ब्रिक्स समिट से दूर रहने वाला बांग्लादेश अब खीझ निकाल रहा है. ढाका में विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि हम हर समय नाश्ते, लंच और डिनर के दौरान सिर्फ़ भारत के बारे में ही नहीं सोच सकते. हमें इससे आगे निकलना होगा. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ अपने रिश्तों को नए सिरे से शुरू करना चाहता है, नए तरीके परिभाषित करना चाहता है और पिछले 15 सालों के रिश्तों के तौर-तरीकों से आगे बढ़ना चाहता है. उन्होंने कहा कि इसलिए, प्रधानमंत्री तारिक रहमान को किसी मल्टीलेटरल कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर जाने के बजाय द्विपक्षीय यात्रा करनी चाहिए.
ध्यान रखने की बात यह है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ब्रिक्स सम्मेलन में नई पहुंचे थे.
हुमायूं कबीर ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री आमंत्रित नहीं थे इसलिए जाना संभव नहीं है.
साथ ही बांग्लादेश शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मामला भी उठा रहा है. रविवार को हुमांयू कंबीर ढाका में पत्रकारों के सवाल का जवाब दे रहे थे. बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे तो हुमायूं कबीर ने खीझते हुए कहा, "आपका सवाल सही नहीं है. भारत के प्रति अपने मोह से बाहर निकलिए. भारत बस एक और पड़ोसी देश है जिसके साथ हम अच्छे द्विपक्षीय संबंध चाहते हैं.
आगे उन्होंने कहा, "हम हर समय नाश्ते, लंच और डिनर के दौरान सिर्फ़ भारत के बारे में ही नहीं सोच सकते. अपने देश के बारे में सोचिए. जब भी हमें किसी के साथ द्विपक्षीय या बहुपक्षीय चर्चा करने की ज़रूरत होगी, तो हम जरूर करेंगे. लेकिन सबके साथ अलग से मिलना मुमकिन नहीं है. हालांकि हमें कई देशों से निमंत्रण मिलेंगे और हम कई देशों के साथ चर्चा भी करेंगे."
हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में शामिल होने के लिए 21 सितंबर को ढाका से रवाना होंगे.
विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ अपने रिश्तों को नए परिदृश्य में शुरू करना चाहता है और पिछले 15 साल के तौर तरीकों से आगे बढ़ना चाहता है.
दरअसल बांग्लादेश इशारा करना चाहता है कि बांग्लादेश और भारत के संबंध वैसे नहीं रहेंगे जैसे शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान थे.
हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान को किसी बहुपक्षीय कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर जाने के बजाय द्विपक्षीय यात्रा करनी चाहिए.
जब हुमायूं कबीर से चीफ व्हिप के उस बयान के बारे में पूछा गया जहां उन्होंने भारत के साथ हुए 101 समझौतों की दोबारा जांच की बात कही थी तो हुमायूं कबीर ने कहा कि इन समझौतों की संसदीय प्रक्रिया के ज़रिए जांच और समीक्षा की जा रही है.
न्योते पर क्या है विवाद
बांग्लादेश के 2026 BRICS समिट में शामिल होने को लेकर विवाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भेजे गए न्योते की प्रकृति पर था. भारत की ओर से उन्हें समिट के आउटरीच सेशन में BIMSTEC के चेयरमैन के तौर पर बुलाया गया था, न कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में. ढाका ने इसी प्रोटोकॉल पर आपत्ति जताई और कहा कि निमंत्रण सीधे प्रधानमंत्री को नहीं था, इसलिए तारिक रहमान के लिए समिट में जाना उचित नहीं होगा.
बांग्लादेश की आपत्ति को खारिज करते हुए भारत ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS समिट के आउटरीच सेशन के लिए बाकायदा आमंत्रित किया गया था, लेकिन निमंत्रण उनकी हैसियत BIMSTEC के मौजूदा चेयरमैन के रूप में था. भारत ने इसके साथ ही तारिक रहमान को अलग से द्विपक्षीय भारत यात्रा का निमंत्रण भी दिया था.