सीरिया
सीरिया (Syria), आधिकारिक तौर पर सीरियाई अरब गणराज्य दक्षिण-पश्चिम एशिया का एक राष्ट्र है (Country of Asia). जिसमें 14 राज्यपाल (उपविभाग) शामिल हैं. इसकी सीमा पश्चिम में भूमध्य सागर, उत्तर में तुर्की, पूर्व और दक्षिण-पूर्व में इराक, दक्षिण में जॉर्डन और दक्षिण-पश्चिम में इज़राइल और लेबनान से लगती है. यह साइप्रस भूमध्य सागर के पश्चिम में स्थित है (Syria Location). सीरिया की राजधानी दमिश्क है (Capital of Syria), जो सबसे बड़ा शहर भी है.
सीरिया की 90 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है और 10 प्रतिशत ईसाई. सुन्नी मुस्लिम कुल जनसंख्या के 74 प्रतिशत हैं जबकि शिया क़रीब 13 प्रतिशत. दमिश्क में कुछ यहूदी भी रहते हैं (Religions in Syria).
उपजाऊ मैदानों, ऊंचे पहाड़ों और रेगिस्तानों का देश, सीरिया विविध जातीय और धार्मिक समूहों का घर है. इसमें बहुसंख्यक सीरियाई अरब, कुर्द, तुर्कमेन्स, असीरियन, अर्मेनियाई, सर्कसियन और यूनानी शामिल हैं. धार्मिक समूहों में मुस्लिम, ईसाई, अलावी, ड्रुज़ और यज़ीदी शामिल हैं (Syria Religion Groups ).
सीरिया एकमात्र ऐसा देश है जो राजनीतिक रूप से अरब राष्ट्रवादी विचारधारा का समर्थन करता है जिसे बाथिज़्म (Baathism) के नाम से जाना जाता है. सीरिया संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन के अलावा एक अंतरराष्ट्रीय संगठन का सदस्य है. इसे नवंबर 2011 और इस्लामिक सहयोग संगठन, में अरब लीग से निलंबित कर दिया गया था और भूमध्यसागरीय संघ से स्व-निलंबित कर दिया गया था. सन् 1963 से देश में आपातकाल लागू है. देश की सरकार ने इसे इजरायल के साथ युद्ध तथा आतंकवादियों द्वारा दी गई धमकियों जैसे कारणों का हवाला देकर सही ठहराया है (Emergency in Syria).
आधुनिक सीरियाई राज्य की स्थापना 20वीं सदी के मध्य में तुर्क शासन के सदियों बाद हुई थी. इस देश को 24 अक्टूबर 1945 को एक संसदीय गणतंत्र के रूप में कानूनी स्वतंत्रता मिली, जब सीरिया गणराज्य संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य बन गया. इस अधिनियम ने कानूनी रूप से पूर्व फ्रांसीसी जनादेश को समाप्त कर दिया (Syria History).
ट्रंप प्रशासन ने सीरिया को अमेरिका की टेरर ब्लैकलिस्ट से हटाते हुए एचटीएस की अलग सूचीबद्धता भी खत्म कर दी. वॉशिंगटन का कहना है कि इससे निवेश, आर्थिक बहाली और वैश्विक तंत्र में सीरिया की वापसी का रास्ता खुलेगा.
सीरिया में तुर्की की बढ़ती सैन्य मौजूदगी को लेकर इजरायल ने अपनी 'रेड लाइन' साफ कर दी है. दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद बैकडोर बातचीत जारी है. इजरायल ने कहा है कि वह तुर्की को दुश्मन नहीं बनाना चाहता, लेकिन एयर डिफेंस, ड्रोन और मिसाइलों की तैनाती होने पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा.
पाकिस्तान और सीरिया के विदेश मंत्रियों की बैठक में गोलान हाइट्स का मुद्दा भी उठा, जिस पर 1967 से इजरायल का कब्जा है. इजरायल इस इलाके से अपना कब्जा हटाने के मूड में नहीं है और सीरिया को भी इसे लेकर कई बार सख्त चेतावनी दे चुका है. ऐसे वक्त में पाकिस्तान का सीरिया के साथ खुलकर खड़ा होना उसे इजरायल के साथ नए टकराव की तरफ धकेल सकता है.
इजरायल और तुर्की के बीच सीरिया को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच इजरायल के एक अखबार में छपे लेख में दावा किया गया है कि अगर तुर्की की सेना सीरिया में तैनात होती है, तो NATO का आर्टिकल-5 उसे इजरायल के हमले से सुरक्षा नहीं देगा.
इजरायल की ओर से सीरियाई एयरबेस पर हमले से पहले, इजरायल की खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने सीरिया के विदेश मंत्री से फोन पर बात की थी. बातचीत मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित थी कि तुर्की अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने, हथियारों की बिक्री, ड्रोन की आपूर्ति और अन्य मुद्दों को लेकर क्या कर रहा है.
तुर्की और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. गाजा युद्ध के बाद दोनों देशों के रिश्ते और खराब हुए हैं. अब सीरिया में दोनों की मौजूदगी ने टकराव का खतरा बढ़ा दिया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों देश सीधे जंग में उतर सकते हैं, या फिर यह लड़ाई पर्दे के पीछे ही चलेगी यानी एक प्रॉक्सी वॉर होगा?
