पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आज पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की संसदीय पार्टी की बैठक को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और राजनीतिक हालात पर खुलकर अपनी बात रखी.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने खैबर पख्तूनख्वा को एक बेहद खूबसूरत प्रांत बताया. उन्होंने कहा कि यहां के लोग बहुत सम्मानित और बहादुर हैं, जिन्होंने देश की तरक्की में हमेशा पूरा सहयोग दिया है और आतंकवाद के खिलाफ जंग में बड़ी कुर्बानियां दी हैं.
उन्होंने दावा किया कि 2017-18 तक पाकिस्तान से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया गया था. लेकिन इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की सरकार आने के बाद आतंकवादी एक बार फिर स्वात में लौटने लगे और उन्हें खुली छूट दे दी गई.
'देश की तरक्की का सफर और आतंकवाद...'
शहबाज शरीफ ने कहा कि 2024 में खैबर पख्तूनख्वा में दोबारा सरकार बनने के बाद पिछले ढाई सालों में संघीय सरकार ने प्रांतीय सरकार के साथ मिलकर काम करने की भरपूर कोशिश की. पूर्व मुख्यमंत्री अली अमीन गंडपुर के साथ कई बैठकें की गईं और उन्हें ये भरोसा दिलाया गया कि देश की तरक्की का सफर और आतंकवाद का मुकाबला करना दोनों की साझी जिम्मेदारी है.
उन्होंने अफसोस जताया कि आज खैबर पख्तूनख्वा में आम नागरिक, पुलिसकर्मी और अधिकारी शहीद हो रहे हैं और उनका अपहरण किया जा रहा है और सेना के जवान भी अपनी जानें कुर्बान कर रहे हैं. अगर आतंकवाद और खून-खराबे को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया, तो पिछले ढाई साल में देश ने तरक्की का जो सफर तय किया है, उसे बनाए रखना मुश्किल होगा.
उन्होंने कहा कि वो खैबर पख्तूनख्वा की जनता की नहीं, बल्कि वहां की प्रांतीय सरकार की बात कर रहे हैं. जब देश को आतंकवाद से लड़ना है, तो संघीय सरकार का साथ देने, सशस्त्र बलों का समर्थन करने और पुलिस और सीटीडी को मजबूत करने के बजाय धरनों, कीचड़ उछालने और गाली-गलौज की राजनीति पर ध्यान दिया जा रहा है.
सरकार का लक्ष्य गरीबी और बेरोजगारी को खत्म करना- शहबाज शरीफ
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गरीबी और बेरोजगारी को खत्म करना है और सबसे बड़ी बात ये है कि पाकिस्तान के 24 करोड़ लोगों को कर्ज की जंजीरों से मुक्त कराना है. इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जब राष्ट्रों ने कर्ज से मुक्ति पाई है, इसलिए पाकिस्तान के लिए भी ये लक्ष्य नामुमकिन नहीं है, बशर्ते इसके लिए कड़ी मेहनत और ईमानदारी से काम किया जाए.
उन्होंने बताया कि जब वो न्यूयार्क में थे, तो IMF की प्रबंध निदेशक ने उनसे कहा था कि 'प्रधानमंत्री, ये एक नया पाकिस्तान है. इस पर उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान वही है, लेकिन देश में बदलाव आए हैं. उन्होंने लंदन में बार्कलेज बैंक, सिटीबैंक, जेपी मॉर्गन और दूसरे बैंकों के प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की, जिन्होंने पिछले ढाई सालों में पाकिस्तान में आए सुधारों की तारीफ. इन लोगों ने उम्मीद जताई कि देश में हालात और बेहतर होंगे और निवेश आएगा.
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शहबाज शरीफ ने आखिर में सवाल किया कि जब आतंकवाद फैल रहा हो और एक राजनीतिक दल देश में अस्थिरता पैदा करने में अपनी ऊर्जा लगा रहा हो, तो प्रगति का ये सफर कैसे आगे बढ़ सकता है.