न्यूयॉर्क शहर के स्कूलों में एआई के इस्तेमाल को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. मेयर जोहरान ममदानी ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका के सबसे बड़े स्कूल सिस्टम में 8वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए जनरेटिव एआई टूल्स पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इसे अमेरिका में स्कूली बच्चों पर एआई के इस्तेमाल को लेकर अब तक का सबसे सख्त और व्यापक प्रतिबंध माना जा रहा है.
मेयर कार्यालय के मुताबिक, यह प्रतिबंध आठवीं कक्षा तक के छात्रों पर लागू होगा. इसके तहत छात्रों के सामने इस्तेमाल होने वाले ऐसे सभी सॉफ्टवेयर पर रोक रहेगी, जो AI का इस्तेमाल करते हैं. अधिकारियों ने इसे अमेरिका में लागू की गई इस तरह की सबसे व्यापक पाबंदी बताया है. इसका मकसद यह आकलन करना है कि स्कूल प्रणाली में बच्चे AI तकनीक का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं.
हाई स्कूल छात्रों को AI की पढ़ाई
एक तरफ जहां छोटी कक्षाओं के छात्रों के लिए AI के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी, वहीं हाई स्कूल के छात्रों को AI के बारे में शिक्षित करने पर जोर दिया जाएगा. न्यूयॉर्क शहर के सभी सरकारी हाई स्कूल छात्रों के लिए साल में दो बार AI साक्षरता यानी AI लिटरेसी की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी.
इसके अलावा कुछ हाई स्कूल छात्रों के लिए पायलट कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे. इनमें छात्रों को टीचर्स की निगरानी में कुछ चुनिंदा AI प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने की अनुमति होगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी कक्षाओं में 'कंपेनियन चैटबॉट्स' के इस्तेमाल पर रोक रहेगी.
बच्चों के AI इस्तेमाल को लेकर बढ़ी चिंता
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के स्कूलों, पेरेंट्स और छात्रों के सामने क्लास में AI के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल हैं. स्कूलों के सामने चुनौती यह है कि बच्चों को इस तकनीक का सही तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया जाए, लेकिन वे इस पर जरूरत से ज्यादा निर्भर न हों और इसका इस्तेमाल नकल या दूसरे अनुचित तरीकों के लिए न करें.
डेमोक्रेट मेयर जोहरान ममदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब बच्चे हर दिन स्कूल आते हैं तो उन्हें सवाल पूछना, धारणाओं को चुनौती देना और किसी बात की बुनियाद पर सवाल उठाना सिखाया जाता है. उन्होंने कहा कि स्कूलों में AI के मामले में भी ऐसा ही करना उनकी जिम्मेदारी है.
लॉस एंजिल्स में भी AI पर रोक
अमेरिका के दूसरी बड़ी स्कूल सिटी लॉस एंजिल्स में भी जनरेटिव AI को लेकर इसी तरह का कदम उठाया गया है. लॉस एंजिल्स यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने बुधवार को कहा कि छात्रों के उपकरणों पर जनरेटिव AI टूल्स की पहुंच फिलहाल सभी कक्षाओं में बंद रहेगी. अधिकारी पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान छात्रों के लिए AI नीति तैयार करेंगे. लॉस एंजिल्स स्कूल डिस्ट्रिक्ट में छात्रों की कक्षाएं अगस्त के मध्य में शुरू हो चुकी हैं.
जून में लॉस एंजिल्स स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने छोटे बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर भी व्यापक नीति लागू की थी. इसके तहत दूसरी कक्षा से पहले के छात्रों के लिए स्कूल की ओर से दिए जाने वाले उपकरणों पर रोक लगाई गई थी. सभी कक्षाओं के लिए स्क्रीन टाइम की सीमा तय की गई थी और स्कूल के समय YouTube तथा अन्य सोशल मीडिया साइटों की पहुंच भी रोक दी गई थी.
न्यूयॉर्क में स्क्रीन टाइम भी होगा सीमित
न्यूयॉर्क शहर के अधिकारी छात्रों के स्क्रीन टाइम को सीमित करने की भी सिफारिश करेंगे. तीसरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए रोजाना अधिकतम 30 मिनट और छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए 45 मिनट की सीमा सुझाई जाएगी. हालांकि टीचर्स को पढ़ाई की योजना बनाने और दूसरे प्रशासनिक कामों के लिए AI के इस्तेमाल की अनुमति होगी.
बता दें कि अमेरिका के कम से कम 37 राज्यों में स्कूलों के लिए AI से जुड़ी आधिकारिक गाइडलाइन मौजूद है. हालांकि AI लिटरेसी की कोई एक सर्वमान्य परिभाषा नहीं है और यह भी तय नहीं है कि इसे स्कूलों में किस तरह पढ़ाया जाना चाहिए. न्यूयॉर्क ने पिछले साल स्कूलों में छात्रों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी रोक को मंजूरी दी थी.
स्कूलों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक की भी होगी समीक्षा
शहर के शिक्षा अधिकारी स्कूल प्रणाली में इस्तेमाल होने वाले सभी तकनीकी उपकरणों और सॉफ्टवेयर की व्यापक समीक्षा भी करेंगे. ऐसी तकनीक को हटाया जाएगा जिसे पढ़ाई के लिए जरूरी नहीं माना जाएगा. न्यूयॉर्क की यूनाइटेड फेडरेशन ऑफ टीचर्स के अध्यक्ष माइकल मुलग्र्यू ने स्क्रीन टाइम की सीमा का स्वागत किया. हालांकि उन्होंने कहा कि शहर की AI नीति से अभी कई सवाल अनुत्तरित हैं. इनमें यह सवाल भी शामिल है कि शिक्षा विभाग अपने द्वारा खरीदे जाने वाले उत्पादों में AI सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के लिए किस तरह सख्ती करेगा.