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ईरानी हमलों में US ने गंवाए तीन और सैनिक, भड़के ट्रंप बोले- और जोरदार हमले करेंगे

उत्तर इराक में एक ईरानी ड्रोन के फटने से एक अमेरिकी सैनिक की मौत और एक के घायल होने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं.

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ईरान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप. (Photo: ITG)
ईरान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप. (Photo: ITG)

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार को बताया कि उत्तरी इराक में एक ईरानी ड्रोन से गिरे अनएक्सप्लोडेड ऑर्डिनेंस (अविश्फोटित विस्फोटक) को निष्क्रिय करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सैनिक घायल हो गया. इस घटना के कुछ घंटों बाद अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमलों की घोषणा की है. इसके अलावा IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी सेना के ठिकाने पर हमला कर कई सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है.

CENTCOM के मुताबिक, 18 जुलाई को उत्तरी इराक में गिराए गए ईरानी 'वन-वे अटैक ड्रोन' (आत्मघाती ड्रोन) से मिले बिना फटे विस्फोटक को नियंत्रित तरीके से नष्ट करने के दौरान सैनिक की मौत हो गई. अभियान के दौरान एक अन्य अमेरिकी सैनिक को मामूली चोटें आईं और उसका इलाज चल रहा है.

17 US सैनिकों की मौत

कमांड ने कहा कि परिवारों के सम्मान में औपचारिक सूचना प्रक्रिया पूरी होने तक मारे गए और घायल सैनिकों की पहचान उजागर नहीं की जा रही है. इस घटना के साथ ही लगभग 5 महीने के इस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 17 हो गई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना के तुरंत बाद सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया और कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला किया है. सेंटकॉम ने बताया कि ये हमला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्ग में कमर्शियल जहाजों और नागरिकों पर हमले करने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया है.

चाबहार और तबरीज में सुने गए तेज धमाके

अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान के कई हिस्सों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और सैन्य गतिविधियां बढ़ गईं. ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार में कई धमाके हुए, जिसके बाद पास के कोनारक शहर में ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया. इसके अलावा स्टेट टीवी ने उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज को भी अमेरिकी हमलों का निशाना बनाए जाने की सूचना दी है.

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जॉर्डन में IRGC अटैक

वहीं, IRGC का दावा है कि जॉर्डन के लोगों से मिली खुफिया जानकारी की मदद से उसने अल-अजराक इलाके में अमेरिकी सेना के हाउसिंग ठिकाने 20 हैंगर पर हमला किया, जिसमें कथित तौर पर दर्जनों अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं.

आईआरजीसी ने जॉर्डन के लोगों का आभार जताते हुए कहा, 'जॉर्डन के सम्मानित लोगों और बहादुर सैनिकों, हम आपके सच्चे सहयोग और सही जानकारी के लिए आपका धन्यवाद करते हैं. इसी की मदद से हमारे लड़ाकों ने अल-अज़राक इलाके में अमेरिकी सेना के 20 हैंगर को सटीक रूप से निशाना बनाकर नष्ट किया, जिसमें दर्जनों अमेरिकी सैनिक मारे गए.'

IRGC का ये भी दावा है कि उसने जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना के कई विमानों को नष्ट कर दिया.

IRGC का दो तेल टैंकर पर हमला

इसके अलावा ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के दक्षिणी मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को उड़ा दिया गया है. बढ़ते खतरे को देखते हुए बहरीन स्थित अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. दूतावास ने अपने नागरिकों को आगाह किया है कि ईरान मनामा के मध्य इलाकों को निशाना बना सकता है, इसलिए सभी अमेरिकी सतर्क रहें.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अभी तक उन विशिष्ट स्थानों या तबाही के पैमाने का खुलासा नहीं किया है, जहां ताजा हवाई हमले किए गए हैं. दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे इन हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिका का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ईरानी क्षमताओं को कमजोर करने के लिए ये अभियान जारी रहेगा.

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