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अगले हफ्ते होगी शीत ओलंपिक खेलों को लेकर दक्षिण-उत्तर कोरिया की बैठक

दक्षिण कोरिया ने आज कहा कि उसने उसने प्योंगचांग में अगले महीने होने वाले शीत ओलंपिक खेलों में उत्तर कोरिया की हिस्सेदारी से जुड़े ब्यौरे पर चर्चा के लिए एक बैठक का प्रस्ताव दिया है. आपको बता दें कि यह बैठक अगले हफ्ते में हो सकती है.

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शीत ओलंपिक खेलों को लेकर दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच बैठक
शीत ओलंपिक खेलों को लेकर दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच बैठक

दक्षिण कोरिया ने के सामने बैठक का प्रस्ताव रख दिया है. दक्षिण कोरिया ने आज कहा कि उसने उसने प्योंगचांग में अगले महीने होने वाले शीत ओलंपिक खेलों में उत्तर कोरिया की हिस्सेदारी से जुड़े ब्यौरे पर चर्चा के लिए एक बैठक का प्रस्ताव दिया है. आपको बता दें कि यह बैठक अगले हफ्ते में हो सकती है.

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि उसने सीमाई गांव पन्मुनजोम में सोमवार को बैठक करने का सुझाव दिया है. बैठक में दक्षिण कोरिया की ओर से तीन अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा. अभी, उत्तर कोरिया की तरफ से बैठक में कौन शामिल होगा, यह बताना मुश्किल है.

हॉटलाइन बहाल करने पर भी हो चुकी है सहमति

आपको बता दें कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच सालों की दूरी कम होने के चर्चे तो तभी से शुरु हुए जब उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने अगले महीने साउथ कोरिया में होने वाले शीत ओलंपिक खेलों में अपना प्रतिनिधित्व भेजने की बात कही थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच दो साल से बंद सीमाई बातचीत भी शुरु की थी. इस बातचीत के दौरान दोनों देश सैन्य वार्ता करने और सेनाओं के बीच हॉटलाइन बहाल करने पर सहमत हुए थे.

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उत्तर कोरिया दक्षिण कोरियाई शहर में होने वाले ओलंपिक में अधिकारियों, खिलाड़ियों, पत्रकारों एवं अन्य का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भेजने पर सहमति पहले ही जता चुका है. साथ ही साथ उत्तर कोरिया अपने को भी साउथ कोरिया में भेजने की तैयारी में है. आपको बता दें उत्तर कोरियाई चीयरलीडर साउथ कोरिया में काफी चर्चित भी हैं.

दोनों देशों में खेल के नियम भी अलग

आपको बता दें कि साउथ कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत उत्तर कोरियाई ध्वज को प्रदर्शित करना और अपने राष्ट्रगान गाना राजद्रोह का प्रतीक माना जाता है, इसलिए पिछले इंटर कोरियन मैचों में एकीकरण झंडा का इस्तेमाल किया जाता रहा है.

लेकिन यह नियम ओलंपिक की जगह पर लागू नहीं होता. क्योंकि वहां आईओसी (IOC) प्रोटोकोल लागू होता है. जब उत्तर कोरिया में 2014 में एशियाई खेलों के दौरान इन्हें दक्षिण-पूर्व फुटबॉल खेल में रेलिंग के दौरान उत्तरी कोरियाई झंडा दिखाया गया था तो इसे अधिकारियों ने हटा दिया था.

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