ब्रिक्स सम्मेलन 2026, 18वां वार्षिक सम्मेलन है, जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष भारत कर रहा है. ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS Summit) 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है.
इससे पहले वर्ष 2025 में ब्राजील के पास इसकी अध्यक्षता थी और उसने 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी. भारत की अध्यक्षता में 2026 में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाना है.
अध्यक्ष देश के तौर पर भारत की जिम्मेदारी केवल शिखर सम्मेलन आयोजित करने तक सीमित नहीं है. सालभर होने वाली विभिन्न मंत्री स्तरीय बैठकों और कार्य समूहों की बैठकों की मेजबानी और समन्वय भी भारत की जिम्मेदारियों में शामिल है.
ब्रिक्स 2026 की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत जनवरी में हुई. भारत सरकार ने 13 जनवरी 2026 को ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता के लिए आधिकारिक लोगो और वेबसाइट जारी की. इसके साथ ही भारत की अध्यक्षता में होने वाली विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों की तैयारियों को आगे बढ़ाया गया.
14 और 15 मई 2026 को ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक नई दिल्ली में हुई. यह बैठक आगामी नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित की गई महत्वपूर्ण मंत्री स्तरीय बैठकों में शामिल थी.
ब्रिक्स में नए सदस्य देशों के शामिल होने के बाद संगठन का दायरा पहले की तुलना में बढ़ा है. भारत की अध्यक्षता में वर्ष 2026 के दौरान सदस्य देशों के बीच विभिन्न विषयों पर बैठकें और चर्चा आयोजित की जा रही हैं. 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इसी अध्यक्षता कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा है.
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पांच सदस्य देश हैं- ब्राजील (Brazil), रूस (Russia), भारत (India), चीन (China) और दक्षिण अफ्रीका (South Africa), जिसमें राष्ट्राध्यक्षों या सरकार के प्रमुख भाग लेते हैं.
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वाले ताकतवर देश भी सुरक्षा परिषद में बैठे हैं, जिससे यह संस्था पंगु हो गई है. उन्होंने कहा कि बहुध्रुवीय होती दुनिया में असरदार बने रहने के लिए सुरक्षा परिषद समेत संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं में सुधार अब सबसे जरूरी है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची वांग यी से बातचीत के लिए बीजिंग पहुंचे, जहां चीन ने अमेरिका और ईरान से टकराव कम करने की अपील की. बीजिंग ने साफ कहा कि तनाव यमन और लाल सागर तक नहीं बढ़ना चाहिए और वॉशिंगटन-तेहरान को बाकी मुद्दों पर गंभीर बातचीत फिर से शुरू करनी चाहिए.
चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति से जुड़े बयान का स्वागत किया है. चीन का कहना है भारत-चीन संबंध किसी तीसरे देश से प्रभावित नहीं होने चाहिए. नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन से इतर मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक के बाद बीजिंग ने इसे रिश्तों को आगे बढ़ाने वाला अहम कदम बताया.
दिल्ली में ब्रिक्स 2026 समिट का रविवार को समापन तो हो गया. लेकिन देश में इस पर अलग ही सियासत शुरू हो गई है. ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति बनी, जो भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है. मगर कांग्रेस समेत विपक्ष ने इस पूरे आयोजन को लेकर तरह तरह के सवाल उठाए हैं.
दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में 2 दिन के ब्रिक्स सम्मेलन संपन्न हो चुका है. मेहमान अपने वतन लौट चुके हैं. लेकिन अब भारत में इस पर सियासत की एंट्री हो गई है. ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियों से लेकर खान-पान तक पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. देखिये पूरी खबर.
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली आए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपने भारतीय ड्राइवर से मिलने के लिए वापस लौटते दिख रहे हैं.
BRICS समिट के दौरान ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल दीपक की हथियारों के साथ बनाई गई रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है.
