तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को हुए हमले के बाद इजरायल में सियासी बहस तेज हो गई है. सरकार के सहयोगियों ने इस घटना को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उस चेतावनी से जोड़ दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव से पहले दुश्मनों की ओर से संभावित हमलों को लेकर आगाह किया था. वहीं विपक्षी नेताओं ने कहा कि विमान में हुई घटना का नेतन्याहू की चेतावनी से कोई संबंध साबित नहीं हुआ है.
यह विवाद ऐसे समय में शुरू हुआ है जब इजरायल में चुनाव होने में एक महीने से भी कम समय बचा है. साथ ही 7 अक्टूबर 2023 के हमले की तीसरी बरसी भी करीब है. उस हमले को लेकर सुरक्षा चूक, उसकी जिम्मेदारी और सरकार के रवैये को लेकर नेतन्याहू और विपक्ष के बीच लगातार सियासी टकराव रहा है.
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नेतन्याहू की चेतावनी पर विपक्ष ने उठाए सवाल
मंगलवार को विपक्षी नेताओं ने नेतन्याहू पर बिना किसी ठोस जानकारी के लोगों में डर पैदा करने का आरोप लगाया था. नेतन्याहू ने चुनाव से पहले दुश्मनों की ओर से संभावित हमलों को लेकर सार्वजनिक चेतावनी दी थी. वहीं सुरक्षा अधिकारियों ने हिब्रू मीडिया से कहा था कि उन्हें किसी खास हमले की जानकारी नहीं थी.
नेतन्याहू से मुलाकात के बाद विपक्षी नेता यायर लैपिड ने भी प्रधानमंत्री पर सुरक्षा मुद्दों को चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. लेकिन बुधवार सुबह फ्लाईदुबई विमान में पायलट पर हमला होने के बाद सरकार के सहयोगियों ने कहा कि नेतन्याहू की चेतावनी सही साबित हुई.
लैपिड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि मंगलवार रात प्रधानमंत्री के साथ हुई सुरक्षा ब्रीफिंग में विमान जैसी किसी घटना का कोई जिक्र नहीं था. उन्होंने कहा कि इस घटना को नेतन्याहू की चेतावनी से जोड़ना सस्ती राजनीति है.
UAE दौरे के बाद फिर उठे सुरक्षा सवाल
यह विवाद नेतन्याहू के संयुक्त अरब अमीरात के अचानक हुए दौरे के सिर्फ तीन दिन बाद सामने आया. नेतन्याहू ने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से करीब एक घंटे मुलाकात की थी.
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यह दौरा उस रिपोर्ट के बीच हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि यूएई के राष्ट्रपति ने 7 अक्टूबर से पहले नेतन्याहू को हमास की ओर से युद्ध की तैयारी की चेतावनी दी थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई. एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, नेतन्याहू के दौरे का एक मकसद इन रिपोर्टों को लेकर यूएई से सार्वजनिक सफाई मांगना था. हालांकि, नेतन्याहू के कार्यालय ने इस रिपोर्ट को फेक न्यूज बताया.
नेतन्याहू कार्यालय के मुताबिक, बैठक में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने और क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा हुई. फ्लाईदुबई घटना या नेतन्याहू की सुरक्षा चेतावनी से इस दौरे का कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है. हालांकि, दोनों घटनाओं के एक ही समय में सामने आने से इजरायल में सुरक्षा को लेकर पुरानी सियासी बहस फिर तेज हो गई है.