पेरिस ओलंपिक चैम्पियन जैकब इंगब्रिग्टसेन डायमंड लीग फाइनल में खिताब से चूकने के बाद अपने प्रतिद्वंद्वियों पर जमकर बरसे. ब्रसेल्स में शुक्रवार (4 सितंबर) को आयोजित मेन्स 1500 मीटर रेस में नॉर्वे के इंगब्रिग्टसेन चौथे स्थान पर रहे. आखिरी दौर में ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मायर्स ने शानदार तेजी दिखाते हुए खिताब अपने नाम किया, जबकि इंगब्रिग्टसेन पोडियम फिनिश से महज 0.02 सेकंड दूर रह गए.
कैमरन मायर्स ने 3:30.14 के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया. केन्या के फानुएल किपकोसगेई कोएश 3:30.18 के साथ दूसरे और अमेरिका के एथन स्ट्रैंड 3:30.50 के साथ तीसरे स्थान पर रहे. इंगब्रिग्टसेन ने 3:30.52 का समय निकाला.
रेस के शुरुआती और मध्य हिस्से में इंगब्रिग्टसेन ने गति को नियंत्रित रखा. लंबे समय तक वह खिताब के प्रबल दावेदार नजर आए, लेकिन फिनिश से करीब 30 मीटर पहले उनकी रफ्तार कम पड़ गई. इसी दौरान मायर्स ने अपनी ऊर्जा बचाकर रखा हमला किया. 20 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई धावक ने आखिरी हिस्से में तेजी पकड़ी और इंगब्रिग्टसेन समेत बाकी दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीत लिया.
नतीजे से निराश इंगब्रिग्टसेन ने रेस की रणनीति पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि कई प्रतिद्वंद्वी खुद से गति बनाने के बजाय दूसरे धावकों के पीछे रहकर अपनी ऊर्जा बचाते रहे. इंगब्रिग्टसेन ने पेसमेकर की भूमिका पर भी नाराजगी जताई. उनके मुताबिक, पेसमेकर ने उन्हें उस गति से हटा दिया, जिसे वह बनाए रखना चाहते थे. उनका मानना था कि रेस का माहौल उनकी पसंद के मुताबिक नहीं रहा.
इंगब्रिग्टसेन ने अमेरिकी धावक कोल हॉकर की रणनीति का भी जिक्र किया. हॉकर 3:30.80 के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे. इंगब्रिग्टसेन के मुताबिक, पेसमेकर में बदलाव से रेस की रणनीति बदल गई और कई धावक भ्रमित हुए. उन्होंने दावा किया कि हॉकर से जुड़े पेसिंग फैसले ने बाकी खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया.
इंगब्रिग्टसेन कहते हैं, 'मैं रेस और नतीजे से बहुत निराश हूं. मैं कायरों के झुंड के खिलाफ रेस कर रहा था. यही है जो है. सिर्फ कैमरन एक अच्छा रेसर है, बाकी सभी हारने वालों जैसे दिखे, जिसमें मैं भी शामिल हूं.' हालांकि इंगब्रिग्टसेन ने यह भी माना कि वह खुद अपनी सर्वश्रेष्ठ शारीरिक स्थिति में नहीं थे.