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ट्रूडो के दौर की कड़वाहट पीछे छूटी! PM मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने फोन पर की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने फोन पर बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य के लिए आर्थिक साझेदारी समझौते पर वार्ता जल्द पूरी करने पर जोर दिया.

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पीएम मोदी और मार्क कार्नी की बातचीत में भारत-कनाडा रिश्तों को नई गति देने पर सहमति बनी. (Photo-PTI)
पीएम मोदी और मार्क कार्नी की बातचीत में भारत-कनाडा रिश्तों को नई गति देने पर सहमति बनी. (Photo-PTI)

भारत और कनाडा के रिश्तों में लंबे समय से चली आ रही कड़वाहट अब पूरी तरह से खत्म होती नजर आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ टेलीफोन पर ‘गर्मजोशी भरी और सार्थक’ बातचीत की. दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच बने सकारात्मक माहौल को और मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी को नए मुकाम पर ले जाने पर सहमति व्यक्त की.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "दोनों देश मिलकर एक अधिक स्थिर और समृद्ध दुनिया में योगदान दे रहे हैं. हमने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और जन-से-जन के संबंधों में ठोस परिणाम हासिल करने की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है."

कनाडाई प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य के तहत व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) की वार्ताओं को जल्द से जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई. कार्नी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की.

यह भी पढ़ें: कनाडा के 4 टुकड़े होते देखना चाहते हैं मस्क, भड़क गए PM कार्नी... बोले- हम अपना देख लेंगे

दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत कनाडा के प्रधानमंत्री के वरिष्ठ कूटनीतिक सलाहकार डेविड मौरिसन की भारत यात्रा के तुरंत बाद हुई है. 5 से 7 अक्टूबर की यात्रा के दौरान मौरिसन ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों पक्षों ने संगठित अपराध, आतंकवाद, साइबर अपराध और मानव तस्करी से निपटने के लिए आपसी सहयोग और समन्वय बढ़ाने पर सहमति जताई थी.

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ट्रूडो काल का तनाव हुआ खत्म
आपको बता दें कि 2023 में तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों का हाथ होने के बेबुनियाद आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए थे. भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भारतीय राजनयिकों को वापस बुला लिया था.

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हालांकि, पिछले साल अप्रैल में लिबरल पार्टी के नए नेता मार्क कार्नी के चुनाव जीतने और इस साल मार्च में उनके भारत दौरे के बाद से संबंधों में तेजी से सुधार आया है. दोनों देशों ने फिर से अपने-अपने उच्चायुक्तों की नियुक्ति कर दी है, और अब दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी का कनाडा दौरा प्रस्तावित है.
 

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