ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि इजरायल झूठी साजिशें रचकर जंग को और भड़का सकता है. उनका यह बयान मिस्र में हुए एक ड्रोन हमले के बाद आया है जिसमें दो जहाजों में आग लग गई थी. अराघची का कहना है कि इस हमले को ईरान से जोड़ने से पहले पूरी सच्चाई की जांच होनी चाहिए. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह हमला किसने किया.
ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग मिडिल ईस्ट के कई मोर्चों पर तेज हो चुकी है. अराघची ने साफ किया कि इजरायल पहले भी इस तरह की साजिशें रचता रहा है ताकि जंग में तेजी लाई जा सके और दूसरे देशों को भी इसमें घसीटा जा सके. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि किसी भी हमले की जिम्मेदारी तय करने से पहले जांच का इंतजार किया जाए.
अब बात करते हैं उस हमले की जिसके बाद यह बयान आया. बुधवार को मिस्र के एक बंदरगाह पर दो जहाजों पर ड्रोन हमला हुआ जिसके बाद वहां आग लग गई. एक समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने इस हमले की जानकारी दी.
एम्ब्रे के मुताबिक, जिन दो जहाजों पर हमला हुआ उनमें से एक अमेरिका के मालिकाना हक वाला फ्लोटिंग स्टोरेज प्लांट है और दूसरा ग्रीस की कंपनी का टैंकर है. दोनों जहाज नेचुरल गैस ले जाने के काम में इस्तेमाल होते हैं.
मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि इस आग में किसी के घायल होने की खबर नहीं है. मंत्रालय ने यह साफ नहीं किया कि आग किस वजह से लगी. मिस्र अमेरिका का करीबी सहयोगी देश है और मिडिल ईस्ट में शांति बहाल करने में अहम भूमिका निभाता रहा है. अभी तक चल रही इस जंग में मिस्र उन गिने चुने देशों में शामिल है जो सीधे सैन्य कार्रवाई से बचा हुआ है. अगर यह साबित हो जाता है कि यह हमला ईरान या उसके सहयोगियों ने किया है तो इसे जंग के और बड़े स्तर पर फैलने के तौर पर देखा जाएगा.
इनपुट: प्रेस टीवी