पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने घातक हमलों के जवाब में अफगानिस्तान सीमा पर जमीनी कार्रवाई और हवाई हमले किए. रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में करीब 34 लोग मारे गए हैं. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "यह कार्रवाई देश भर में हथियारबंद समूहों द्वारा किए गए कई हमलों के जवाब में शुरू की गई थी."
अताउल्लाह तरार ने 'एक्स' पर पूर्वी अफगानिस्तान के तीन प्रांतों- पक्तिया, पक्तिका और कुनार का जिक्र करते हुए कहा, "सटीक हमलों में इन तीन जगहों को नष्ट कर दिया गया."
यह मामला उस घटना के एक दिन बाद सामने आया, जब बंदूक और विस्फोटक से लैस लड़ाकों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर कराची में पैरामिलिट्री रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय को निशाना बनाया था, जिसमें तीन सैनिक मारे गए थे.
फुस्स हुआ चीन के द्वारा कराया गया सीजफायर!
फरवरी से पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पार की लड़ाई में सैकड़ों लोग मारे गए हैं. यह लड़ाई तब शुरू हुई जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के अंदर हवाई हमले किए और उसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी हमले किए. अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से हुई शांति वार्ता के कई दौर के बावजूद कोई स्थायी सीजफायर नहीं हो पाया है.
पिछले दिनों अप्रैल में चीन ने भी दोनों पक्षों की बैठक आयोजित की थी. बाद में बीजिंग ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान अपने टकराव को न बढ़ाने और समाधान खोजने पर सहमत हो गए हैं. कुछ ही दिनों बाद, एक बार फिर से दोनों देशों के बीच घमासान जैसी स्थिति नजर आ रही है. ऐसे में चीन द्वारा करवाया गया सीजफायर पूरी तरह से फिसड्डी साबित हुआ है.
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पिछले साल से पाकिस्तान ने सीमा पर और अफगानिस्तान के अंदर कई हमले किए हैं. इन हमलों में पाकिस्तान तालिबान और दूसरे हथियारबंद समूहों के कथित ठिकानों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान का आरोप लगाता है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार उन लड़ाकों को पनाह देती है, जो पाकिस्तान के अंदर जानलेवा हमले करते हैं. काबुल इन आरोपों से इनकार करता रहा है.