अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच वहां की सरकार से अपनी सीमाएं तुरंत बंद करने की सलाह दी है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, "माइग्रेंट्स ने फ्रांस पर कब्जा कर लिया है. उन्हें जल्दी से बॉर्डर बंद करने चाहिए." फ्रांस में महंगाई, घरों के बढ़ते किराये और जीवनयापन के खर्च को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के दौरान कई जगह हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं.
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकॉर्नू ने कहा है कि उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों से कुछ शहरों में आंशिक और स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लगाने को कहा है. इसका मकसद कारोबार और दुकानों को हिंसा से बचाना है. प्रदर्शनों के दौरान कई इलाकों में हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सड़क हिंसा देखने को मिली. प्रधानमंत्री ने सोमवार को इंटरमिनिस्टीरियल क्राइसिस सेंटर की बैठक भी बुलाई है.
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हिंसा के दौरान हजारों लोग गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया. करीब 1,000 पुलिसकर्मी और सुरक्षा कर्मी घायल हुए. देश के कई हिस्सों में दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुईं. रविवार को भी गिरफ्तारियों और लूटपाट की खबरें सामने आईं.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि हालात का अनुमान लगाने और खुफिया जानकारी जुटाने में नाकामी रही. हालांकि, उन्होंने गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज को पद से हटाने की मांग खारिज कर दी. गृह मंत्री ने भी माना कि हिंसा के दौरान पुलिस का नियंत्रण कमजोर पड़ा.
24 और 31 अक्टूबर को फिर प्रदर्शन का ऐलान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनों के पीछे सक्रिय समन्वय समूह ने सोमवार को आंदोलन के दूसरे चरण का ऐलान किया. इसके तहत 24 और 31 अक्टूबर को प्रदर्शन किए जाएंगे. फ्रांस के अलावा इटली, पुर्तगाल और स्पेन में भी घरों और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं.
यूरोपीय संघ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया
यूरोपीय संघ ने फ्रांस में आगजनी, लूटपाट और लोगों व सार्वजनिक इमारतों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया. हालांकि, EU ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को हिंसा करने वालों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
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यूरोपीय आयोग सोशल मीडिया और वीडियो साझा करने वाले प्लेटफॉर्म पर भी नजर रख रहा है. आयोग ने कहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को हिंसा भड़काने या अपराध से जुड़ी सामग्री की जानकारी मिलने पर संबंधित राष्ट्रीय अधिकारियों को सूचित करना चाहिए. आयोग ने फ्रांस के अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर मदद देने की बात भी कही है.