऊदी अरब और भारत का नाम आगे बढ़ाया.



जेडी वेंस का सुझाव सुनते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हंस पड़े थे. ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा, 'भारतीय ऐसा कभी नहीं करेंगे. वो इस तरह की किसी चीज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करेंगे.'
'प्रधानमंत्री मोदी मुझे बहुत पसंद करते हैं'
किताब में आगे दावा किया गया है कि ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया था. ट्रंप ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी मुझे बहुत पसंद करते हैं और वो मुझसे मिलने आना चाहते थे.' हालांकि, इसके तुरंत बाद ट्रंप ने फिर कहा कि भारतीय लोग कभी किसी चीज के लिए भुगतान नहीं करते हैं.
ट्रंप ने बताया था कि कि अगर ब्रिटिश या फ्रांसीसी सैनिक यूक्रेन में जाते हैं, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उनका मकसद सिर्फ ये था कि इस मामले में अमेरिका सीधे तौर पर शामिल न हो.
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जेलेंस्की पर भी साधा निशाना
इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर भी निशाना साधा. ट्रंप ने जेलेंस्की को एक 'खराब वार्ताकार' बताया था. उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने सही ढंग से बातचीत न करके अपने पूरे देश को बर्बाद कर दिया, लेकिन वो बाइडन प्रशासन से चीजें हासिल करने में बहुत अच्छे थे.