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि सीरिया एलेप्पो के पास एयरबेस पर तुर्किए की सेना तैनात कर सुरक्षा को लेकर बनी यथास्थिति तोड़ने वाला था. बार-बार चेतावनी के बावजूद सीरिया नहीं माना, जिसके बाद इजरायल ने इदलिब के अबू दुहूर एयरबेस पर हवाई हमला किया. रनवे को नुकसान हुआ लेकिन जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.
सीरिया के इदलिब में अबू अल-दुहुर एयरबेस के रनवे पर चार हवाई हमलों की खबरें आईं. कई स्रोतों ने इन्हें इजरायली बताया, रोशनी वाले फ्लेयर भी देखे गए हैं.
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद को मौत की सजा सुनाई गई है. असद की सरकार पर लगे आरोपों में आम नागरिकों की सुनियोजित हत्या, हिरासत में यातना और मौत, लोगों को जबरन गायब करना, मनमानी गिरफ्तारियां और नागरिक इलाकों पर हमले शामिल हैं.
सीरिया की गुप्त साइट 99 में जमीन के नीचे दबाकर रखे गए परमाणु मटेरियल को हटाने के लिए आईएईए, अमेरिका, इजरायल और नई सीरियाई सरकार के बीच सहमति बनी है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक काम अभी जारी है और मटेरियल अब तक निकाला नहीं गया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने ईरानी सरकारी टीवी पर इंटरव्यू में कई बड़े दावे किए हैं. उनका दावा है कि सीरिया जैसा हमला करने की प्लानिंग हो रही थी लेकिन ईरान की ताकत ने इस प्लानिंग को नाकाम कर दिया.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच इराक ने तेल निर्यात के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इराक और सीरिया के बीच बंद पड़ी कच्चे तेल की पाइपलाइन को दोबारा शुरू करने की योजना बनाई गई है. इस परियोजना के पूरा होने पर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल निर्यात को नया विकल्प मिल सकता है.
सीरिया ने अल-तन्फ में हिज्बुल्लाह के लिए भेजे जा रहे हथियारों को पकड़ा है. सीरियाई अधिकारियों ने इराक सीमा के पास एक खाली तेल टैंकर से 100 से अधिक फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलें बरामद किए. इस बात से ईरान बौखला गया और उसने सीरिया पर पहली बार हमला किया. देखें वीडियो.
ईरान के IRGC ने दावा किया है कि उसने सीरिया के अल-तनफ और कतर के अल उदैद अमेरिकी बेस पर हमला किया. इसमें कई अमेरिकी सैनिक मारे गए और रडार व एयरक्राफ्ट नष्ट हुए.
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने पहली बार सीरिया के अल-तन्फ सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला करने का दावा किया है. तेहरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमले का जवाब थी. वहीं, इस घटनाक्रम को सीरिया द्वारा कथित तौर पर तेल टैंकर में छिपाकर हिज्बुल्लाह के लिए भेजे जा रहे ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलों की खेप जब्त किए जाने से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन पर कहा है कि वो सीरिया और लेबनान से अपनी सेनाओं को वापस बुला लें. ट्रंप का मानना है कि इजरायली सेना की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है. जबकि इजरायल सरकार ने सुरक्षा कारणों से इन क्षेत्रों में अपनी सेना की मौजूदगी जरूरी बताई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो समिट में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ मुलाकात से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि सीरिया कभी महान सभ्यताओं और संस्कृतियों में से एक था
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे के दौरान...सीरिया की राजधानी दमिश्क में दो जबरदस्त धमाके हुए...पहला धमाका उस होटल के करीब हुआ...जहां मैक्रों ठहरे हुए थे...हालांकि उन्होंने इन धमाकों की आवाज नहीं सुनीं...लेकिन इन धमाकों में कुल 18 लोग घायल हुए हैं।
सीरिया की राजधानी दमिश्क आज एक के बाद एक हुए धमाकों से दहल उठी. ये धमाके उस वक्त हुए जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सीरिया दौरे पर हैं. वे जैसे ही राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे, वैसे ही धमाकों की आवाज सुनाई दी. अहम बात यह भी है कि एक बम उस होटल के बाहर जा गिरा, जहां मैक्रों ठहरे हुए हैं. सीरियाई मीडिया के मुताबिक दोनों धमाके राजधानी दमिश्क के बीच हुए हैं.
दमिश्क में होटल फोर सीजन के पास हुए पहले धमाके की सनसनी से लोग उबर ही रहे थे कि दूसरा ब्लास्ट और भी ताकत के साथ हुआ. ये ब्लास्ट होटल के बगल में खड़ी कार में हुई. इस दौरान यहां कई दर्जन लोग खड़े थे.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सीरिया दौरे के दौरान राजधानी दमिश्क में जोरदार धमाकों से हड़कंप मच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके उस समय हुए जब मैक्रों सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात कर रहे थे। विस्फोट फोर सीजन्स होटल के पास हुआ, जहां मैक्रों के ठहरने की जानकारी सामने आई थी।