चीन के बढ़ते ग्लोबल असर को सीमित करने के लिए अमेरिका एक बार फिर बड़े पैमाने पर निवेश की तैयारी कर रहा है. ट्रंप प्रशासन दुनियाभर में चीन के प्रभाव का मुकाबला करने वाली परियोजनाओं पर सैकड़ों मिलियन डॉलर खर्च करने की योजना बना रहा है. पिछले वर्ष बजट और कर्मचारियों में कटौती के दौरान इनमें से कई कार्यक्रमों को रोक दिया गया था, लेकिन अब इन्हें दोबारा गति देने की तैयारी शुरू हो गई है.
एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ने पिछले सप्ताह कांग्रेस को सूचित किया है कि वह 175.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च कर कैरेबियाई और मध्य अमेरिकी देशों में पुरानी और जर्जर समुद्र के भीतर बिछी दूरसंचार (अंडरसी टेलीकम्युनिकेशन) केबलों को बदलेगा. अमेरिका का मानना है कि अगर यह बुनियादी ढांचा समय रहते नहीं सुधारा गया तो चीन इस क्षेत्र में अपनी तकनीकी और रणनीतिक मौजूदगी मजबूत कर सकता है.
अमेरिका लंबे समय से पश्चिमी गोलार्ध में चीन की बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक गतिविधियों को लेकर चिंता जताता रहा है. खासतौर पर पनामा नहर के दोनों सिरों पर स्थित बंदरगाहों में चीनी कंपनियों की भागीदारी, बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत क्षेत्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और दूरसंचार क्षेत्र में चीनी निवेश को वाशिंगटन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती मानता है.
अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि चीन की आर्थिक गतिविधियां अमेरिका की सुरक्षा और समृद्धि के लिए जोखिम पैदा कर रही हैं. उनके अनुसार, चीन की परियोजनाएं शुरुआत में सस्ती दिखाई देती हैं, लेकिन बाद में लागत बढ़ने, छिपे हुए रखरखाव शुल्क और खराब प्रदर्शन के कारण वे अधिक महंगी साबित होती हैं.
अंडरसी केबल परियोजना को चीन के प्रभाव को सीमित करने की व्यापक अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में इस तरह की कई अन्य योजनाओं पर भी सैकड़ों मिलियन डॉलर अतिरिक्त खर्च किए जा सकते हैं.
दिलचस्प बात यह है कि यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग सार्वजनिक तौर पर सहयोग का संदेश दे रहे हैं. शी चिनपिंग के इस वर्ष सर्दियों में अमेरिका दौरे की भी तैयारी है. इसके बावजूद वाशिंगटन, वैश्विक स्तर पर चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अपनी रणनीतिक और आर्थिक पहल को तेज करने में जुटा हुआ है.