इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि दुबई से तेल अवीव आ रही फ्लाइट में चाकूबाजी की घटना में शामिल ओमानी को पायलट कट्टर मजहबी विचारधारा का व्यक्ति था. पीएम नेतन्याहू ने कहा कि ओमानी पायलट को इस्लामी कट्टरपंथ की शिक्षा दी गई है. उन्होंने ये बातें फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कही है. इस को पायलट की पहचान अबतक सार्वजनिक नहीं की गई है. नेतन्याहू ने कहा कि अगले कुछ ही दिनों में पता चल जाएगा कि क्या ओमानी को-पायलट के ईरान से कोई संबंध थे अथवा नहीं. उन्होंने कहा कि को-पायलट 'इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था.
ओमानी पायलट पर सऊदी- UAE की चुप्पी
इस बीच घटना का उद्देश्य अबतक सामने नहीं आ पाया है. 24 घंटे से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद भी सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात ने हमलावर पायलट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. दोनों ही देश चुप्पी साधे हुए हैं. इस पायलट को सऊदी अरब में गिरफ्तार कर लिया है. इजरायल की सरकारी एजेंसियों ने कहा है कि विमान का को पायलट ओमानी नागरिक था. स्मित को ओमान के को-पायलट ने अपने कैप्टन को चाकू मार दिया, जिससे प्लेन खतरनाक तरीके से नीचे गिरने लगा और उसे सऊदी अरब में उतारना पड़ा. गुरुवार को भी इस घटना के पीछे का मकसद पता नहीं चल पाया, जबकि पूरे इलाके में जांच करने वाले इसके बारे में और जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे थे.
ओमानी पायलट को साथी ने बताया मजहबी चरमपंथी
इस बीच ओमानी पायलट को लेकर नई जानकारी सामने आई है. ओमान के इस पायलट को उसके एक साथी पायलट ने "मजहबी चरमपंथी" बताया है. इज़राइल स्थित Ynet न्यूज़ के अनुसार, इज़रायल ने इस घटना को "जिहादी आतंकवादी हमले" की कोशिश करार दिया है और मोसाद और शिन बेट समेत अपनी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को इसकी जांच करने का काम सौंपा है.
तेल अवीव के 'चैनल 16' के फॉरेन न्यूज़ एडिटर योसेफ़ इज़राइल ने एक लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान बताया कि फ्लाईदुबई के एक साथी पायलट ने आरोपी ओमानी को-पायलट के व्यवहार को "बहुत ज़्यादा मजहबी" बताया.
महिलाओं से नहीं मिलाता था हाथ
योसेफ़ ने उस साथी पायलट के हवाले से कहा, "वह दिन भर बहुत ज़्यादा प्रेयर करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से भी मना कर देता था."
हालांकि, ओमानी को-पायलट के बहुत ज़्यादा मजहबी होने का मतलब यह नहीं है कि इसी वजह से उसने "प्लेन क्रैश" करने जैसा कदम उठाने का इरादा किया होगा. इस बारे में अबतक कोई स्पष्टता नहीं है. असली मकसद का पता तो संबंधित अधिकारियों की पूरी जांच के बाद ही चलेगा.
नौ महीने पहले लगी थी नौकरी
चैनल 16 के विदेशी समाचार संपादक ने दूसरे पायलट की पहचान का खुलासा नहीं किया.
ओमान के एक अधिकारी ने अमेरिका स्थित समाचार आउटलेट CBS News को पुष्टि की कि हमलावर जिसका नाम उजागर नहीं किया गया है, ओमान में पैदा हुआ था और उसके पास ओमान की नागरिकता है.
इज़राइल हायोम अखबार ने गुरुवार को खबर दी कि ओमान के सह-पायलट को एयरलाइन ने केवल नौ महीने के लिए काम पर रखा था. सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
UAE, सऊदी अरब मिलकर कर रहे जांच
जांच की जानकारी रखने वाले एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध जो ओमान का नागरिक है, उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है. उन्होंने पुष्टि की कि सऊदी अधिकारी इज़रायल समेत कई देशों के साथ मिलकर घटना के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसमें UAE, अमेरिका और ओमान भी शामिल हैं. अधिकारी ने इज़रायल की भागीदारी के बारे में विस्तार से नहीं बताया.
जांच के बारे में बात करते हुए नाम न बताने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, "आतंकवाद से लेकर मानसिक बीमारी तक, सभी संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है, अभी किसी भी बात से इनकार नहीं किया जा सकता."
इस बीच पूर्व इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के डायरेक्टर हेलिट बारेल ने कहा कि इज़रायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से यह एक बहुत गंभीर घटना है. हम सऊदी जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन निश्चित रूप से उनके इरादे नेक नहीं थे. चाहे वे 9-11 जैसे आतंकवादी हमले की तरह विमान को गिराना चाहते हों या तेल अवीव जाने वाली उड़ान में सवार सभी इज़राइलियों को मारना चाहते हों, इस समय हमें इसे एक आतंकवादी हमले के तौर पर ही देखना होगा. यह हमला पूरी तरह सफल नहीं हो पाया और इसकी वजह थे बहुत ही बहादुर लोग और कुछ चमत्कारिक संयोग था. जैसे कि उस विमान में एक अतिरिक्त फ़्लाइट क्रू का मौजूद होना.
हेलिट बारेल ने कहा कि ओमान के पायलटों को तेल अवीव के रूट पर उड़ान नहीं भरनी चाहिए थी. और जाहिर है ऐसा एक से ज़्यादा बार हुआ है. इसलिए इज़रायल और UAE दोनों के तरफ से ही इस मामले की जांच होनी चाहिए.
अबू धाबी एयर लिफ्ट किए गए स्मित
इजरायल के प्लेन में चाकूबाजी की घटना में घायल हुए भारतीय पायलट स्मित मछार को आगे के इलाज के लिए अबू धाबी एयरलिफ्ट किया जा रहा है. ताजा जानकारी के अनुसार पायलट की स्थिति अभी स्थिर बनी हुई है. लेकिन आगे के इलाज के लिए उन्हें एयरलिफ्ट कर सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी लाया जा रहा है. कैप्टन स्मित का सऊदी के तबुक शहर में इलाज चल रहा था. भारतीय दूतावास, रियाद और जेद्दा स्थित भारतीय कॉन्सुलेट उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं और परिवार के संपर्क में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके परिवार से बात की है.
बता दें कि इस विमान ने दुबई से ही उड़ान भरी थी. संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने कहा है कि विमान ने भले ही सऊदी अरब में लैंड किया है लेकिन इस घटना की जांच UAE में ही होगी.