अमेरिका की ईरान पर लगाई गई पाबंदियों के बीच राहत की खबर है. अमेरिका ने ईरान की शिया जायरीनों की आवाजाही के लिए इराकी एयरवेज को सीमित छूट देने का फैसला किया है. इसके बाद ईरान से इराक के नजफ शहर के लिए दोबारा उड़ानें शुरू हो सकती हैं. खास बात यह है कि यह छूट शुरुआत में सिर्फ एक महीने के लिए होगी, लेकिन आगे इसे स्थायी करने की संभावना भी है.
यह फैसला ऐसे समय आया है जब इराक को अमेरिका और पड़ोसी ईरान, दोनों के साथ रिश्तों को संभालना पड़ रहा है. इराक ने अमेरिका से ईरान के साथ मेडिकल ट्रीटमेंट, शिक्षा और धार्मिक यात्रा के लिए कुछ छूट देने की मांग की थी. इराकी अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि ईरान और नजफ के बीच उड़ानें 48 घंटे के भीतर शुरू हो सकती हैं.
अमेरिकी छूट के साथ कुछ सुरक्षा इंतजाम भी तय किए गए हैं. इराकी सरकार ने यात्रियों की सख्त जांच और जानकारी साझा करने का भरोसा दिया है. इराक ने अमेरिका को यह भी भरोसा दिलाया है कि इन उड़ानों का इस्तेमाल हथियार, प्रतिबंध झेल रहे लोगों या अवैध धन को ले जाने के लिए नहीं किया जाएगा. शुरुआत में इराकी एयरवेज को एक महीने तक उड़ानें चलाने की इजाजत मिलने की बात कही गई है. इसके बाद लंबी अवधि की छूट पर फैसला हो सकता है.
नजफ क्यों है इतना अहम?
नजफ शिया समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों में से एक है. यहां इमाम अली की दरगाह है और हर साल लाखों जायरीन पहुंचते हैं. नजफ में वादी-अल-सलाम भी है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना इस्लामी कब्रिस्तान माना जाता है.
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ईरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ने के बीच हाल के दिनों में तुर्की, UAE और इराक ने ईरान के साथ सीधी उड़ानों को रद्द या सीमित किया है. ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर हवाई संपर्क लगातार काटे गए तो क्षेत्रीय हवाई यात्रा पर असर पड़ सकता है.
फिलहाल यह ईरान और इराक के बीच धार्मिक आवाजाही के लिए एक अस्थायी रास्ता है, जबकि बगदाद वॉशिंग्टन डी सी से दूसरी जरूरी यात्राओं के लिए भी छूट की बातचीत जारी रखे हुए है.