29 जुलाई 1958 को अमेरिकी कांग्रेस ने नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) की स्थापना की और इसके लिए कानून पारित किया. यह एक नागरिक एजेंसी है जो अंतरिक्ष में अमेरिका की गतिविधियों के समन्वय के लिए जिम्मेदार है. तब से NASA ने मानव और मशीन दोनों प्रकार के अंतरिक्ष अभियानों को प्रायोजित किया है, जिनसे सौर मंडल और ब्रह्मांड के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है.
इसने पृथ्वी की कक्षा में कई उपग्रह भी स्थापित किए हैं जो मौसम पूर्वानुमान से लेकर नेविगेशन और ग्लोबल कम्युनिकेशन तक हर चीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सोवियत संघ ने जब 4 अक्टूबर, 1957 को अपने पहले उपग्रह, स्पुतनिक प्रथम का प्रक्षेपण किया था. उसके ही जवाब में नासा की स्थापना की गई थी.
तब रूस के बास्केटबॉल के आकार के 183 पाउंड वजनी इस उपग्रह ने 98 मिनट में पृथ्वी की परिक्रमा पूरी कर ली थी. स्पुतनिक के लॉन्च ने अमेरिकियों को चौंका दिया और इस आशंका को जन्म दिया कि सोवियत संघ यूरोप से अमेरिका पर परमाणु हथियारों से लैस मिसाइलें भेजने में भी सक्षम हो सकता है.
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे आगे होने पर गर्व करने वाला अमेरिका, शर्मिंदा होकर, तुरंत जवाबी कार्रवाई विकसित करने में जुट गया, जिसने अमेरिका-सोवियत अंतरिक्ष होड़ की शुरुआत का संकेत दिया. 3 नवंबर, 1957 को सोवियत संघ ने स्पुतनिक II का प्रक्षेपण किया , जिसमें लाइका नाम का एक कुत्ता सवार था.
दिसंबर में अमेरिका ने अपना एक उपग्रह, वैनगार्ड , लॉन्च करने का प्रयास किया, लेकिन प्रक्षेपण के तुरंत बाद उसमें विस्फोट हो गया. 31 जनवरी, 1958 को स्थिति बेहतर हुई और एक्सप्लोरर I पृथ्वी की सफल परिक्रमा करने वाला पहला अमेरिकी उपग्रह साबित हुआ.
उसी वर्ष जुलाई में कांग्रेस ने नेशनल एयरोनॉटिक्स सलाहकार समिति और अन्य सरकारी एजेंसियों से अलग होकर नासा की आधिकारिक स्थापना के लिए कानून पारित किया और अंतरिक्ष दौड़ जीतने के प्रति देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि की.
मई 1961 में, राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने घोषणा की कि अमेरिका को दशक के अंत तक चंद्रमा पर मनुष्य को उतारना चाहिए. 20 जुलाई, 1969 को, नासा के अपोलो 11 मिशन ने इस लक्ष्य को हासिल किया और इतिहास रच दिया जब अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति बने. यह सब नासा की उपलब्धि थी.