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हार्मोन इंजेक्शन लगवाता था यूएस में मंदिर में मास शूटिंग की साजिश का आरोपी, अब तक ये 5 खुलासे हुए हैं

अमेरिका के औरोरा में हिंदू मंदिर पर मास शूटिंग की कथित साजिश के आरोप में 19 साल के एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया. उस पर आतंकवादी धमकी और अवैध हथियार रखने के आरोप हैं. कोर्ट ने उसे बिना जमानत हिरासत में रखने और जेल में हार्मोन इंजेक्शन और दवाएं जारी रखने का निर्देश दिया है.

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अमेरिका के औरोरा में हिंदू मंदिर पर मास शूटिंग की कथित साजिश के आरोप में 19 साल के युवक को गिरफ्तार किया गया है (Photo: ITG)
अमेरिका के औरोरा में हिंदू मंदिर पर मास शूटिंग की कथित साजिश के आरोप में 19 साल के युवक को गिरफ्तार किया गया है (Photo: ITG)

अमेरिका के इलिनॉय राज्य के औरोरा शहर में हिंदू मंदिर पर मास शूटिंग की कथित साजिश रचने के आरोप में 19 साल का एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस बिना जमानत हिरासत में है. कोर्ट ने जेल में उसका हार्मोन इंजेक्शन और दूसरी दवाओं का इलाज जारी रखने का भी निर्देश दिया है. उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध हथियार रखने के आरोप हैं. पुलिस को उसके पास से हथियार, बड़ी मात्रा में गोला बारूद और नस्लीय नफरत वाला कथित घोषणापत्र मिला है. इस मामले में अब तक पांच अहम बातें सामने आई हैं.

1. जेल में भी जारी रहेगा हार्मोन इंजेक्शन का इलाज

इस मामले में सबसे चर्चित खुलासा आरोपी के इलाज को लेकर हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुक काउंटी के एक जज ने आदेश दिया है कि जेल में रहते हुए भी पापोराकिस को हार्मोन इंजेक्शन और दूसरी निर्धारित दवाएं दी जाती रहेंगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी ADHD, डिप्रेशन और एंग्जायटी के लिए भी इलाज करा रहा है. हालांकि, उसके हार्मोन ट्रीटमेंट का सटीक मेडिकल कारण सार्वजनिक जानकारी में साफ नहीं है. इस इलाज को उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों या कथित हमले की साजिश से जोड़ने का कोई स्थापित आधार नहीं है.

2. हिंदू मंदिर में मास शूटिंग की कथित साजिश

अमेरिकी पुलिस के मुताबिक, पापोराकिस पर औरोरा इलाके में एक हिंदू धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की योजना तैयार करने का आरोप है. जांचकर्ताओं को शक है कि वह भारतीय मूल के लोगों पर हमला करना चाहता था. हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि कथित साजिश में निशाना बनाए जाने वाले मंदिर की पहचान को लेकर जांच की गई है और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है. आरोपी को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था.

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3. कथित घोषणापत्र में भारतीयों के खिलाफ नफरत

जांच के दौरान पुलिस को आठ पन्नों का एक कथित घोषणापत्र मिला, जिसका शीर्षक ‘Why I Fought: A.K.A. (Aurora Shooter’s Manifesto)’ बताया गया है. अभियोजकों के मुताबिक, इसमें श्वेत वर्चस्ववादी और नव-नाजी विचारधारा से जुड़ी बातें थीं. दस्तावेज में भारतीयों समेत अलग-अलग नस्लीय और धार्मिक समुदायों के खिलाफ हिंसा का जिक्र होने का आरोप है. अभियोजकों का कहना है कि आरोपी ने अपने सहकर्मियों के सामने भी नस्लवादी विचार व्यक्त किए थे.

यह भी पढ़ें: घृणा का भरता घड़ाः हिंदुओं के खिलाफ दुनिया में क्यों बढ़ रहे हेट क्राइम

4. हथियार जाम होने के बाद कथित तौर पर भागा आरोपी

जांच से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी कथित हमले के दिन राइफल लेकर मंदिर के आसपास पहुंचा था. अभियोजकों का आरोप है कि उसने गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन हथियार जाम हो गया. इसके बाद वह वहां से भाग गया. बाद में उसने कथित तौर पर एक सहकर्मी को फोन कर हथियार के काम नहीं करने की बात बताई. रिपोर्टों के मुताबिक, उसने हथियार में आई खराबी का वीडियो भी साझा किया था. इसके बाद उसके सहकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी.

5. घर से राइफल, सैकड़ों कारतूस और नाजी प्रतीक बरामद

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी के घर की तलाशी में एक AR-स्टाइल राइफल, लोडेड मैगजीन, सैकड़ों कारतूस, बॉडी आर्मर और टैक्टिकल उपकरण मिले. अधिकारियों ने नाजी प्रतीकों से जुड़ी सामग्री मिलने की भी जानकारी दी है. पुलिस का कहना है कि सहकर्मियों से मिली सूचना और इलेक्ट्रॉनिक संदेशों की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया. फिलहाल वह हिरासत में है और मामले की सुनवाई जारी है.

आरोपी के खिलाफ आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं. मामले की जांच जारी है और अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है. इस घटना ने अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों और हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.

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