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PoK चुनाव में भारी बवाल... हिंसा और धांधली के आरोप, कोटला में मतदान स्थगित

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान हिंसा देखने को मिली. इससे एक दिन पहले मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई थी.

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पीओके में दूसरे चरण के वोटिंग के दौरान भी हिंसा देखने को मिली.(Photo- ANI)
पीओके में दूसरे चरण के वोटिंग के दौरान भी हिंसा देखने को मिली.(Photo- ANI)

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में 2 अगस्त को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हुआ. चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. हालांकि, दूसरे चरण के दौरान हिंसा देखने को मिली है. वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है. मुजफ्फराबाद में विरोध-प्रदर्शन और सड़कों पर नाकेबंदी के कारण LA-27 कोटली के लिए चुनाव कर्मचारी और चुनाव सामग्री नहीं पहुंच सकी.

इसके चलते यहां चुनाव स्थगित कर दिया गया है. इससे एक दिन पहले शनिवार को मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद शहर की सड़कों पर जले हुए वाहन, जगह-जगह बिखरे पत्थर और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी दिखाई दिए. स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में हुई ताजा हिंसा को लेकर चिंता जताई थी.

POK में लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं और स्थानीय लोगों की तरफ से चुनाव के बहिष्कार की अपील भी की गई है. मुजफ्फराबाद में हालिया प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों की कथित अंधाधुंध फायरिंग की खबरों के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है.रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मुजफ्फराबाद में कई जगहों पर सुरक्षाकर्मियों ने नागरिकों पर फायरिंग की, जिसमें कई लोग हताहत हुए.

मुजफ्फराबाद के प्लेट इलाके में सुरक्षाबलों की कथित फायरिंग में कम से कम छह से सात लोग घायल हुए, जबकि तीन लोगों की मौत हो गई. स्थानीय लोगों ने देर रात मृतकों में से एक के लिए अंतिम प्रार्थना की.

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लोगों में नाराजगी देखने को मिली

हिंसा के कारण स्थानीय लोगों और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं में नाराजगी है.कई लोगों ने मौजूदा हालात में चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने से इनकार कर दिया. पहली बार मतदान करने जा रहे एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि राज्य के मौजूदा हालात को देखते हुए वह अब अपना वोट नहीं डालेगा. एक बुजुर्ग प्रत्यक्षदर्शी ने  को बताया कि 35 वर्षीय व्यक्ति अपने घर के बरामदे में नाश्ता कर रहा था, तभी सुरक्षाबल इलाके में आए और कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग की. उसके सीने में गोली लगी. इलाके में भारी फायरिंग और गोलाबारी के कारण करीब 45 मिनट तक उसे प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई.

इन मौतों के बाद प्रदर्शन तेज हो गए. प्रदर्शनकारियों ने 'हम अपने युवाओं की कुर्बानी देंगे, हम क्रांति लाएंगे' जैसे नारे लगाए. वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने हिंसा खत्म करने और समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों और आयोजकों के बीच सीधी बातचीत की अपील की.

भारत ने किया था विरोध

भारत ने भी PoJK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई की आलोचना की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग कर रहा है. उन्होंने कहा कि कार्रवाई में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

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इनपुट रायटर्स

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