ट्रैफिक नियम तोड़ने पर लोगों ने जुर्माना भरा, रसीद भी मिली, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में रकम बकाया दिखाई गई. केरल के कासरगोड जिले में ई-चालान से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया है. आरोप है कि एक पूर्व पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने 2023 से 2025 के बीच वसूले गए जुर्माने के 2.96 लाख रुपये का गबन किया. अब विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो आरोपी के बैंक खातों और उसके रिश्तेदारों के खातों की भी जांच कर रहा है.
आरोपी अरुण मोहन इस दौरान कासरगोड जिले के बेकल, मेलपरंद और वेल्लारिकुंडु पुलिस थाने में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे. जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर अपने सरकारी पद का गलत इस्तेमाल किया.
आरोप है कि उसने ई-चालान मशीन में वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर गलत दर्ज किए और लोगों से जुर्माने की रकम लेने और रसीद जारी करने के बावजूद सिस्टम में भुगतान को बकाया दिखाया. एफआईआर के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर इस रकम का गबन किया और इसे अपने निजी कामों में इस्तेमाल किया.
इससे सरकार को 2,96,750 रुपये का नुकसान हुआ है. वीएसीबी अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की ओर से जारी चालानों में गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद ब्यूरो ने खुद संज्ञान लेकर केस दर्ज किया. अधिकारियों के मुताबिक, मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.
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अधिकारी और रिश्तेदारों के बैंक खातों की जांच
वीएसीबी के अधिकारी अरुण मोहन और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों की विस्तार से जांच कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि जिन पुलिस थानों में अरुण मोहन तैनात थे, वहां उनके साथ काम करने वाले दूसरे पुलिस अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. इस मामले में वीएसीबी के पुलिस उपाधीक्षक वी के विश्वंभरन शिकायतकर्ता हैं, जबकि इंस्पेक्टर श्रीदासन एम वी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वीएसीबी अब 2023 से 2025 के बीच ई-चालान से वसूली गई रकम के कथित गबन, बैंक खातों और संबंधित पुलिस अधिकारियों के बयानों की जांच कर रही है. भ्रष्टाचार का यह मामला सामने आने के बाद से पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है. फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है.