सीरिया में असद शासन के बाद बुधवार को पहली बार संसद का गठन हुआ. अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने 70 सांसदों की एक सूची लिस्ट जारी की है, जिन्हें राष्ट्रपति ने चुना है. सीरियाई संसद का ये पुनर्गठन दिखाता है कि देश अब कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
सीरिया की चुनाव समिति के प्रमुख मोहम्मद ताहा अल-अहमद ने जानकारी दी कि इस नई संसद में कुल 210 सदस्य होंगे. नई संसद की पहली बैठक सोमवार को आयोजित की जाएगी.
सीरिया लंबे समय तक असद परिवार के क्रूर शासन और गृहयुद्ध की मार झेल रहा था. इस युद्ध में लगभग 5 लाख लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
70 सांसदों की लिस्ट में 15 महिलाएं भी शामिल
नई संसद की पहली बैठक में सभी नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे और संसद के प्रेसिडेंशियल काउंसिल का चुनाव किया जाएगा. बता दें कि अंतरिम राष्ट्रपति अल-शरा की चुनी गई 70 सांसदों की लिस्ट में 15 महिलाएं भी शामिल हैं. इसके साथ ही सीरियाई संसद में महिला सदस्यों की कुल संख्या अब 22 हो गई है.
सीरिया में संसदीय चुनाव का पहला चरण अक्टूबर में आयोजित किया गया था. हालांकि, उस समय दक्षिणी प्रांत सुवेदा को इससे अलग रखा गया था. सुवेदा पर द्रूज बंदूकधारियों का कंट्रोल है, जो केंद्र सरकार के विरोधी हैं. उस वक्त पूर्वोत्तर सीरिया को भी मतदान से बाहर रखा गया था, क्योंकि वो क्षेत्र कुर्द नियंत्रण में था.
लिस्ट में सुवेदा के दो प्रतिनिधि भी शामिल
इस साल की शुरुआत में हुई हिंसक झड़पों के बाद जब सरकारी बलों ने पूर्वोत्तर सीरिया पर कब्जा कर लिया. इसके बाद वहां मई महीने में मतदान कराया गया. द्रूज बहुल क्षेत्र सुवेदा में चुनाव के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन अंतरिम राष्ट्रपति अल-शरा की ओर से जारी की गई लिस्ट में इस क्षेत्र के दो प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है.
चुनाव समिति के प्रमुख अल-अहमद के मुताबिक, इस नई संसद का कार्यकाल 30 महीने का होगा. संसद का मुख्य काम एक नया चुनाव कानून तैयार करना होगा. ये संसद अगले चुनावों में जनता के लिए पूर्ण मतदान कराने के लिए जमीन तैयार करने का काम करेगी.
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दिसंबर 2024 में विद्रोहियों के बड़े हमले के बाद से सीरिया में कोई संसद नहीं थी. इस विद्रोह का नेतृत्व अहमद अल-शरा के संगठन हयात तहरीर अल-शाम (जो अब खत्म हो चुका है) ने किया था. इस तख्तापलट के साथ ही सीरिया में असद परिवार का पांच दशक पुराना साम्राज्य पूरी तरह खत्म हो गया था.