ब्रिक्स समिट में नई दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति बनी और भारत ने पहलगाम हमले की निंदा तसे ईरान-यूएई मुलाकात जैसे नतीजे दर्ज कराए. युद्ध, व्यापारिक तनाव और बड़े मतभेदों के बीच भारत ने ब्रिक्स को खुला पश्चिम-विरोधी मंच बनने से रोका और वैश्विक दक्षिण के मुद्दों पर फोकस बनाए रखा.
BRICS समिट में पीएम मोदी ने अपनी कूटनीति से खुद को सबसे बड़ा 'धुरंधर' साबित किया है. समिट के दौरान 3 दिनों में पीएम मोदी ने 15 राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की. दिल्ली डिक्लेरेशन को सर्वसम्मति से पास कराया, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई. चीन के साथ विवादों के बावजूद दोस्ती का हाथ बढ़ाया. देखें ये स्पेशल शो.
पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री के BRICS समिट पर पोस्ट को लेकर पवन खेड़ा ने तंज कसा है. शास्त्री ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए समिट की फोटो शेयर की थी, जबकि खेड़ा ने 2012 के BRICS समिट की तस्वीर शेयर कर रवि शास्त्री पर निशाना साधा है. खेड़ा ने पीएमओ पर भी प्रचार पोस्ट लिखवाने का आरोप लगाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान तीन दिनों में 15 औपचारिक द्विपक्षीय बैठकें कीं और कई अनौपचारिक बातचीत भी कीं.
ब्रिक्स सम्मेलन में न आने का खुन्नस बांग्लादेश अब निकाल रहा है. बांग्लादेश ने कहा है कि वो भारत के साथ अपने संबंधों को वैसा नहीं रहने देगा जैसा शेख हसीना के कार्यकाल में थे. बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि हम ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर पर हमेशा भारत के बारे में नहीं सोच सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए उन्हें न्योता भेजा गया था.
BRICS समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर अहम बात कही. उन्होंने कहा कि इनका हथियार की तरह इस्तेमाल BRICS देशों की साझा तरक्की में रुकावट डाल सकता है. साथ ही उन्होंने टेक्नोलॉजी को अपनाने में सभी देशों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया.
BRICS समिट के दूसरे दिन रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंट मार्कोस जूनियर और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी के साथ द्विपक्षीय बैठकें की.
दुनिया के दो हिस्सों में युद्ध का माहौल हो, जंग की तपिश में विश्व की अर्थव्यवस्थाओं का दम घुट रहा हो, उस वक्त भारत में शांति के बुद्ध संदेश के साथ BRICS 2026 का आयोजन हुआ. 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में जो दिल्ली घोषणा पत्र जारी हुआ उसमें 5 बड़ी बातें थी.
दिल्ली में ब्रिक्स 2026 समिट का रविवार को समापन तो हो गया. लेकिन देश में इस पर अलग ही सियासत शुरू हो गई है. ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति बनी, जो भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है. मगर कांग्रेस समेत विपक्ष ने इस पूरे आयोजन को लेकर तरह तरह के सवाल उठाए हैं. इसी पर देखें आज का दंगल.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने भारत की ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की सफल मेजबानी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों ने साझा घोषणा पत्र को स्वीकार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है.
BRICS समिट के डिनर मेन्यू को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. इस डिनर में केवल शाकाहारी खाना परोसा गया. इस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 80% भारतीयों के नॉनवेज खाने का दावा करते हुए सरकार की आलोचना की.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई कोशिशों के बावजूद भी यूक्रेन वॉर को बंद करवाने में सफल नहीं रहे हैं. अब इस कोशिश में पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने मदद करने की पेश की है. हाल में ही पीएम मोदी ने रूस को कहा भी था कि अब अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ने का समय है.
BRICS समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्लोबल साउथ, अंतरराष्ट्रीय नियमों, UN, AI और आर्थिक सहयोग को लेकर चीन का विजन सामने रखा. उन्होंने BRICS देशों से एकजुट होकर दुनिया में स्थिरता और विकास के लिए काम करने की अपील की.