मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होता नहीं दिख रहा है. ईरान ने एक बार फिर कतर पर भीषण मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया है. कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान ने कतर पर 92 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन दागे हैं.
ईरान कतर पर घंटों तक हमला करता रहा और हमले के पहले चरण में 83 मिसाइलें और 12 ड्रोन डिटेक्ट हुए. दो मिसाइलें अल उदैद एयरपोर्ट पर भी गिरे. एक ईरानी ड्रोन ने प्रारंभिक चेतावनी रडार स्टेशन को भी निशाना बनाया.
कतर में हुए इस मिसाइल और ड्रोन हमलों में अब तक 16 लोगों के घायल होने की जानकारी है. वहीं, एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है.
कतर ने किया 81 मिसाइलों और 11 ड्रोन रोकने का दावा
कतर के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि शनिवार सुबह करीब 11:39 बजे पहली मिसाइल का पता चला. इसके बाद कई घंटों तक हमलों का सिलसिला चलता रहा. कतर के एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 81 मिसाइलों और 11 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया. हालांकि, हमलों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि दो बैलिस्टिक मिसाइलें कतर के अल उदैद एयर बेस पर जा गिरीं.
मिसाइल के मलबे से खाद्य भंडार में आग लग गई, जो पांच दूसरे भंडारों तक फैल गई. कतर ने ईरानी हमले को संप्रभुता का घोर उल्लंघन बताया है.
संयुक्त राष्ट्र से कतर ने मांगी मदद
कतर ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 (जवाब देने का अधिकार सुरक्षित) का हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखा है. इसमें कतर ने कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और ओमान के खिलाफ ईरान की आक्रामकता की निंदा की है. दोहा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वो इस संकट को रोकने के लिए हस्तक्षेप करें.
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इसके अलावा, एक ईरानी ड्रोन ने अर्ली वार्निंग रडार स्टेशन को भी निशाना बनाया. राहत की बात ये रही कि एयर बेस पर हुए हमले में कोई हताहत नहीं हुआ. इसके साथ ही देशभर में मलबे गिरने की 114 घटनाएं दर्ज की गईं.
'ईरान इन अपराधों पर चुप नहीं रहेगा और...'
दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्कूल पर हमले की निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अस्पतालों पर हमले जीवन पर सीधा प्रहार हैं. स्कूलों पर हमले राष्ट्र के भविष्य को निशाना बनाते हैं. मरीजों और बच्चों को निशाना बनाना मानवतावादी सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है. दुनिया को इसकी निंदा करनी चाहिए. मैं अपने शोक से जूझ रहे राष्ट्र के साथ खड़ा हूं. ईरान इन अपराधों पर चुप नहीं रहेगा और न ही इनके आगे झुकेगा.'