गुजरात के जूनागढ़ में गिर गाय के शुद्ध देसी घी के नाम पर कथित तौर पर नकली घी बेचने के कारोबार का खुलासा हुआ है. एसओजी पुलिस ने मार्केटिंग यार्ड के पास कार्रवाई करते हुए 300 से अधिक घी के डिब्बे बरामद किए हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक सोयाबीन तेल और केमिकल एसेंस के इस्तेमाल से घी तैयार कर उसे अलग-अलग ब्रांड के नाम से बाजार में बेचा जा रहा था. अब खाद्य विभाग ने घी के सैंपल जांच के लिए जुटाए हैं.
300 से ज्यादा डिब्बे, आठ से अधिक ब्रांड के नाम
जूनागढ़ में एसओजी पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक कंटेनर से घी के 300 से अधिक डिब्बे मिले हैं. इनमें 'बृज मटुकी' और 'केशव' समेत आठ से ज्यादा ब्रांड के नाम वाले डिब्बे शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक कमलेश सोढ़ा नाम का व्यापारी कथित तौर पर पिछले चार से पांच वर्षों से गिर गाय के शुद्ध देसी घी के नाम पर नकली घी बेचने के कारोबार में शामिल था.
सोयाबीन तेल और केमिकल एसेंस से तैयार करने का आरोप
शुरुआती जानकारी में आरोप लगाया गया है कि सोयाबीन तेल और केमिकल एसेंस मिलाकर घी जैसा उत्पाद तैयार किया जाता था. इसके बाद इसे करीब 600 रुपये प्रति किलो की कीमत पर बेचा जाता था. हालांकि, बरामद उत्पाद में किन पदार्थों का इस्तेमाल हुआ है और उसकी गुणवत्ता क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि लैब जांच के बाद ही हो सकेगी.
वडोदरा भेजे जाएंगे सैंपल, रिपोर्ट पर टिकी नजर
एसओजी की कार्रवाई के बाद फूड एंड ड्रग्स विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और बरामद घी के सैंपल एकत्र किए. इन सैंपल को जांच के लिए वडोदरा भेजा जाएगा. रिपोर्ट से पता चलेगा कि घी में मिलावट हुई है या नहीं और उसमें किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया है.
फिलहाल मामले की जांच जारी है. सैंपल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले ने शुद्ध देसी घी के नाम पर बेचे जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता और उनकी प्रामाणिकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.