28 सितंबर, 1781 को, जनरल जॉर्ज वाशिंगटन ने वर्जीनिया के यॉर्कटाउन में ब्रिटिश जनरल लॉर्ड चार्ल्स कॉर्नवालिस की सेना के खिलाफ युद्ध शुरू किया था. यॉर्कटाउन का यह युद्ध अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम का अंतिम और निर्णायक युद्ध साबित हुआ. इस लड़ाई के बाद अमेरिका ने खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया था. वहीं अंग्रेजों ने मुंह की खाने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया था.
इस दिन जनरल जॉर्ज वाशिंगटन ने 17,000 फ्रांसीसी और कांटिनेंटल सैनिकों की एक टुकड़ी के साथ वर्जिनिया के यॉर्कटाउन पहुंचे. वहां ब्रिटिश जनरल लॉर्ड चार्ल्स कॉर्नवालिस और 9,000 ब्रिटिश सैनिकों की एक टुकड़ी की घेराबंदी शुरू कर दी. अंग्रेजों के खिलाफ खिलाफ यह लड़ाई यॉर्कटाउन की जंग के रूप में जानी जाती है.
इससे पहले, काउंट डी ग्रास, फ्रांकोइस के नेतृत्व में फ्रांसीसी बेड़ा सेंट डोमिंग्यू (उस समय की फ्रांसीसी कॉलोनी, जो अब हैती है) से चेसापीक खाड़ी के लिए रवाना हुआ. ठीक उसी समय जब कॉर्नवॉलिस ने चेसापीक के मुहाने पर स्थित यॉर्कटाउन को अपना अड्डा बनाया. वाशिंगटन समझ गए कि अब कार्रवाई का समय आ गया है.
उन्होंने मार्क्विस डी लाफायेट और 5,000 सैनिकों की अमेरिकी सेना को यॉर्कटाउन से कॉर्नवॉलिस के भागने के रास्ते को जमीन से रोकने का आदेश दिया. जबकि फ्रांसीसी नौसेना ने ब्रिटिश सेना के समुद्र मार्ग से भागने के रास्ते को रोक दिया. 28 सितंबर तक, वाशिंगटन ने महाद्वीपीय और फ्रांसीसी सैनिकों की संयुक्त सेना के साथ कॉर्नवॉलिस और यॉर्कटाउन को पूरी तरह से घेर लिया था. तीन सप्ताह तक लगातार दिन-रात तोपखाने से बमबारी के बाद 17 अक्टूबर, 1781 को कॉर्नवॉलिस ने यॉर्कटाउन के मैदान में वाशिंगटन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इस तरह अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम का अंत हो गया.
बीमारी का बहाना बनाकर कॉर्नवॉलिस 19 अक्टूबर को आयोजित औपचारिक आत्मसमर्पण समारोह में शामिल नहीं हुए. इसके बजाय, उनके सेकंड कमांडर, जनरल चार्ल्स ओ'हारा, कॉर्नवॉलिस की तलवार को अमेरिकी और फ्रांसीसी कमांडरों तक ले गए.
हालांकि, खुले समुद्रों और अन्य मोर्चों पर लड़ाई जारी थी. इनमें पश्चिम में मूल अमेरिकी और ब्रिटिश सेनाएं भी शामिल थीं. लेकिन यॉर्कटाउन में देशभक्तों की जीत ने अमेरिकी उपनिवेशों में लड़ाई समाप्त कर दी. 1782 में शांति वार्ता शुरू हुई और 3 सितंबर, 1783 को पेरिस संधि पर हस्ताक्षर किए गए, जिसने आठ वर्षों के युद्ध के बाद अमेरिका को औपचारिक रूप से एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी.