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बिखरे पड़े थे जूते, लोगों के चिथड़े उड़े... ईरान में शादी के घर पर गिरा अमेरिकी बम, चश्मदीदों ने बयां किया मंजर

ईरान के कुहेस्तक में शादी वाले घर पर हुए अमेरिकी हमले ने खुशियों को मातम में बदल दिया. पांच लोगों की मौत और 60 से ज्यादा के घायल होने के बाद चश्मदीदों ने जो खौफनाक मंजर बयां किया, वह रोंगटे खड़े करने वाला है.

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हमले के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों का मंजर. (Photo:Reuters)
हमले के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों का मंजर. (Photo:Reuters)

शादी की खुशियों से गूंजता घर चंद सेकंडों में मलबे के ढेर में बदल गया. दक्षिणी ईरान के तटीय कस्बे कुहेस्तक में एक परिवार शादी के जश्न के लिए जुटा था कि अचानक धमाकों की गूंज से इलाका दहल उठा. इस हमले में एक बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. चश्मदीदों के मुताबिक जमीन पर मासूमों के जूते बिखरे पड़े थे, हवा में बारूद का काला धुआं था और लोग लहूलुहान होकर बाहर भाग रहे थे.

यह घटना मंगलवार, 1 सितंबर 2026 की शाम की है. तबाही उस वक्त मची, जब महिलाएं और बच्चे घर के परिसर में जुटे हुए थे. अभी रस्में शुरू भी नहीं हुई थीं कि पास के एक टेलीकम्युनिकेशन टावर पर मिसाइल गिरी. इसके तुरंत बाद शादी वाले घर पर भी दो धमाके हुए. नुकसान को देखकर अमेरिकी हथियार के सीधे निशाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वॉशिंगटन ने अब तक आधिकारिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है.

'हर तरफ धुआं था, लोग चीख रहे थे'

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय निवासी सुलेमान जकारी फरद ने बताया कि धमाके के बाद चारों तरफ सिर्फ धूल का गुबार और चीख-पुकार थी. लोग जान बचाने के लिए बदहवास भाग रहे थे, जिनमें से कइयों के चेहरे खून से लथपथ थे. उनके मुताबिक पास के टावर पर मिसाइल गिरने के चंद पलों बाद ही शादी वाले घर के पास भी दो जोरदार धमाके हुए.

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airstrike in Kuhestak
कुहेस्तक में हमले के बाद बिखरा पड़ा मलबा और सामान. (Credits: Reuters)

धमाके की आवाज सुनकर 34 साल के स्थानीय कारोबारी सासन जारेई भी मदद के लिए दौड़े. उन्होंने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला. जारेई के मुताबिक घायलों में सबसे ज्यादा संख्या नन्हे बच्चों की थी. मलबे के बीच चारों तरफ बच्चों के सैंडल और जूते बिखरे मिले. एक बच्चे की हालत इतनी नाजुक थी कि उसके फेफड़े तक बाहर निकल आए थे, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. सासन का कहना था कि यह कोई फौजी ठिकाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों का घर था.

Wounded child lies on a hospital bed after airstrike in southern Iran
ईरान में हुए धमाके के बाद अस्पताल में भर्ती मासूम. (Photo: AFP)

अमेरिकी हथियार से वार की बात कितनी पक्की?

अमेरिका ने इस घटना की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है. अमेरिका का कहना है कि उसके सैन्य अभियान का निशाना ईरान के सैन्य ठिकाने थे, नागरिक नहीं.

kuhestak civilian casualties
हमले के बाद का मंजर. (Credits: Reuters)

वहीं, रॉयटर्स ने घटनास्थल की तस्वीरों और वीडियो की जांच चार हथियार विशेषज्ञों से कराई. तीन विशेषज्ञों ने कहा कि नुकसान किसी अमेरिकी हथियार के सीधे वार से होने की संभावना ज्यादा है. एक विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि हथियार अपने तय निशाने से चूक सकता है. रॉयटर्स के मुताबिक, शादी वाला घर उस टेलीकम्युनिकेशन टावर से करीब 135 मीटर दूर था, जिसे अमेरिकी हमले का निशाना बताया गया है.

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Injured child receiving medical treatment at a hospital following the Kuhestak strike.
कुहेस्तक में हमले के बाद अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ता घायल बच्चा.  (Photo: AFP)

जश्न की जगह बिछ गईं लाशें

जिस आंगन में रिश्तेदार मंगल गीत गाने और खुशियां बांटने जमा हुए थे, वहां से जनाजे उठे. एक झटके में शादी का पूरा माहौल मातम में बदल गया और लोग जश्न मनाने के बजाय मलबे से अपनों को तलाशते रह गए.
 

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