नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ की वजह से रसुवा और नुवाकोट के करीब 500 छात्र के लापता होने की खबर है. रसुवा जिले में 285 और नुवाकोट में 224 छात्रों के अभी तक संपर्क नहीं हो पा रहा है. रसुवा जिला प्रशासन की शिक्षा इकाई के मुताबिक बाढ़ और आपदा के बाद जिले में अभी भी 285 लापता है.
वहीं, लापता 17 शिक्षकों में से एक का शव बरामद हुआ है. रसुवा में 39 ऐसे विद्यार्थी हैं, जिनके माता-पिता दोनों ही संपर्क नहीं हो पा रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रसुवा में चार स्कूल पूरी तरह बरबाद हो चुके हैं.
जिनमें तीन सामुदायिक और एक इंस्टिट्यूशनल स्कूल हैं. फिलहाल जिन स्कूलों पर बाढ़ का असर नहीं पड़ा है, वहां पढ़ाई शुरू कर दी गई है. वहीं, चार-पांच स्कूलों को होल्डिंग सेंटर बनाया गया है, जहां अभी क्लासेज नहीं हो रही हैं.
कई जिलों में फिर शुरू हो रहे स्कूल
रसुवा के नौकुण्ड गांव में 27 अगस्त से, उत्तरगया में 9 सितंबर से, कालिका में 7 सितंबर से और आमाछोदिङ्मो में 9 सितंबर से पढ़ाई शुरू हो चुकी है. वहीं, गोसाइंकुंड गांव में 11 सितंबर से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है.
शिक्षा विभाग ने बताया कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त स्कूलों के विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों में ट्रांसफर कर पढ़ाने की तैयारी है. इसके लिए आवासीय व्यवस्था में पढ़ाई कराने की योजना बनाई जा रही है. बता दें कि बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले में 224 विद्यार्थी और 11 शिक्षक अब भी संपर्क से बाहर हैं.
जिला प्रशासन की शिक्षा इकाई के मुताबिक जिले में 10 स्कूलों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें दो संस्थागत विद्यालय हैं. इन 10 स्कूलों को फिलहाल होल्डिंग सेंटर बनाया गया है.
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नुवाकोट में शुरू हो गई पढ़ाई
नुवाकोट में भी जिन स्कूलों पर बाढ़ का असर नहीं पड़ा है, वहां पढ़ाई शुरू हो गई है. विदुर नगरपालिका में आज से स्कूल खोल दिए गए हैं. क्षतिग्रस्त स्कूलों के विद्यार्थियों को वैकल्पिक माध्यम से पढ़ाने की योजना बनाई गई है. जिला शिक्षा विभाग ने बताया कि सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने की तैयारी की जा रही है.
त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय में 17 सितंबर से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है. ध्वस्त स्कूलों को भवन या जमीन मुहैया कराकर जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने की योजना है.
स्थानीय लोगों के सामुदायिक भवनों और प्रदेश सरकार की ओर से भी जमीन उपलब्ध कराने की बात कही गई है. शिक्षा मंत्रालय ने आवासीय रूप से स्कूल चलाने के लिए बजट प्रस्ताव पेश करने को कहा है. होल्डिंग सेंटर बनाए गए स्कूलों में आधे हिस्से में कक्षाएं और आधे हिस्से में विस्थापित लोगों को रखने की योजना है.
धादिङ जिले में तीन शिक्षक संपर्कविहीन हैं. जिले के शिक्षा समन्वय इकाई के अनुसार एक शिक्षक का शव बरामद हो चुका है.इसके अलावा चार पूर्व शिक्षकों के शव भी मिले हैं, जबकि दो पूर्व शिक्षकों से अब भी संपर्क नहीं हो पा रहा है. फिलहाल इस जिले में विद्यार्थियों के बारे में जानकारी जुटाने का काम जारी है. धादिङ में 10 स्कूलों को नुकसान पहुंचा है.
कक्षा शुरू होने से पहले बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की हो जांच
विद्यार्थियों को मनो-सामाजिक परामर्श देने की शुरुआत की गई है. उन्होंने कहा कि मनो-सामाजिक परामर्श के बाद ही कक्षाएं शुरू की जाएंगी. कर्मचारियों को विद्यार्थियों की डीटेल्स जुटाने के काम में लगाया गया है.
बता दें कि धादिङ में बागेश्वरी माध्यमिक विद्यालय, अम्लेश्वर गुरुकुल, सक्सेस एकेडमी, भद्रकाली गुरुकुल, जलेश्वरी माध्यमिक विद्यालय, कालीदेवी माध्यमिक विद्यालय, बुद्धिविकास प्राथमिक विद्यालय, शंखादेवी माध्यमिक विद्यालय, राइजिंग स्टार और धुषा सामुदायिक सीख केंद्र को नुकसान पहुंचा है.
शिक्षा विभाग ने कहा है कि आपदा के कारण विद्यार्थियों में डर, तनाव और दूसरे मनो-सामाजिक समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए नियमित पढ़ाई शुरू करने से पहले उनकी मनो-सामाजिक स्थिति का आकलन किया जाना जरूरी है.
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संबंधित स्कूलों और स्थानीय निकायों को स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ताल-मेल कर विद्यार्थियों की मनो-सामाजिक स्थिति की पहचान करने का निर्देश दिया गया है. शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि यह पक्का करना जरूरी है कि छात्र रेगुलर क्लासेज के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं. इसके बाद ही क्लासेज शुरू की जाएंगी.